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जज नोटकांड में फैसला: सीबीआई कोर्ट से पूर्व जस्टिस निर्मल यादव सहित सभी आरोपी बरी, 16 साल पुराना है मामला
Sat, 29 Mar 2025 04:11 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 29 Mar 2025 04:11 PM IST
सार
16 साल पहले एक प्लाॅट के केस में फैसले के लिए हाईकोर्ट की जज के नाम पर 15 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। महाधिवक्ता का मुंशी नाम में गलती के चलते दूसरी जज के पास चला गया था। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ था।
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पूर्व जस्टिस निर्मल यादव
- फोटो : संवाद
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विस्तार
चंडीगढ़ के सबसे चर्चित 16 साल पुराने 15 लाख की रिश्वत के पूर्व जस्टिस निर्मल यादव जज नोटकांड मामले में सीबीआई कोर्ट में सभी आरोपियों को बरी दिया है। इस मामले में एक आरोपी की पहले ही मौत हो चुकी है।
पिछली सुनवाई में तीन आरोपी रविंद्र सिंह उर्फ रविंद्र भासीन, राजीव गुप्ता और निर्मल सिंह के कोर्ट में आखिरी बयान दर्ज किए गए थे जबकि पूर्व जस्टिस निर्मल यादव ने कोर्ट में अपने लिखित बयान भेजे थे। इसके बाद कोर्ट ने सभी पक्षों की गवाहियां बंद कर फैसले के लिए 29 मार्च तारीख दे दी थी।
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पंचकूला के एक प्लॉट के केस में एकतरफा फैसला देने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जज निर्मल यादव के नाम पर 15 लाख रुपये की रिश्वत ली गई थी। नाम की गलती के चलते महाधिवक्ता संजीव बंसल का मुंशी प्रकाश राम पैसे लेकर हाईकोर्ट की न्यायाधीश निर्मलजीत कौर की कोठी पर चला गया था। चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में हाईकोर्ट की जस्टिस निर्मल यादव समेत पूर्व एडिशनल वकील जनरल संजीव बंसल, बिल्डर राजीव गुप्ता, दिल्ली के बिजनेसमैन रविंदर सिंह भसीन और निर्मल सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। बाद में मामला सीबीआई के पास ट्रांसफर हो गया था।
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पिछली सुनवाई में तीन आरोपी रविंद्र सिंह उर्फ रविंद्र भासीन, राजीव गुप्ता और निर्मल सिंह के कोर्ट में आखिरी बयान दर्ज किए गए थे जबकि पूर्व जस्टिस निर्मल यादव ने कोर्ट में अपने लिखित बयान भेजे थे। इसके बाद कोर्ट ने सभी पक्षों की गवाहियां बंद कर फैसले के लिए 29 मार्च तारीख दे दी थी।
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पंचकूला के एक प्लॉट के केस में एकतरफा फैसला देने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जज निर्मल यादव के नाम पर 15 लाख रुपये की रिश्वत ली गई थी। नाम की गलती के चलते महाधिवक्ता संजीव बंसल का मुंशी प्रकाश राम पैसे लेकर हाईकोर्ट की न्यायाधीश निर्मलजीत कौर की कोठी पर चला गया था। चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में हाईकोर्ट की जस्टिस निर्मल यादव समेत पूर्व एडिशनल वकील जनरल संजीव बंसल, बिल्डर राजीव गुप्ता, दिल्ली के बिजनेसमैन रविंदर सिंह भसीन और निर्मल सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। बाद में मामला सीबीआई के पास ट्रांसफर हो गया था।