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कारगिल शहीद की बेटी बोली, मैं सोल्जर हूं, भारत-पाक में शांति चाहती हूं
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर।
Updated Wed, 04 May 2016 11:14 AM IST
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जालंधर के शहीद कैप्टन मंदीप की 19 साल की बेटी का वीडियो वायरल
- फोटो : amarujala
जालंधर की रहने वाली गुरमेहर जब 2 साल की थी, तब उनके पिता कैप्टन मंदीप हैरी शहीद हो गए थे। इसके बाद से कुछ होश संभालने के बाद हर पाकिस्तानी और हर मुस्लिम से नफरत करती रही। गुरमेहर कौर सबको अपने पिता की मौत का जिम्मेदार समझती रहती थी। एक बार तो गुरमेहर कौर ने बचपन में एक समुदाय की महिला पर इसलिए हमला करने की कोशिश भी की लेकिन मां ने उसको समझाया कि यह लोग तुम्हारे पापा की मौत के जिम्मेदार नहीं है।
गुरमेहर अब 19 साल की हुई तो उसको समझ में आया कि उसके पिता कारगिल में शहीद हुए थे, युद्ध उसके पिता की मौत का कारणथा। गुरमेहर ने अब वीडियो बनाकर इसको शेयर किया है, जिसमें उसने शांति की अपील की है। गुरमेहर कौर ने वीडियो में कहा कि उसको मां ने समझाया कि ऐसा नहीं है और उनके पिता की मौत का जिम्मेदार पाकिस्तान नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच होने वाली जंग थी। मां की इस सीख के चलते उन्हें भी इसका अहसास हुआ। इसके बाद ही उन्होंने राम सुब्रमनियन के साथ मिलकर यह विडियो बनाया और दोनों देशों की सरकारों से यह गुहार लगाई कि दोनों देशों के ज्यादातर लोग इस तनाव के खिलाफ हैं और इसे जल्द से जल्द खत्म किया जाए।
1999 के करगिल युद्ध में अपने पिता को खो चुकी गुरमेहर कौर भारत-पाक के बीच शांति चाहती हैं। उस वक्त गुरमेहर सिर्फ 2 साल की थीं। उन्होंने अपनी बात कहने के लिए एक अनूठा वीडियो बनाया है जिसमें गुरमेहर खुद कुछ नहीं बोल रही पर वह पोस्टर्स के जरिए अपनी बात कह रही हैं। उनका 4.23 सेंकेंड का यह वीडियो बेहद भावुक कर देने वाला है। गुरमीत ने इस वीडियो में कुल 30 पोस्टर्स का इस्तेमाल किया है।
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पोस्टर्स के माध्यम से गुरमेहर कहती हैं कि मेरे पास ऐसी कई यादें हैं जिनसे मैं बता सकती हूं कि पिता नहीं होने पर कैसा लगता है। मुझे यह भी याद है कि मैं पाकिस्तान और पाकिस्तानियों से कितनी नफरत करती रही क्योंकि उन्होंने मेरे पिता को मार दिया। इसी नफरत के कारण मैंने किस तरह एक मुस्लिम महिला को छुरा मारने का प्रयास किया था जब मैं 6 साल की थी। वह लिखती हैं कि तब उनकी मां ने उन्हें समझाया कि पाकिस्तान ने उनके पिता को नहीं मारा बल्कि उस जंग ने उनके पिता को मारा जो भारत और पाक के बीच हुई थी। गुरमेहर कहती हैं कि आज मैं एक सोल्जर हूं, ठीक अपने पिता की तरह। पर मैं भारत और पाकिस्तान के बीच शांति के लिए लड़ती हूं।
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गुरमेहर अब 19 साल की हुई तो उसको समझ में आया कि उसके पिता कारगिल में शहीद हुए थे, युद्ध उसके पिता की मौत का कारणथा। गुरमेहर ने अब वीडियो बनाकर इसको शेयर किया है, जिसमें उसने शांति की अपील की है। गुरमेहर कौर ने वीडियो में कहा कि उसको मां ने समझाया कि ऐसा नहीं है और उनके पिता की मौत का जिम्मेदार पाकिस्तान नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच होने वाली जंग थी। मां की इस सीख के चलते उन्हें भी इसका अहसास हुआ। इसके बाद ही उन्होंने राम सुब्रमनियन के साथ मिलकर यह विडियो बनाया और दोनों देशों की सरकारों से यह गुहार लगाई कि दोनों देशों के ज्यादातर लोग इस तनाव के खिलाफ हैं और इसे जल्द से जल्द खत्म किया जाए।
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1999 के करगिल युद्ध में अपने पिता को खो चुकी गुरमेहर कौर भारत-पाक के बीच शांति चाहती हैं। उस वक्त गुरमेहर सिर्फ 2 साल की थीं। उन्होंने अपनी बात कहने के लिए एक अनूठा वीडियो बनाया है जिसमें गुरमेहर खुद कुछ नहीं बोल रही पर वह पोस्टर्स के जरिए अपनी बात कह रही हैं। उनका 4.23 सेंकेंड का यह वीडियो बेहद भावुक कर देने वाला है। गुरमीत ने इस वीडियो में कुल 30 पोस्टर्स का इस्तेमाल किया है।
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पोस्टर्स के माध्यम से गुरमेहर कहती हैं कि मेरे पास ऐसी कई यादें हैं जिनसे मैं बता सकती हूं कि पिता नहीं होने पर कैसा लगता है। मुझे यह भी याद है कि मैं पाकिस्तान और पाकिस्तानियों से कितनी नफरत करती रही क्योंकि उन्होंने मेरे पिता को मार दिया। इसी नफरत के कारण मैंने किस तरह एक मुस्लिम महिला को छुरा मारने का प्रयास किया था जब मैं 6 साल की थी। वह लिखती हैं कि तब उनकी मां ने उन्हें समझाया कि पाकिस्तान ने उनके पिता को नहीं मारा बल्कि उस जंग ने उनके पिता को मारा जो भारत और पाक के बीच हुई थी। गुरमेहर कहती हैं कि आज मैं एक सोल्जर हूं, ठीक अपने पिता की तरह। पर मैं भारत और पाकिस्तान के बीच शांति के लिए लड़ती हूं।