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जाट आरक्षण: सरकार से 4 घंटे चली बैठक, मगर नहीं बनी बात
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 18 Jun 2016 06:06 PM IST
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जाट आंदोलन
- फोटो : amar ujala
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हरियाणा के जाट नेताओं और खाप प्रतिनिधियों की सरकार के साथ दूसरे दौर की बातचीत में जिलों में चल रहे धरने समाप्त करने के लिए रणनीति नहीं बन सकी। यशपाल मलिक गुट के प्रतिनिधियों ने जहां बैठक से दूरी बनाए रखी वहीं, जिलों में धरने पर डटे प्रतिनिधि भी नहीं पहुंचे। हालांकि बैठक में हरियाणा के विभिन्न हिस्सों से आए जाट प्रतिनिधियों ने जिलों में चल रहे धरने खत्म करवाने का आश्वासन दिया है।
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पंचकूला के किसान भवन में करीब चार घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार ने गिरफ्तार निर्दोष युवाओं को जल्द छोड़ने की हामी भरी है। साथ ही यह दावा किया है कि सभी मृतकों के परिजनों को मुआवजा, आश्रितों को नौकरियां की मांग को पूरा किया जाएगा। सूबे की 50 से अधिक खापों और जाट संगठनेां ने शुक्रवार को कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के साथ मंथन किया। बैठक में मौजूद अधिकतर खाप और जाट संगठनों के प्रतिनिधियों ने बातचीत को सकारात्मक बताया जबकि मंत्री ने अधिकतर मांगों पर सहमति बनने की बात कही।
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धनखड़ बोले, सकारात्मक रही बातचीत
कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने बैठक के बाद कहा कि बातचीत सकारात्मक रही और जाट समाज की अधिकतर मांगों पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और इसलिए सरकार ने सभी जाट नेताओं को बुलाया था। धनखड़ ने कहा कि किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। अगर कोई निर्दोष मारा गया है तो उसे भी मुआवजा मिलेगा। प्रदेश सरकार सभी समाज के लोगों से यह अपील करती है जाट समेत जिन छह जातियों को आरक्षण दिया गया है, उनसे ईर्ष्या न करें।
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