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सीएम खट्टर ने बनाई जाट आंदोलन से निपटने की रणनीति, इन्हें सौंपा जिम्मा

Wed, 25 Jan 2017 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 25 Jan 2017 12:31 AM IST
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Khattar created a strategy to deal with the Jat agitation, the task assigned to them
मुख्यमंत्री खट्टर - फोटो : फाइल फोटो

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रस्तावित जाट आंदोलन से पार पाने के लिए मंत्रिमंडल सहयोगियों को भी मैदान में उतार दिया है। सीएम ने सभी मंत्रियों को जाट आंदोलन के दौरान अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में रहने के निर्देश दिए हैं। 

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जाटों से बातचीत कर आंदोलन खत्म कराने और विपरीत परिस्थितियों में माहौल संभालने का जिम्मा भी उन पर छोड़ा गया है। सरकार किसी सूरत में इस बार जाट आंदोलन को भड़कने नहीं देना चाहती। 
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इसलिए पुलिस-प्रशासन व सुरक्षा बलों के साथ ही जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों की भी मदद ली जा रही है। मंगलवार को यहां मंत्रिमंडल की अनौपचारिक बैठक में भी इस पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि सीएम इस बार मंत्रियों की भी अग्निपरीक्षा लेने के मूड में हैं, चूंकि बीते वर्ष फरवरी में हुए जाट आंदोलन के दौरान काफी मंत्री चंडीगढ़ में ही डेरा डाले हुए थे। 
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उधर, मुख्यमंत्री ने मंगलवार शाम भाजपा विधायक दल की औचक बुलाई बैठक में सभी विधायकों को अपने हलकों में रहने के लिए कहा। साथ ही जाट आरक्षण आंदोलन से निपटने के लिए विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र के जाट नेताओं से बातचीत करने के निर्देश दिए गए। 

परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि कानून के दायरे में रहकर आंदोलन का अधिकार सभी को है। आरक्षण का मामला कोर्ट में है, इस पर सरकार फिलहाल कोई निर्णय नहीं ले सकती। जाट नेता वार्ता के लिए आएं, उससे कोई इंकार नहीं है।

31 को बुलाई कैबिनेट बैठक
मनोहर सरकार ने 31 मार्च को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में जाट आरक्षण के मामले में कुछ अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

पुलिस-प्रशासन सुनिश्चित करेंगे दिल्ली की पेयजल आपूर्ति

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सीएम - फोटो : अमर उजाला

फरवरी के आंदोलन के दौरान हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का एलान सरकार ने किया था। इस पर अभी अमल नहीं हुआ है। मंत्रिमंडल बैठक में इस पर चर्चा संभव है। कैबिनेट की मीटिंग में बजट सत्र बुलाए जाने पर भी फैसला हो सकता है।

पुलिस-प्रशासन सुनिश्चित करेंगे दिल्ली की पेयजल आपूर्ति
सरकार ने करनाल और सोनीपत में दिल्ली को होने वाली पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की कमान पुलिस-प्रशासन को सौंपी है। साथ ही अन्य सभी प्रमुख जन महत्व की परियोजनाओं और जीटी रोड पर यातायात एवं परिवहन डिपो को सुरक्षित रखने की जिम्मेवारी भी दी है। सभी विभाग भी आवश्यकतानुसार अपने कर्मचारियों व पुलिस की सहायता से प्रतिष्ठानों और सेवाओं की सुरक्षा करेंगे।

जनसंपर्क अभियान चलाएं डीसी, एसपी, आईजी
सरकार ने 29 जनवरी से प्रस्तावित जाट आंदोलन के मद्देनजर शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए पुलिस व प्रशासन को जनसंपर्क कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए हैं। 
सभी प्रशासकीय सचिवों, मंडलायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, उपायुक्तों, पुलिस आयुक्तों और अधीक्षकों को लिखे पत्र में स्थिति पर कड़ी नजर रखने और तत्काल आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा गया है। 

मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को अपराह्न 2 बजे तक अपने-अपने मंडलों या जिलों की स्थिति की रिपोर्ट निर्धारित प्रपत्र में मुख्य सचिव को भेजनी होगी। साथ ही रिपोर्ट सचिवालय नियंत्रण कक्ष में भी भेजना अनिवार्य है। 

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