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Chandigarh: दस साल पुराने ऑडी हिट-रन केस में जिला अदालत में पेश होगा 'खंभा', तीन लड़कों की हुई थी मौत
Fri, 06 Oct 2023 02:00 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
परीक्षित सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
परीक्षित सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 06 Oct 2023 02:00 AM IST
सार
दस साल पहले जुलाई 2013 में गजियाबाद का रहने वाले संजीव रस्तोगी, साहिल, रौनक और कुलदीप टैक्सी करके टवेरा गाड़ी में सवार हो धर्मपुर से चंडीगढ़ आ रहे थे। टवेरा गाड़ी को हस्त बहादुर चला रहा था। कार सेक्टर-17,18 की डिवाइडिंग रोड पर पहुंची तो तेज रफ्तार ऑडी कार डिवाइर पर लगे खंबे को तोड़ते हुए सड़क की दूसरी ओर चल रही टवेरा गाड़ी से टकरा गई।
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chandigarh road
- फोटो : फाइल
विस्तार
चंडीगढ़ के दस साल पुराने चर्चित ऑडी हिट एंड रन केस में सेक्टर-17 थाने में केस प्रॉपर्टी के तौर पर रखे गए खंभे को आज जिला अदालत में पेश किया जाएगा। सेक्टर-17/18 डिवाइडिंग रोड पर वर्ष 2013 में हुए इस खौफनाक हादसे में टवेरा गाड़ी चालक समेत कार में सवार दो छात्रों की मौत हो गई थी।
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बताया जा रहा है कि केस में खंभा एक अहम सबूत साबित होगा। पुलिस की ओर से केस को लेकर बताई गई कहानी के तहत, तेज रफ्तार ऑडी कार ने डिवाइडर पर लगे खंभे को तोड़ते हुए सड़क की दूसरी ओर चल रही टवेरा गाड़ी को टक्कर मारी थी। मामले में आरोपी पक्ष के वकील की ओर से हादसे में टूटे बताए जा रहे खंभे को देखकर केस से संबंधित गवाहों से कुछ सवाल करने को लेकर अदालत में आवेदन किया गया था। अदालत ने छह अक्तूबर को खंभे को कोर्ट में पेश करने को कहा था।
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ऑडी कार की टक्कर लगने से खंभा टूट गया था,तब से इसे केस प्रॉपर्टी के तौर पर सेक्टर-17 थाने के मालखाने में रखा गया है। केस से संबंधित सबूतों से कोई छेड़छाड़ न हो, इसलिए सड़क के जिस स्थान से यह खंभा टूटा था वहां आज तक कोई दूसरा नया खंभा नहीं लगाया गया है। इस मामले में सेक्टर-17 थाना पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या व सबूत मिटाने समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
पुलिस ने पांच लोगों को बनाया आरोपी, दो हो चुके केस से डिस्चार्ज..
पुलिस ने उक्त मामले में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया था। जिनमें से पूर्व कैबिनेट मंत्री इंदरजीत सिंह जीरा के बेटे प्रभजीत व ढकोली के हरसिमरनजीत के खिलाफ कोई सबूत न मिलने के चलते केस से डिस्चार्ज किया जा चुका है। अब इस केस में जिन तीन आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304, 337, 338, 279, 201, 212 के तहत केस चल रहा है। उनमें पंचकूला का रहने वाला रजत कपूर, मोहाली का रहने वाला त्रिविक्रम सिंह और खरड़ का रहने वाला गुरप्रीत सिंह शामिल है।
जिस खंभे से टकरा कर हुआ हादसा, उसे देखकर गवाहों से करने हैं सवाल...
दस साल पुराने इस केस में अगस्त माह में हुई सुनवाई के दौरान मामले के मुख्य आरोपी रजत कपूर के वकील एएस सुखीजा की ओर से एक आवेदन दाखिल किया गया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि केस को लेकर पुलिस की ओर बताई गई कहानी के अनुसार हादसे के वक्त ऑडी कार खंभे से टकराई थी। इस लिए वह कार की टक्कर से टूटे बताए जा रहे खंभे को देखकर केस से संबंधित गवाहों से कुछ सवाल करना चाहते हैं। दरअसल इस केस में पुलिस की ओर बताई गई कहानी के तहत तेज रफ्तार ऑडी कार ने डिवाइडर पर लगे खंभे को तोड़ते हुए सड़क की दूसरी ओर चल रही टवेरा गाड़ी को टक्कर मारी और यह भयानक हादसा हो गया।
इस लिए दस साल पहले चर्चाओं में रहा केस..
दस साल पहले जुलाई 2013 में गजियाबाद का रहने वाले संजीव रस्तोगी, साहिल, रौनक और कुलदीप टैक्सी करके टवेरा गाड़ी में सवार हो धर्मपुर से चंडीगढ़ आ रहे थे। टवेरा गाड़ी को हस्त बहादुर चला रहा था। देर रात कार जैसे ही सेक्टर-17,18 की डिवाइडिंग रोड पर पहुंची उसी दौरान तेज रफ्तार ऑडी कार डिवाइर पर लगे खंबे को तोड़ते हुए सड़क की दूसरी ओर चल रही टवेरा गाड़ी से टकरा गई। यह हादसा इतना भयानक था कि टवेरा में फंसे घायलों और मृतक के शवों को बाहर निकालने के लिए पुलिस कटर की मदद से टवेरा गाड़ी कटवाना पड़ा तब जाकर सभी को बाहर निकाला जा सका था।
इस हादसे में टवेरा चालक हस्त बहादुर और उसमें सवार साहिल और कुलदीप समेत कुल तीन लोगों की मौत हो गई थी। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पुलिस ने घटना के बाद मौके से फरार हुए ऑडी चालक के बजाए हादसे के पीछे टवेरा चालक की गलती बता दी। इसके बाद सेक्टर-17 थाना पुलिस ने ऑडी के ड्राइवर पर कार्रवाई करने के बजाय, जान गंवा चुके टवेरा के ड्राइवर पर केस दर्ज कर दिया। जिसके बाद घटना को लेकर हादसे में घायल बचे युवक और अन्य युवकों के परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया। जिसके बाद में सीएफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर स्पष्ट किया तब जाकर ऑडी के अज्ञात ड्राइवर पर केस दर्ज किया गया था।