गांव को अल्टीमेटम, नई बहू को तलाक दो, नहीं तो बहिष्कार
गांव के भाईचारे वाले गौत्र की लड़की से शादी करने वाले युवक के परिवार को क्षेत्र के नौ गांवों ने सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी दी है। मामला हिसार के बरवाला गांव और सुलखनी गांव का है।
मामले को लेकर बुलाई गई बूरा खाप पंचायत ने पूरे गांव को अल्टीमेटम दिया कि आप नौ गांवों के साथ भाईचारा रखेंगे या फिर उस व्यक्ति के परिवार से जिसने परंपरा तोड़कर शादी की है।
इस बारे में बुधवार को सुलखनी गांव में फिर से पंचायत होगी। इसके बाद इस मामले में अंतिम एलान किया जाएगा। बरवाला खंड के सुलखनी गांव निवासी मास्टर बलवंत सांगा ने 5 दिसंबर को अपने बेटे नवीन की शादी कैथल के गांव सारण निवासी मंजू के साथ की थी। मंजू बूरा गौत्र की है।
सुलखनी के आसपास बसे ढांड, गुराना, राजली, घिराय, खरखड़ी, मिर्जापुर खानपुर आठ गांव में बूरा गौत्र का बाहुल्य है। सुलखनी सहित इन सभी 9 गांवों का आपस में भाईचारा है। सुलखनी गांव में सांगा गौत्र है।
बूरा गौत्र के लोग सांगा गौत्र को भाईचारे में मानते हैं। इस कारण बूरा गौत्र की लड़की इस सुलखनी में बहू बनाकर नहीं लाई जाती। गत 14 दिसंबर को 9 गांव बूरा खाप प्रधान हरनायण बूरा को पता चला कि सुलखनी में बूरा गौत्र की लड़की को बहू बनाकर लाया गया है।
लड़के के पिता पंचायत में अपना पक्ष रखने पहुंचे
इसके चलते मंगलवार को गांव में पंचायत बुलाई गई। लड़के के पिता मास्टर बलवंत भी अपना पक्ष रखने पहुंचे। इस दौरान बूरा खाप के लोगों ने कहा कि पीढियों पुरानी पंरपरा को तोड़ना सही नहीं है।
गांव में भाईचारा कायम रखने में सहयोग करें। खाप के लोगों ने सुलखनी के लोगों से कहा कि या तो मास्टर बलवंत के परिवार का बहिष्कार करो या आपके पूरे गांव के साथ बूरा खाप का भाईचारा समाप्त हो जाएगा।
मेरे बेटे ने कोई प्रेम विवाह नहीं किया। पूरे रीति रिवाज के साथ तीन गौत्र छोड़कर गांव से 100 किलोमीटर दूर शादी की। शादी के बारे में भी पहले कार्ड भी बांटे। तब किसी ने आपत्ति नहीं की। ऐसे में मेरा क्या कसूर है?
- बलवंत सांगा, सुलखनी, हिसार
सुलखनी गांव के साथ बूरा खाप का दशकों से भाईचारा चला आ रहा है। बलवंत सिंह के बेटे का विवाह बूरा गौत्र की लड़की से गलत हुआ। अब सुलखनी गांव तय करे कि उसे क्या करना है।
- हरनारायण बूरा, प्रधान , बूरा खाप हिसार