जोरदार स्वागत के बीच जस्टिस मुरलीधर ने ली पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जज की शपथ
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दिल्ली हाईकोर्ट से तबादला होकर आए सीनियर जज जस्टिस एस. मुरलीधर ने भारी भीड़ के बीच शुक्रवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पद की शपथ ली। इसके साथ ही पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है कि कोलेजियम में आने वाले तीनों सीनियर जज बाहरी हैं। जस्टिस एस. मुरलीधर बेबाक फैसलों के लिए जाने जाते हैं।
शुक्रवार सुबह 10 बजे हाईकोर्ट के ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में हाईकोर्ट के सभी जजों और भारी संख्या में वकीलों की मौजूदगी में चीफ जस्टिस रवि शंकर झा ने जस्टिस मुरलीधर को पद की शपथ दिलाई। इससे पहले भी कई जज तबादला होकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट आए लेकिन जस्टिस मुरलीधर जैसा शानदार स्वागत किसी अन्य जज का नहीं हुआ।
स्थिति यह थी कि इस दौरान ऑडिटोरियम खचाखच भरा था और बड़ी संख्या में लोग ऑडिटोरियम के बाहर भी खड़े थे। गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट में उनका विदाई समारोह बड़ा शानदार था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। 19 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने जब उनके दिल्ली हाईकोर्ट से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में तबादले के आदेश जारी किए थे तब दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने विरोध भी दर्ज करवाया था।
हाईकोर्ट में नंबर दो होंगे जस्टिस मुरलीधर
जस्टिस एस मुरलीधर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपना पदभार संभालने के बाद चीफ जस्टिस रवि शंकर झा के बाद दूसरे सबसे सीनियर जज होंगे और हाईकोर्ट के कोलेजियम में शामिल हो जाएंगे। चीफ जस्टिस रवि शंकर झा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से आए हैं, जस्टिस राजीव शर्मा उत्तराखंड हाईकोर्ट से आए हैं और अब जस्टिस एस मुरलीधर दिल्ली हाईकोर्ट से आ गए हैं। जस्टिस मुरलीधर ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। वह अब कोर्ट नंबर-2 में बैठेंगे। इससे पहले जस्टिस राजीव शर्मा कोर्ट नंबर- 2 बैठते थे। अब जस्टिस राजीव शर्मा कोर्ट नंबर- 3 में बैठेंगे।
सज्जन कुमार की सजा समेत सुना चुके हैं कई चर्चित फैसले
वर्ष 2018 में जस्टिस एस मुरलीधर ने 1984 में दिल्ली में हुए सिख विरोधी दंगों में सज्जन कुमार को ट्रायल कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के फैसले को पलटते हुए दोषी करार दिया था। इसके अलावा मेरठ में 1987 में हुए दंगों में 42 लोगों की हत्या के मामले में 16 पुलिस कर्मियों को इसका दोषी करार दे उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट में अब 56 जज
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जजों के कुल 85 पद स्वीकृत हैं और फिलहाल हाईकोर्ट में 55 जज कार्यरत हैं। जस्टिस मुरलीधर के पदभार संभालने के बाद हाईकोर्ट में जजों की संख्या 56 हो गई है। इस लिहाज से हाईकोर्ट में फिर भी 29 पद खाली हैं। जस्टिस सुरिंदर गुप्ता 30 मार्च को, जस्टिस आरएन रैना 5 जुलाई को, जस्टिस आरके जैन 1 अक्तूबर को और जस्टिस राजीव शर्मा 8 अक्तूबर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। ऐसे में इस वर्ष के अंत तक जजों के चार और पद खाली हो जाएंगे।