मोगा: प्रकाश सिंह बादल बोले- पंजाब को कठपुतलियों वाली सरकार की जरूरत नहीं, पढ़ें- किली चाहलां गांव व शिअद का किस्मत कनेक्शन
शिअद ने दावा किया है कि रैली में दो लाख की भीड़ जुटेगी। रैली का स्थल 100 एकड़ (पंडाल और पार्किंग सहित) में फैला हुआ है।
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शिरोमणि अकाली दल के नेता और पंजाब के पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके प्रकाश सिंह बादल ने किली चाहलां में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिअद-बसपा गठबंधन 1996 में संयुक्त प्रयास के प्रदर्शन को दोहराने के लिए तैयार है। शिरोमणि अकाली दल के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में पार्टी ने पंजाबियों को पारदर्शी, जवाबदेह और समावेशी सरकार देने की कसम खाई।
प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि पंजाबियों के सामने चुनाव सीधा तथा सरल है। बादल ने कहा कि पंजाब को रिमोट से चलने वालों और कठपुतलियों की सरकार की कोई जरूरत नहीं है। जनसभा को संबोधित करते हुए अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने घोषणा की है कि किसानों को उनकी फसल के नुकसान के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ बीमा कवर दिया जाएगा।
जयकारों के बीच उन्होंने यह भी घोषणा की है कि अगली शिअद-बसपा गठबंधन सरकार सरकारी कर्मचारियों के लिए 2004 से पहले की पेंशन योजना को बहाल करेगी। रेत और शराब के कारोबार में एकाधिकार को भी समाप्त किया जाएगा। इसके अलावा सभी धार्मिक स्थलों की बिजली माफ होगी।
मोगा के गांव किली चहलां को शिअद मानती है शुभ
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने मंगलवार को मोगा के गांव किली चहलां में शिअद की रैली कर 2022 के चुनाव का बिगुल बजा दिया। पूर्व मुख्यमंत्री बादल 1996 से लगातार चुनाव से पहले चुनाव प्रचार की शुरुआत किली चहलां में शिअद की रैली कर करते आ रहे हैं। जब 1996 में पूर्व मुख्यमंत्री बादल ने किली चहलां में रैली कर शिअद के चुनाव प्रचार का बिगुल बजाया था तो 1997 में शिअद ने प्रदेश की सता संभाल ली थी लेकिन जब 2002 के चुनाव आए तो उससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री बादल ने किली चहलां से शिअद के चुनाव प्रचार का बिगुल नहीं बजाया तो उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
वर्ष 2007 में जब प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने थे तो उसकी शुरुआत के लिए शिअद ने फिर से 1996 वाली रैली का इतिहास दोहराते हुए किली चहलां के स्थान पर रैली कर चुनाव का बिगुल बजाया था। शिअद ने लगातार दो बार 2007 और 2012 में चुनाव जीत कर प्रदेश की सता संभाली थी लेकिन दस वर्ष सता संभालने के बाद फिर से पूर्व मुख्यमंत्री बादल ने 2002 वाली गलती को 2017 में दोहराया और किली चहलां से शिअद के लिए चुनाव प्रचार का बिगुल नहीं बजाया तो फिर से अकाली दल को 2017 में हार का सामना करना पड़ा था। जिस के बाद अब फिर से अकाली दल ने 2022 के चुनाव के लिए किली चहलां की धरती पर रैली कर चुनाव बिगुल बजाया है। शिरोमणि अकाली दल अपने लिए किली चहलां की धरती को शुभ मानकर चलता है।