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CM सिटी बनेगी अब स्मार्ट सिटी, 5 सालों में होगा 1200 करोड़ से ज्यादा का निवेश
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
Updated Sat, 24 Jun 2017 09:24 AM IST
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सीएम सिटी बनेगी अब स्मार्ट सिटी
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हरियाणा की सीएम सिटी अब स्मार्ट सिटी बनेगी। करनाल को आधुनिक शहर बनाने के लिए आगामी पांच वर्षों में 1211.04 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। देश के शहरों को स्मार्ट बनाने की दिशा में केंद्र ने अगला कदम बढ़ाया है।
हरियाणा से करनाल के अलावा उत्तर प्रदेश से इलाहाबाद, झांसी, अलीगढ़, उत्तराखंड से देहरादून, जम्मू-कश्मीर से जम्मू व श्रीनगर और हिमाचल प्रदेश से शिमला समेत 30 शहरों को स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किया है। इन शहरों को अगले पांच वर्षों में करीब 57 हजार करोड़ के निवेश से आधुनिक बनाया जाएगा। विज्ञान भवन में शुक्रवार को स्मार्ट सिटी की तीसरी सूची जारी करते हुए केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने बताया कि दो साल पहले 100 शहरों के लिए स्मार्ट सिटी मिशन लांच किया गया था। इसमें से 90 का चयन हो गया है। बचे 10 शहरों की सूची आने वाले समय में जारी की जाएगी।
इसके लिए मेरठ, रायबरेली, गाजियाबाद, सहारनपुर, रामपुर समेत 19 शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा होगी। इन शहरों को अपना प्लान नए सिरे से बनाना होगा। बेहतर प्रदर्शन वाले 10 शहर मिशन में शामिल होंगे। नायडू ने बताया कि तीसरी सूची में केरल का त्रिवेंद्रम सबसे ऊपर रहा। दूसरे पायदान पर छत्तीसगढ़ का नया रायपुर है, जबकि निचले तीन पायदानों पर उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद, अलीगढ़ और सिक्किम के गंगटोक रहे।
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वेंकैया नायडू के मुताबिक, इन शहरों का कायाकल्प करने के लिए 57,393 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसमें से आम लोगों की रजामंदी से 46,879 करोड़ रुपये में बुनियादी क्षेत्र का विकास होगा, जबकि 10,514 करोड़ रुपये तकनीकी विकास पर खर्च होंगे। नायडू ने बताया कि नई सूची जारी होने के बाद कुल 90 शहरों में 1,91,155 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
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हरियाणा से करनाल के अलावा उत्तर प्रदेश से इलाहाबाद, झांसी, अलीगढ़, उत्तराखंड से देहरादून, जम्मू-कश्मीर से जम्मू व श्रीनगर और हिमाचल प्रदेश से शिमला समेत 30 शहरों को स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किया है। इन शहरों को अगले पांच वर्षों में करीब 57 हजार करोड़ के निवेश से आधुनिक बनाया जाएगा। विज्ञान भवन में शुक्रवार को स्मार्ट सिटी की तीसरी सूची जारी करते हुए केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने बताया कि दो साल पहले 100 शहरों के लिए स्मार्ट सिटी मिशन लांच किया गया था। इसमें से 90 का चयन हो गया है। बचे 10 शहरों की सूची आने वाले समय में जारी की जाएगी।
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इसके लिए मेरठ, रायबरेली, गाजियाबाद, सहारनपुर, रामपुर समेत 19 शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा होगी। इन शहरों को अपना प्लान नए सिरे से बनाना होगा। बेहतर प्रदर्शन वाले 10 शहर मिशन में शामिल होंगे। नायडू ने बताया कि तीसरी सूची में केरल का त्रिवेंद्रम सबसे ऊपर रहा। दूसरे पायदान पर छत्तीसगढ़ का नया रायपुर है, जबकि निचले तीन पायदानों पर उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद, अलीगढ़ और सिक्किम के गंगटोक रहे।
