फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   life imprisonment to three former army officers in murder case

High Court: 26 साल बाद मिला इंसाफ, हत्या के मामले में तीन पूर्व सैन्य अधिकारियों को उम्रकैद

Fri, 08 Nov 2024 01:18 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Fri, 08 Nov 2024 01:18 PM IST
सार

वर्ष 2002 में सोनीपत की अदालत ने हत्या मामले में तीन पूर्व सैन्य अधिकारियों को निर्दोष मान कर बरी कर दिया था। वहीं अब पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 

विज्ञापन
life imprisonment to three former army officers in murder case
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

1998 में हुई एक हत्या के मामले में पीड़ित पक्ष को 26 साल बाद इंसाफ मिला है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए तीन पूर्व सैन्य अधिकारियों और एक अन्य को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
विज्ञापन


अभियोजन पक्ष के अनुसार पंचायत चुनाव के दौरान महेंद्र सिंह और राजकुमार के परिवार के बीच विवाद हुआ था। इससे दोनों पक्षों में दुश्मनी पैदा हो गई थी। इसके बाद एक दिन आरोपियों ने पिस्तौल से हमला कर महेंद्र सिंह की हत्या कर दी।
विज्ञापन


2002 में ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में आरोपियों को बरी कर दिया था। इसके खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने पाया कि ट्रायल कोर्ट ने प्रस्तुत प्रासंगिक साक्ष्यों को बेतुका मानते हुए अनदेखा किया है। ट्रायल कोर्ट ने राज कुमार के कथन पर ध्यान दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान पर ध्यान देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि हथियार की बरामदगी प्रत्यक्षदर्शी के बयान पर आधारित है जो महत्वपूर्ण कड़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने कहा कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित मामले में जब अभियुक्त द्वारा हस्ताक्षरित बयान से रिकवरी का साक्ष्य मजबूत होता है। हाईकोर्ट ने आरोपियों को बरी करने के 2002 के सोनीपत कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए सैन्य अधिकारियों द्वारा दी गई दलीलों को खारिज कर दिया। निचली अदालत ने सेना के रिकाॅर्ड और अधिकारियों के बयानों को स्वीकार कर लिया था कि तीनों आरोपित कैप्टन आनंद, युद्धवीर सिंह और राजकुमार अपराध के दिन रुड़की में थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed