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Hindi News ›   Chandigarh ›   Kathua Gangrape Case Verdict in 4 June Hearing of case in Pathankot Court

कठुआ सामूहिक दुष्कर्म व हत्याकांड में 4 जून को आ सकता है फैसला, बचाव पक्ष बोला- बेकसूर हैं आरोपी

Mon, 03 Jun 2019 01:20 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पठानकोट(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पठानकोट(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 03 Jun 2019 01:20 PM IST
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Kathua Gangrape Case Verdict in 4 June Hearing of case in Pathankot Court
कठुआ कांड के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
बहुचर्चित कठुआ सामूहिक दुष्कर्म व हत्याकांड की पीड़िता को चार जून को इंसाफ मिल सकता है। हालांकि बचाव पक्ष ने आरोपियों को बेकसूर बताया है। लेकिन डिफेंस कौंसिल के वकील एके साहनी ने मीडिया को वीडियो जारी करके संभावना जताई कि केस में फैसला चार जून को आ सकता है।
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उन्हें जानकारी मिली है कि केस की सुनवाई कर रहे जिला एवं सेशन जज डॉ. तेजविंद्र सिंह ने फैसले के लिए शायद 4 जून निर्धारित की है। साहनी ने कहा कि यह वह मामला है, जिसके फैसले का देशवासियों को इंतजार है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस केस में बेकसूर बचेंगे और असली आरोपियों को सजा मिलेगी।
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वहीं जिला अटार्नी जेके चोपड़ा ने बताया कि अदालत में 15 जून से लेकर 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी, जिसके चलते केस का फैसला गर्मियों की छुट्टियों से पहले होने की संभावना है।
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जानिए, केस में शुरू से अब तक क्या कैसे हुआ

जम्मू के कठुआ में गांव रसाना की 8 साल की बच्ची 10 जनवरी 2018 को लापता हो गई थी। बच्ची को काफी तलाशने के बाद पिता ने 12 जनवरी को हीरानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। लापता होने के 7 दिनों बाद 17 जनवरी को जंगल में बच्ची की लाश क्षत-विक्षत हालत में मिली।

बच्ची अपने परिवार के साथ रहती थी। बच्ची खानाबदोश मुस्लिम समुदाय से थी। उस बकरवाल समुदाय से, जो कठुआ में अल्पसंख्यक है। बच्ची के साथ हुई हैवानियत के विरोध में परिजनों ने प्रदर्शन किया और हाईवे जाम कर दिया। 18 जनवरी को एक आरोपी का सुराग लगा और उसे दबोच लिया गया।

आरोपी से पूछताछ के बाद सभी आरोपियों का सुराग लग गया। मामले में आठ आरोपी हैं- मंदिर का संरक्षक सांझी राम, उसका बेटा विशाल और भतीजा, एसपीओ सुरेन्द्र कुमार, विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया, सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, हेड कांस्टेबल तिलक राज और प्रवेश कुमार।

22 जनवरी को पुलिस ने इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी। इस बीच कुछ लोग आरोपियों के पक्ष में खड़े हो गए। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (जम्मू) भी इस आंदोलन में शरीक हो गया। नतीजतन 9 अप्रैल को चार्जशीट दाखिल नहीं हो पाई। फिर क्राइम ब्रांच ने 10 अप्रैल को चार्जशीट दाखिल की।

वकीलों ने इसका विरोध करते हुए 11 अप्रैल और 12 अप्रैल को पूरे जम्मू-कश्मीर का बंद बुलाया और वे कठुआ जिला जेल के बाहर लगातार प्रदर्शन करते रहे। पीड़ित परिवार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला कठुआ अदालत से पठानकोट की सेशन कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया।

इन दिनों केस की सुनवाई पंजाब के पठानकोट में चल रही है। जिला एवं सत्र जज तेजविंदर सिंह इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं। कोर्ट ने 8 जून 2018 को सात आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के आरोप तय किए थे। केस में कुल 221 गवाह बनाए गए हैं।

55वें गवाह के रूप में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर पेश हुए। 56वें गवाह के रूप में फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के एक्सपर्ट को पेश किया गया। जब से केस की सुनवाई शुरू हुई, तब से अब तक सभी तारीखों पर सुनवाई की वीडियोग्राफी कराई गई है। सातों आरोपी भी इस समय गुरदासपुर की जेल में रखे गए हैं।
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