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Hindi News ›   Chandigarh ›   karontha controversy and sant rampal issue

आरपार के मूड में अनुयायी, संत को जाने नहीं देंगे

Wed, 12 Nov 2014 09:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Wed, 12 Nov 2014 09:30 PM IST
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karontha controversy and sant rampal issue

बरवाला के सतलोक आश्रम में संत रामपाल की गिरफ्तारी का मामला पेचीदा होता जा रहा है। जिला प्रशासन गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर रहा है तो उस पर संत के अनुयायियों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

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आश्रम के बाहर पहरे पर खड़े संत के अनुयायियों का कहना है कि अब तो वे किसी हालात में संत की गिरफ्तारी नहीं होने देंगे। अगर संत खुद गिरफ्तार होना चाहेंगे तो उन्हें भी पहले हमारी लाशों के ऊपर से गुजरना होगा। उन्होंने कहा कि संत की तबीयत खराब होने के बावजूद जिला प्रशासन जोर-जबरदस्ती गिरफ्तार करना चाहते हैं। गेट पर पहरा दे रहे अनुयायी बुधवार को आरपार के मूड में आ गए।
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पुलिस फोर्स भेजी बरवाला और उकलाना: जैसे-जैसे 17 नवंबर की तारीख नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे जिला प्रशासन भी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर रहा है। बुधवार को जिला प्रशासन हरकत में दिखाई दिया। पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस की कंपनियां बरवाला और उकलाना थाना भेजी गईं। हालांकि इन कंपनियों को आगामी निर्देश तक वहीं तैनात रखा गया है।

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पहरे पर बच्चे, महिलाएं और ‌निजी कमांडो

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पुलिस प्रशासन ने बरवाला और उकलाना की तरफ नाकेबंदी कर दी। इसके अलावा ढाणी प्रेम और बनभोरी रोड पर नाके लगाए गए। अहतियात के तौर पर पूरी व्यवस्थाएं की गईं। बड़े वाहनों को लिंक रोड से निकाला गया। 10 नवंबर की तरह मुख्य मार्गों से रूट डायवर्ट कर दिए गए।

पिछले सात दिनों से सतलोक आश्रम पर संत रामपाल की सुरक्षा में बैठे उनके अनुयायी दिन-रात पहरा दे रहे हैं। हर दिन महिलाएं और बच्चे भी उसी अंदाज में गेट के सामने बैठे जाते हैं। ब्लैक कमांडो चारों तरफ से घेरा दे लेते हैं।

पुलिस की तर्ज पर संत की अपनी एक अलग फोर्स है। इनके पास वॉकी-टॉकी सेट और हथियार हैं। पत्थरबाजी से बचने के लिए पूरे प्रबंध हैं। चारों तरफ वॉकी-टॉकी लिए कमांडों इधर-उधर चक्कर लगा रहे हैं। सुरक्षा इतनी कड़ी है कि वहां पहुंचने वाले हर नए चेहरे से पूछताछ की जाती है।

दंगा कर सकते हैं रामपाल के अनुयायी

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जिला प्रशासन ने अफरा-तफरी में बुधवार को सतलोक आश्रम के आसपास 500 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू कर दी। मगर, अचानक पता नहीं क्या हुआ, पूरी मीडिया को जिला प्रशासन के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर की तरफ से कॉल कर उसे प्रकाशित न करने की बात कही गई।

धारा-144 लागू करने के पीछे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करने का हवाला दिया गया है। धारा 144 के अनुसार आश्रम के 500 मीटर की दूरी तक पांच या पांच से अधिक लोग एकत्रित नहीं हो सकते और वह अपने साथ किसी तरह का अस्त्र या शस्त्र भी नहीं रख सकते।

सतलोक आश्रम के बाहर धारा 144 लागू करने के लिए एसपी ने डीसी को पत्र लिखा था। पुलिस अधीक्षक ने धारा-144 लागू करने के लिए जो पत्र लिखा है, उसमें संत रामपाल के अनुयायी सात नवंबर से लगातार सतलोक आश्रम में हैं, ये लिखा गया है। अनुयायी संत रामपाल को गिरफ्तारी से बचाने के लिए दंगा कर सकते हैं।

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