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Chandigarh News: जेईआरसी की सुनवाईः गूंजा विभाग में भर्ती, महंगी बिजली और हर महीने बिल जारी करने का मुद्दा

Sat, 18 Mar 2023 01:54 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 18 Mar 2023 01:54 AM IST
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JERC hearing: Recruitment in Gunja department, issue of expensive electricity and issue of bills every month
चंडीगढ़। बढ़े हुए बिजली के दाम, विभाग में भर्ती, हर महीने बिल जारी करने समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर शुक्रवार को सेक्टर-10 स्थित गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी के ऑडिटोरियम में ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) ने एक जन सुनवाई की। जेईआरसी की सदस्य ज्योति प्रसाद की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा समेत अन्य उपस्थित रहे।सुनवाई में बिजली विभाग की यूनियन यूटी पावरमैन और इंडियन सिटीजन फोरम के अध्यक्ष एसके नायर, सचिव नरिंदर शर्मा ने लोगों की तरफ से जेईआरसी के अधिकारियों को कई समस्याओं से अवगत कराया। फोरम के सदस्यों की तरफ से कहा गया कि एक अप्रैल से विभाग बिजली के दाम करीब 10 फीसदी बढ़ाने जा रहा है, जिसे मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए। बैठक में 11 केवी मीटर न बदलने का मामला भी उठाया गया, जिसके बिना एनर्जी ऑडिट के सही रिजल्ट प्राप्त नहीं किए जा सकते हैं। एसके नायर ने कहा कि कमीशन अपने पिछले आदेशों में विभाग को एनर्जी ऑडिट का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दे चुका है, लेकिन विभाग ने वित्त वर्ष 2021-22 की एनर्जी ऑडिट रिपोर्ट सबमिट नहीं की है। कमीशन ने इस बात पर चिंता जाहिर की। नायर ने कहा कि लोगों को बिजली का बिल हर महीने का मिलना चाहिए। दो महीने का बिजली का बिल आने की वजह से लोगों को लेट फीस ज्यादा देनी पड़ती है। अगर कोई तय समय के अंदर बिल जमा करने में चूक जाता है तो अगला बिल उन्हें चार महीने का मिलता है। हर महीने बिजली का बिल जारी होने से इस समस्या से निजात मिल सकती है।
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वर्ष 2020 से न भर्ती, न कर्मचारियों को मिल रही प्रमोशन
यूटी पावरमैन यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने कहा कि विभाग कई साल से कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। दो साल में हालात और खराब हो गए हैं। विभाग में संशोधित 1780 पोस्टों में से सिर्फ 600 के करीब नियमित कर्मचारी काम कर रहे हैं और 450 के करीब आउटसोर्स कर्मचारी रखे हैं। विभाग ने 2020 के बाद नियमित पदों को भरना और 30-35 साल से काम कर रहे कर्मचारियों को प्रमोशन देना बंद कर दिया है। उन्होंने जेईआरसी से इस पर विभाग को निर्देश जारी करने का आग्रह किया। इसके अलावा विभाग में समुचित मात्रा में सामान, सुरक्षा उपकरण का प्रबंध करने की हिदायत देने का अनुरोध किया।
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10 साल पहले लगी मशीन, बिना चले ही वारंटी हो चुकी होगी खत्म
सिटीजन फोरम की तरफ से जेईआरसी को बताया गया कि इंजीनियरिंग विभाग की ओर से गांव रायपुर कलां में 66 केवी सब स्टेशन लगभग 10 साल पहले जेईआरसी की ओर से अनुमोदित धनराशि से निर्मित और पूरा किया गया था, लेकिन सबस्टेशन अब तक उपयोग में नहीं है, क्योंकि सबस्टेशन को फीड करने के लिए 66 केवी लाइन अभी तक बिछाई नहीं गई है। खराब योजना की वजह से निर्माता कंपनियों की ओर से लगभग 15-20 करोड़ की मशीनरी के लिए दी गई वारंटी क्लॉज पहले ही समाप्त हो गई होगी। जेईआरसी ने पहले भी इस पर तेजी से काम करने के आदेश दिए हैं, लेकिन आदेश का कोई फर्क नहीं पड़ा।
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