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खुशी नव वर्ष अबके हर कुटी में खूब लाना तुम...
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चंडीगढ़। नव वर्ष सभी लोगों के लिए खुशियां लेकर आए ऐसी की कविताओं से कवियाें ने यूटी गेस्ट हाउस में समा बांध दिया। नव वर्ष के आगमन पर यूटी गेस्ट हाउस में चंडीगढ़ साहित्य अकादमी की ओर से कवि सम्मेलन करवाया गया। इसमें सिटी के कवियाें ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हुए अपनी कविताओं से वहां उपस्थित हर श्रोता की तालियां बटोरीं। कार्यक्रम में चंडीगढ़ के कवियों ने अपनी रचनाओं को पेश किया। कार्यक्रम का संचालन माधव कौशिक ने किया। इस मौके पर उन्होंने वर्ष 2019 में प्रकाशित पुस्तकों को श्रेष्ठ पुस्तक पुरस्कार के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी पुस्तकों को 15 जनवरी तक अवश्य जमा कर दें।
हरसत नरेलवी ने नव वर्ष पर अपनी पंक्तियां सुनाई.. सभी को मान अपना साथ सबके मुस्कराना तुम, परिंदे चहके हर सू राग ऐसा गुनगुनाना तुम। गया जो साल अच्छा था नहीं, हसरत बुरा कहना, खुुशी नव वर्ष अबके हर कुटी में खुब लाना तुम। इसके बाद उन्होंने किसी भी बात पर दंगा कराना ठीक है क्या, अगर मतभेद हो तो घर जलाना ठीक है क्या। अगर रह हो तो फिर रहबरी मकसद रहे बस, परिंदों को हवा में बरगलाना ठीक है क्या.. सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। साहित्यकार प्रेम विज ने अपनी रचनाएं सुनाई। इनमें नए साल के जिक्र के साथ मौजूदा प्याज की स्थिति पर भी अपनी बात रखी। इसके बाद अन्य कवियों ने भी अपनी कविताएं सुनाईं। इस अवसर पर बीडी कालिया हमदम, सुरेंद्र गिल, अमरजीत अमर, योजना रावत, संतोष धीमान, सुशील हसरत नरेलवी, प्रेम विज, राजेश पंकज, अशोक सब्बरवाल, विजय कपूर मौजूद थे।
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हरसत नरेलवी ने नव वर्ष पर अपनी पंक्तियां सुनाई.. सभी को मान अपना साथ सबके मुस्कराना तुम, परिंदे चहके हर सू राग ऐसा गुनगुनाना तुम। गया जो साल अच्छा था नहीं, हसरत बुरा कहना, खुुशी नव वर्ष अबके हर कुटी में खुब लाना तुम। इसके बाद उन्होंने किसी भी बात पर दंगा कराना ठीक है क्या, अगर मतभेद हो तो घर जलाना ठीक है क्या। अगर रह हो तो फिर रहबरी मकसद रहे बस, परिंदों को हवा में बरगलाना ठीक है क्या.. सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। साहित्यकार प्रेम विज ने अपनी रचनाएं सुनाई। इनमें नए साल के जिक्र के साथ मौजूदा प्याज की स्थिति पर भी अपनी बात रखी। इसके बाद अन्य कवियों ने भी अपनी कविताएं सुनाईं। इस अवसर पर बीडी कालिया हमदम, सुरेंद्र गिल, अमरजीत अमर, योजना रावत, संतोष धीमान, सुशील हसरत नरेलवी, प्रेम विज, राजेश पंकज, अशोक सब्बरवाल, विजय कपूर मौजूद थे।
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