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पंजाबी में गाने का मजा ही कुछ और है: कैलाश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 23 Feb 2014 08:53 AM IST
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पंजाबी भाषा से खास लगाव है, जो पहला गाना गाया वो भी पंजाबी में ही था। ये बात प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक कैलाश खैर ने अपनी गायकी से जुड़े अनुभव सांझा करते हुए शनिवार दोपहर को होटल माउंट व्यू में कही। कैलाश रोज फेस्टिवल के दूसरे दिन अपने गीतों की प्रस्तुति देने आए थे।
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कैलाश ने आते ही चंडीगढ़ की ठंड के बारे में बात की और कहा कि सुबह जैसे ही चंडीगढ़ पहुंचा तो बहुत ठंड लगी। चंडीगढ़ में आना काफी अच्छा लगता है।
मुंबई और चंडीगढ़ दोनों ही शहर काफी ग्लैमरस हैं, लेकिन खुली जगह होने के कारण यह बहुत खूबसूरत है।
उन्होंने कहा कि 20 भाषाओं में अभी तक गाना गा चुका हूं, लेकिन पंजाबी में गाना बहुत अच्छा लगता है, पहला गाना भी पंजाबी था, जिसके बोल ‘ढोल वजदा, तुंबा वजदा’ थे जो काफी प्रसिद्ध हुआ, इसको लिखने में और कंपोज करने में सिर्फ कुछ देर ही लगी थी और यह गाना तैयार हुआ। पंजाबी में गाने का मजा ही ओर है।
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आजकल बॉलीवुड में कई ऐसे गाने आ रहे हैं जिन्हें एक लंबे समय तक याद रखना मुश्किल हैं, लेकिन कुछ नए बदलाव भी आ रहे हैं जो अच्छे लगते हैं। जब पहली बार क्या सुपरकूल हैं हम फिल्म का गाना ‘तेरी शर्ट का में बटन’ गाने को मिला तो बड़ा अजीब लगा, लेकिन बाद में जब सूना तो काफी अच्छा लगा।
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नए गीतकारों में प्रसून जोशी, अमिताभ भट्टाचार्य बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।