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वेंकैया नायडू के मुताबिक, इन शहरों का कायाकल्प करने के लिए 57,393 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसमें से आम लोगों की रजामंदी से 46,879 करोड़ रुपये में बुनियादी क्षेत्र का विकास होगा, जबकि 10,514 करोड़ रुपये तकनीकी विकास पर खर्च होंगे। नायडू ने बताया कि नई सूची जारी होने के बाद कुल 90 शहरों में 1,91,155 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
स्मार्ट शहरों पर खर्च होने वाली राशि
Karnal City
स्मार्ट शहरों पर खर्च होने वाली राशि
शहर राशि (करोड़ रुपये)
करनाल 1211.04
इलाहाबाद 2239.48
अलीगढ़ 2566.86
झांसी 1728
देहरादून 1347
शिमला 2730.27
जम्मू 3464.49
श्रीनगर 3634.27
शहर राशि (करोड़ रुपये)
करनाल 1211.04
इलाहाबाद 2239.48
अलीगढ़ 2566.86
झांसी 1728
देहरादून 1347
शिमला 2730.27
जम्मू 3464.49
श्रीनगर 3634.27
स्मार्ट सिटी में यह होंगी सुविधाएं
Karnal city
स्मार्ट सिटी में यह होंगी सुविधाएं
- स्मार्ट सिटी में पानी और बिजली की पर्याप्त व्यवस्था।
- साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन, परिवहन के बेहतरीन साधन, बेहतर कनेक्टिविटी, ई-गवर्नेंस, नागरिकों की सुरक्षा और सुशासन में नागरिकों की भागीदारी।
- ट्रैफिक सुरक्षा और अन्य ढांचागत व आधारभूत आवश्यकताओं की पूर्ति।
- युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर।
- स्मार्ट मोबिलिटी की व्यवस्था।
- पैदल यात्री पथ, स्मार्ट रोड, विवेकपूर्ण यातायात प्रबंधन प्रणाली, ट्रैफिक सिग्नल, पार्किंग, स्मार्ट साइन, सिटी गाइड मैप तथा पब्लिक बाइक शेयरिंग सिस्टम।
- स्टार्म वाटर की उचित निकासी, बेहतर सीवरेज व्यवस्था और ट्रीटमेंट प्लांट से अशुद्ध पानी की री-साइक्लिंग, स्मार्ट शौचालय, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट।
- पार्कों में ओपन एयर जिम व फ्री वाई-फाई, सड़कों व गलियों में एलईडी लाइट और मलिन बस्तियों में व्यापक स्तर पर मूलभूत सुविधाएं।
- स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के खर्च में क्षेत्र आधारित विकास के लिए 1061.05 करोड़ रुपये और पैन सिटी सोल्यूशन के लिए 149.99 करोड़ रुपये शामिल।
- स्मार्ट सिटी में पानी और बिजली की पर्याप्त व्यवस्था।
- साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन, परिवहन के बेहतरीन साधन, बेहतर कनेक्टिविटी, ई-गवर्नेंस, नागरिकों की सुरक्षा और सुशासन में नागरिकों की भागीदारी।
- ट्रैफिक सुरक्षा और अन्य ढांचागत व आधारभूत आवश्यकताओं की पूर्ति।
- युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर।
- स्मार्ट मोबिलिटी की व्यवस्था।
- पैदल यात्री पथ, स्मार्ट रोड, विवेकपूर्ण यातायात प्रबंधन प्रणाली, ट्रैफिक सिग्नल, पार्किंग, स्मार्ट साइन, सिटी गाइड मैप तथा पब्लिक बाइक शेयरिंग सिस्टम।
- स्टार्म वाटर की उचित निकासी, बेहतर सीवरेज व्यवस्था और ट्रीटमेंट प्लांट से अशुद्ध पानी की री-साइक्लिंग, स्मार्ट शौचालय, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट।
- पार्कों में ओपन एयर जिम व फ्री वाई-फाई, सड़कों व गलियों में एलईडी लाइट और मलिन बस्तियों में व्यापक स्तर पर मूलभूत सुविधाएं।
- स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के खर्च में क्षेत्र आधारित विकास के लिए 1061.05 करोड़ रुपये और पैन सिटी सोल्यूशन के लिए 149.99 करोड़ रुपये शामिल।