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रिवॉल्वर से किस्मत आजमा रहा था पुलिसवाला कि जान चली गई, देखिए कैसे?
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद(हरियाणा)
Updated Mon, 05 Jun 2017 09:15 AM IST
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एक पुलिसवाला रिवॉल्वर से अपनी किस्मत आजमा रहा था कि जान चली गई। एक पल भी नहीं लगा और लोग बस देखते ही रह गए। घटना हरियाणा के जींद की है। उचाना के गांव मखंड में एक पुलिसकर्मी को रिवाल्वर से शोले का खेल दिखाने के चक्कर में अपनी जान गंवानी पड़ गई।
बताते हैं कि किस्मत आजमाने के लिए पुलिसकर्मी ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर की पांच गोलियां निकालकर मेज पर रख लीं। एक गोली को रिवॉल्वर के चैंबर में डालकर घुमा दिया। फिर रिवाल्वर को अपनी कनपटी पर लगाकर ट्रिगर दबा दिया।
लेकिन उसकी किस्मत दगा दे गई और गोली चल गई। गोली कनपटी में लगी और वीरेंद्र जमीन पर गिर गया। लोग उसे अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
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बताते हैं कि किस्मत आजमाने के लिए पुलिसकर्मी ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर की पांच गोलियां निकालकर मेज पर रख लीं। एक गोली को रिवॉल्वर के चैंबर में डालकर घुमा दिया। फिर रिवाल्वर को अपनी कनपटी पर लगाकर ट्रिगर दबा दिया।
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लेकिन उसकी किस्मत दगा दे गई और गोली चल गई। गोली कनपटी में लगी और वीरेंद्र जमीन पर गिर गया। लोग उसे अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
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सेना से सेवानिवृत्त था मृतक वीरेंद्र
डेमो पिक
मृतक पुलिसकर्मी वीरेंद्र के पिता सौरण ने बताया कि उसके परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और बेटी हैं। गांव मखंड निवासी वीरेंद्र सिंह (38) सेना से सेवानिवृत्त था। दो साल पहले उसने हरियाणा पुलिस को ज्वाइन किया था। फिलहाल वह फरीदाबाद में कार्यरत था।
दो दिन पहले छुट्टी पर आया था। शनिवार को वीरेंद्र पड़ोस की इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर गया। बातों बातों में उसने अपनी रिवाल्वर से फिल्म शोले का खेल दिखाने की बात कही। लोगों ने भी बड़े उत्साह के साथ उसे बढ़ावा दिया।
इसके बाद वीरेंद्र ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर निकाली और उसकी पांच गोलियां निकालकर मेज पर रख दी। फिर एक गोली को रिवाल्वर के चैंबर में डाली और चैंबर को घुमा दिया। इसके बाद उसने रिवाल्वर अपनी कनपटी पर रखकर ट्रिगर दबा दिया। पर उसने सोचा न था कि किस्मत दगा दे जाएगी।
दो दिन पहले छुट्टी पर आया था। शनिवार को वीरेंद्र पड़ोस की इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर गया। बातों बातों में उसने अपनी रिवाल्वर से फिल्म शोले का खेल दिखाने की बात कही। लोगों ने भी बड़े उत्साह के साथ उसे बढ़ावा दिया।
इसके बाद वीरेंद्र ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर निकाली और उसकी पांच गोलियां निकालकर मेज पर रख दी। फिर एक गोली को रिवाल्वर के चैंबर में डाली और चैंबर को घुमा दिया। इसके बाद उसने रिवाल्वर अपनी कनपटी पर रखकर ट्रिगर दबा दिया। पर उसने सोचा न था कि किस्मत दगा दे जाएगी।