{"_id":"648fdc51b8cd2ec02f034bb6","slug":"khalistan-supporter-hardeep-singh-nijjar-shot-dead-in-canada-2023-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab: KLF के आतंकी हरदीप निज्जर की कनाडा में हत्या, पंजाब में हिंदू नेताओं की टारगेट किलिंग में था वांटेड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab: KLF के आतंकी हरदीप निज्जर की कनाडा में हत्या, पंजाब में हिंदू नेताओं की टारगेट किलिंग में था वांटेड
Mon, 19 Jun 2023 12:42 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 19 Jun 2023 12:42 PM IST
सार
हरप्रीत सिंह निज्जर मूल रूप से जालंधर के पास का रहने वाला था, लेकिन वह काफी समय से कनाडा में रह रहा था। वह कई प्रतिबंधित सिख संगठनों से जुड़ा हुआ था। पंजाब में कुछ समय पहले हुई हिंदू नेताओं की टारगेट किलिंग में भी उसका हाथ था।
विज्ञापन
खालिस्तान समर्थक हरदीप निज्जर की हत्या।
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रतिबंधित आतंकी संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (केएलएफ) के प्रमुख व वांछित आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में गोली मार कर हत्या कर दी गई है। सरी के गुरु नानक सिख गुरुद्वारा साहिब के परिसर में हरदीप निज्जर पर दो युवकों ने गोलियां बरसाईं, उसका शव गाड़ी में मिला। आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
निज्जर पंजाब में हुई हिंदू नेताओं की टारगेट किलिंग में वांछित आरोपियों से एक था। वह पंजाब समेत पूरे भारत में माहौल बिगाड़ने के लिए फंडिंग और हथियारों से पाकिस्तान में बैठे आतंकियों की मदद करता था। वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में शामिल था। उस पर एजेंसी ने दस लाख का इनाम घोषित किया हुआ था।
हरदीप सिंह निज्जर मूलरूप से पंजाब के जालंधर जिले के फिल्लौर का रहने वाला था, लेकिन 1997 से कनाडा में रह रहा था। उसके परिवार में पत्नी व दो बच्चे हैं। वह काफी समय से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था, लेकिन पंजाब में हुई टारगेट किलिंग में उसकी भूमिका सामने आने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उस पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। इसके बाद उसके खिलाफ चार केस दर्ज थे। एनआईए की जांच में सामने आया था कि आरोपी आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) और अन्य आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए फंडिंग करता था। इसके लिए वह हवाला चैनलों का प्रयोग करता था। उसका कई अन्य आतंकियों से भी गहरा संबंध था।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Punjab: सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925 में संशोधन करेगी पंजाब सरकार, मान विस में लाएंगे प्रस्ताव, विरोध शुरू
2020 में एनआईए ने कुर्क की थी संपत्ति
2020 में एनआईए ने उसकी 11 कनाल 13 मरले जमीन को कुर्क किया था। जालंधर के फिल्लौर में एक डेरा संचालक की हत्या का केस भी उस पर था, जिसमें एनआईए ने उसको इनामी आतंकी घोषित किया था। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों में कई खालिस्तान समर्थक आतंकियों की हत्या हुई है। पाकिस्तान में केएलएफ के आतंकी हरमीत सिंह हैप्पी और खालिस्तान कमांडो फोर्स के परमजीत सिंह पंजवड़ की हत्या हुई थी। इसके अलावा खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े अतांकी हरविंदर सिंह रिंदा की मौत हुई थी। फिर खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के प्रमुख अवतार सिंह खांडा की ब्रिटेन के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। इससे पहले कनिष्क कांड में शामिल आतंकी रिपुदमन सिंह की भी मौत हो गई थी।
रेफरेंडम 2020 में निभाई थी अहम भूमिका
एनआईए की जांच में सामने आया है कि हरदीप सिंह निज्जर सिख्स फॉर जस्टिस से भी जुड़ा हुआ था। वह दुनिया भर में सिख समुदाय के लोगों को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहा है। उसने रेफरेंडम-2020 में सक्रिय भूमिका निभाई थी। निज्जर अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और कनाडा में भारतीय दूतावासों के बाहर भारत विरोधी प्रदर्शनों का आयोजन करता था। 2018 में उसे नजरबंद भी किया गया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया। इन प्रदर्शनों में वह भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाता था। सिख्स फॉर जस्टिस को साल 2019 में भारत के गृह मंत्रालय ने बैन कर दिया था।
