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क्रिकेटर कपिल देव की किताब में पढ़िए गुरुद्वारों का पावन इतिहास, ऐसे आया लिखने का आइडिया
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, सुल्तानपुर लोधी (कपूरथला)
Updated Sat, 24 Nov 2018 09:55 AM IST
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कपिल देव की पुस्तक का विमोचन
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पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने प्रकाश पर्व के मौके पर अपनी किताब का विमोचन किया। यह किताब गुरुद्वारों पर लिखी गई है। कपिल देव ने किताब लिखने के पीछे की पूरी कहानी बताई है। कपिल देव ने बताया कि, मैं गाड़ी में पंजाब से निकल रहा था, नींद में था तो अचानक एक चपेड़ मुझको लगी। नींद टूट गई, मन में धारणा आई कि सिखों का इतना लंबा चौड़ा इतिहास है। ऐतिहासिक गुरुद्वारे हैं, इन पर लिखा जरूर जाना चाहिए। फिर मैंने अपने दोस्त दुबई के अजय से बात की और फोटोग्राफर किरपाल की मदद ली।
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इसके बाद पांच साल लग गए ‘वी द सिक्खस’ लिखने में। यह बात कहते ही क्रिकेटर कपिल देव भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अजय और किरपाल के साथ कई देशों का दौरा किया और वहां पर गुरुद्वारों का इतिहास जाना। पुस्तक में काबुल, अफ्रीका, पाकिस्तान, यूरोप समेत कई देशों के गुरुद्वारा साहिब की जानकारी है। इसमें कुल 300 फोटो भी शामिल किए गए हैं।
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अभी इसको रिलीज नहीं करना था लेकिन सरकार 549 साल को शताब्दी समारोह के रूप में मना रही है तो तय किया किया कि इसको गुरु नानक देव के प्रकाशोत्सव पर लोकार्पण किया जाएगा। पुस्तक जल्द ही ऑनलाइन बिक्री के लिए आ जाएगी। कपिल देव से करतापुर कॉरिडोर में क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को क्रेडिट देने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि क्रेडिट तो उन सबको मिलना चाहिए, जिन्होंने इसके लिए काम किया है।
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मैं किसी सियासत का हिस्सा नहीं हूं। लोकसभा चुनाव सिर पर हैं क्या उनका चुनाव लड़ने का इरादा है, इस पर कपिल हंसकर बोले कि मैं सियासत से काफी दूर हूं। क्या पुस्तक लिखने के लिए हर देश का दौरा किया, इस पर कपिल ने कहा कि नहीं, काफी गुरुद्वारों में तो गया था कई स्थानों का इतिहास मंगवा लिया था।