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Haryana Election: ओलंपिक मेडल हारीं पर चुनाव जीत गईं विनेश फोगाट, इस जीत के क्या हैं मायने
Tue, 08 Oct 2024 06:57 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Tue, 08 Oct 2024 06:57 PM IST
सार
Julana Election Result 2024 : हरियाणा विधानसभा चुनाव में जुलाना हॉट सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी पहलवान विनेश फोगाट ने जीत दर्ज की है। विनेश ने भाजपा प्रत्याशी योगेश बैरागी को 6015 वोटों से हराया है।
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जुलाना से जीतीं विनेश फोगाट।
- फोटो : X @BajrangPunia
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विस्तार
पेरिस ओलंपिक में मेडल जीतने के एक कदम से चूकीं भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट अब जींद के जुलाना से विधानसभा चुनाव जीत गई हैं। कांग्रेस ने विनेश को उम्मीदवार बनाया था। विनेश 6015 वोटों के अंतर से जीत हासिल कर विधायक बनी हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी योगेश बैरागी को हराया है। जुलाना की जनता ने विनेश पर भरोसा जताया है। विनेश को कुल 65080 वोट मिले हैं। वहीं दूसरे नंबर पर रहे प्रत्याशी योगश कुमार को 59065 मत पड़े।
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पेरिस ओलंपिक में हारने के बावजूद विनेश का दिल्ली से लेकर हरियाणा तक जोरदार स्वागत हुआ था। इसके बाद वह कांग्रेस में शामिल हो गईं। कांग्रेस ने इस मौके का फायदा उठाया और उन्हें जुलाना से प्रत्याशी घोषित किया। विनेश ने चुनाव में जीत दर्ज की और इससे उनका कद और बढ़ गया है।
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जाति और साहनुभूति का मिला फायदा
जींद जाटों का जिला है। इसे जाटलैंड कहा जाता है। वहीं विनेश की जीत के असल मायने जाटलैंड है। क्योंकि विनेश पहलवान होने के साथ जाट भी हैं। इसलिए जाटों ने विनेश को वोट देकर उनकी जीत पर मुहर लगाई। वहीं, पेरिस ओलंपिक में हारने के बाजवूद उनका एक मेडलिस्ट की तरह स्वागत इस बात को साबित करता है कि हरियाणा की जनता विनेश फोगाट के साथ थी। विनेश को ओलंपिक में हार की सहानुभूति का फायदा चुनाव में मिला है। जाति और पेरिस ओलंपिक की हार की सहानुभूति ने विनेश को विधानसभा तक पहुंचाया है।
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पहलवान होने का भी मिला फायदा
हरियाणा को पहलवानों का प्रदेश भी कहते हैं। विनेश कुश्ती पहलवानों के परिवार से आती हैं। हरियाणा के लोग पहलवानों को खास तवज्जो देते हैं। विनेश को चुनाव में इसका बड़ा फायदा मिला है। विनेश ने कई मंचों पर हरियाणा का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। यही वजह भी रही कि हरियाणा (जुलाना) के लोगों ने विनेश पर भरोसा जताया और उन्हें चुनाव में जीताकर विधानसभा भेजा है।
चाचा महावीर सिंह फोगाट ने सिखाए दांव पेच
30 वर्षीय महिला विनेश फोगाट पहली बार राजनीति के मैदान में उतरीं और जीत भी दर्ज की। विनेश पहलवान परिवार से संबंध रखती हैं। उनकी चचेरी बहनें गीता फोगाट और बबीता कुमारी दोनों कुश्ती पहलवान हैं। उनका परिवार देश के सबसे प्रसिद्ध कुश्ती परिवारों में आता है। विनेश को बहुत कम उम्र में उनके चाचा महावीर सिंह फोगाट ने इस खेल में लाया था। विनेश फोगाट जब महज नौ साल की थी तब उनके पिता का देहांत हो गया था।