जबरदस्ती बना था गुरुद्वारे का अध्यक्ष
हरदीप सिंह निज्जर ने सरी के गुरु नानक सिख गुरुद्वारे का अध्यक्ष पद भी जबरन हासिल किया था। गत कुछ सालों में निज्जर ने भारत के महावाणिज्य दूतावास के सामने लगातार विरोध-प्रदर्शन में भाग ले रहा था। वहीं, वह कनाडा के राजनेताओं का भी चहेता था। जब एनआईए न उस पर कार्रवाई की शुरू की थी तो उसने वहां के प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। साथ की कहा था कि उस पर गलत तरीके से भारत में कार्रवाई हो रही है। वह किसी के खिलाफ नहीं है।
विज्ञापन
निज्जर पंजाब में हुई हिंदू नेताओं की टारगेट किलिंग में वांछित आरोपियों से एक था। वह पंजाब समेत पूरे भारत में माहौल बिगाड़ने के लिए फंडिंग और हथियारों से पाकिस्तान में बैठे आतंकियों की मदद करता था। वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में शामिल था। उस पर एजेंसी ने दस लाख का इनाम घोषित किया हुआ था।
विज्ञापन
हरदीप सिंह निज्जर मूलरूप से पंजाब के जालंधर जिले के फिल्लौर का रहने वाला था, लेकिन 1997 से कनाडा में रह रहा था। उसके परिवार में पत्नी व दो बच्चे हैं। वह काफी समय से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था, लेकिन पंजाब में हुई टारगेट किलिंग में उसकी भूमिका सामने आने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उस पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। इसके बाद उसके खिलाफ चार केस दर्ज थे। एनआईए की जांच में सामने आया था कि आरोपी आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) और अन्य आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए फंडिंग करता था। इसके लिए वह हवाला चैनलों का प्रयोग करता था। उसका कई अन्य आतंकियों से भी गहरा संबंध था।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Punjab: सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925 में संशोधन करेगी पंजाब सरकार, मान विस में लाएंगे प्रस्ताव, विरोध शुरू
2020 में एनआईए ने कुर्क की थी संपत्ति
2020 में एनआईए ने उसकी 11 कनाल 13 मरले जमीन को कुर्क किया था। जालंधर के फिल्लौर में एक डेरा संचालक की हत्या का केस भी उस पर था, जिसमें एनआईए ने उसको इनामी आतंकी घोषित किया था। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों में कई खालिस्तान समर्थक आतंकियों की हत्या हुई है। पाकिस्तान में केएलएफ के आतंकी हरमीत सिंह हैप्पी और खालिस्तान कमांडो फोर्स के परमजीत सिंह पंजवड़ की हत्या हुई थी। इसके अलावा खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े अतांकी हरविंदर सिंह रिंदा की मौत हुई थी। फिर खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के प्रमुख अवतार सिंह खांडा की ब्रिटेन के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। इससे पहले कनिष्क कांड में शामिल आतंकी रिपुदमन सिंह की भी मौत हो गई थी।
रेफरेंडम 2020 में निभाई थी अहम भूमिका
एनआईए की जांच में सामने आया है कि हरदीप सिंह निज्जर सिख्स फॉर जस्टिस से भी जुड़ा हुआ था। वह दुनिया भर में सिख समुदाय के लोगों को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहा है। उसने रेफरेंडम-2020 में सक्रिय भूमिका निभाई थी। निज्जर अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और कनाडा में भारतीय दूतावासों के बाहर भारत विरोधी प्रदर्शनों का आयोजन करता था। 2018 में उसे नजरबंद भी किया गया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया। इन प्रदर्शनों में वह भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाता था। सिख्स फॉर जस्टिस को साल 2019 में भारत के गृह मंत्रालय ने बैन कर दिया था।
जबरदस्ती बना था गुरुद्वारे का अध्यक्ष
हरदीप सिंह निज्जर ने सरी के गुरु नानक सिख गुरुद्वारे का अध्यक्ष पद भी जबरन हासिल किया था। गत कुछ सालों में निज्जर ने भारत के महावाणिज्य दूतावास के सामने लगातार विरोध-प्रदर्शन में भाग ले रहा था। वहीं, वह कनाडा के राजनेताओं का भी चहेता था। जब एनआईए न उस पर कार्रवाई की शुरू की थी तो उसने वहां के प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। साथ की कहा था कि उस पर गलत तरीके से भारत में कार्रवाई हो रही है। वह किसी के खिलाफ नहीं है।