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धमकीः जाट आरक्षण नहीं मिला तो 50 युवक करेंगे धर्म परिवर्तन
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Sat, 26 Mar 2016 01:10 PM IST
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जाट आंदोलन, जाट आरक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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झज्जर के गांव गिरावड़ में भी अब धर्म परिवर्तन को लेकर जमीन तैयार की जा रही है। शहीद भगत सिंह युवा क्लब के 50 से अधिक सदस्यों ने के स्ताक्षर युक्त ज्ञापन डीसी को सौंपा है। युवाओं ने अल्टीमेटम दिया कि 4 अप्रैल तक उनकी जाट आरक्षण से संबंधित मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो, पांच अप्रैल को वे अपना धर्म बदल लेंगे। गांव छारा के बाद अब गिरावड़ के युवाओं के अल्टीमेटम से प्रशासन में हलचल शुरू हो गई। शाम को दुजाना पुलिस चौकी प्रभारी राजबीर लांबा ने गांव में पहुंच कर युवाओं से बातचीत कर मामले की जानकारी ली। फिलहाल डीसी मामले में चुप्पी साधे हैं।
धर्म परिवर्तन को लेकर शुक्रवार को युवा क्लक के दो सदस्यों जयवीर व मनदीप ने डीसी को ज्ञापन सौंपा। इसकी रिसीविंग भी कार्यालय से प्राप्त की गई। ज्ञापन में 50 से अधिक युवाओं ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति दी है। ज्ञापन में कहा गया है कि जाट समाज के लोगों को ओबीसी-बी में आरक्षण का लाभ दिया जाए। जाट आंदोलन को लेकर जितने भी निर्दोष जाट युवाओं को पकड़ा गया है, उनको रिहा किया जाए। युवाओं पर जो केस बनाए गए हैं, उनको खारिज किया जाए। आंदोलन के दौरान जिन युवाओं की मौत हुई, उनके परिवारों को तुरंत मुआवजा दिया जाए। साथ ही उनको शहीद का दर्जा मिले। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम सभी धर्म परिवर्तन कर इस्लाम धर्म कबूलने पर मजबूर होंगे।
गांव में की बैठक
डीसी को ज्ञापन सौंपने के बाद युवा क्लब सदस्यों ने गांव गिरावड़ में राजकीय स्कूल के पास बैठक की। संस्था के प्रधान संजीव कुमार, कोषाध्यक्ष अभिमन्यु, प्रवीण कुमार आदि ने कहा कि युवाओं को गलत व झूठे मामले दर्ज कर पकड़ा जा रहा है। कई युवाओं का भविष्य चौपट हो गया है। उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। मजबूरी में उनको ये फैसला लेना पड़ रहा है। प्रधान संजीव ने कहा कि यह केवल धमकी नहीं है, बल्कि उनके कदम पीछे नहीं हटने वाले।
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छारा से शुरू हुई मुहिम
धर्म परिवर्तन को लेकर यह मुहिम 22 मार्च को गांव छारा से शुरू हुई थी। वहां युवाओं की बैठक में धर्म परिवर्तन का ऐलान किया गया। जाट सभा की ओर से भी उनके प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। छारा के युवाओं ने एक संस्था के बैनर तले सरकार व प्रशासन को 5 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है। अब यही मामला गांव गिरावड़ में सामने आया है। यहां भी अल्टीमेटम देने वाले युवा हैं और गांव के शहीद भगत सिंह युवा क्लब से जुड़े हैं।
प्रशासन हरकत में
धर्म परिवर्तन को लेकर डीसी को ज्ञापन दिए जाने के बाद प्रशासन में हलचल शुरू हो गई। सायं के वक्त दुजाना चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर राजबीर लांबा गांव गिरावड़ में पहुंचे। वहां युवाओं व गणमान्य व्यक्तियों से बातचीत की। युवाओं से पूछा गया कि वे धर्मपरिवर्तन जैसा कदम क्यों उठा रहे हैं। युवाओं ने अपनी मांगे उनके सामने रखी। अनुरोध किया कि वे ऐसा कदम न उठाएं। युवाओं ने चौकी प्रभारी को स्पष्ट कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के बाद उनके साथ बुरा किया जा रहा है। जो फैसला लिया वो सोच समझ कर लिया गया है। चौकी प्रभारी ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है। किसी से गलत नहीं किया जा रहा।
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धर्म परिवर्तन को लेकर शुक्रवार को युवा क्लक के दो सदस्यों जयवीर व मनदीप ने डीसी को ज्ञापन सौंपा। इसकी रिसीविंग भी कार्यालय से प्राप्त की गई। ज्ञापन में 50 से अधिक युवाओं ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति दी है। ज्ञापन में कहा गया है कि जाट समाज के लोगों को ओबीसी-बी में आरक्षण का लाभ दिया जाए। जाट आंदोलन को लेकर जितने भी निर्दोष जाट युवाओं को पकड़ा गया है, उनको रिहा किया जाए। युवाओं पर जो केस बनाए गए हैं, उनको खारिज किया जाए। आंदोलन के दौरान जिन युवाओं की मौत हुई, उनके परिवारों को तुरंत मुआवजा दिया जाए। साथ ही उनको शहीद का दर्जा मिले। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम सभी धर्म परिवर्तन कर इस्लाम धर्म कबूलने पर मजबूर होंगे।
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गांव में की बैठक
डीसी को ज्ञापन सौंपने के बाद युवा क्लब सदस्यों ने गांव गिरावड़ में राजकीय स्कूल के पास बैठक की। संस्था के प्रधान संजीव कुमार, कोषाध्यक्ष अभिमन्यु, प्रवीण कुमार आदि ने कहा कि युवाओं को गलत व झूठे मामले दर्ज कर पकड़ा जा रहा है। कई युवाओं का भविष्य चौपट हो गया है। उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। मजबूरी में उनको ये फैसला लेना पड़ रहा है। प्रधान संजीव ने कहा कि यह केवल धमकी नहीं है, बल्कि उनके कदम पीछे नहीं हटने वाले।
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छारा से शुरू हुई मुहिम
धर्म परिवर्तन को लेकर यह मुहिम 22 मार्च को गांव छारा से शुरू हुई थी। वहां युवाओं की बैठक में धर्म परिवर्तन का ऐलान किया गया। जाट सभा की ओर से भी उनके प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। छारा के युवाओं ने एक संस्था के बैनर तले सरकार व प्रशासन को 5 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है। अब यही मामला गांव गिरावड़ में सामने आया है। यहां भी अल्टीमेटम देने वाले युवा हैं और गांव के शहीद भगत सिंह युवा क्लब से जुड़े हैं।
प्रशासन हरकत में
धर्म परिवर्तन को लेकर डीसी को ज्ञापन दिए जाने के बाद प्रशासन में हलचल शुरू हो गई। सायं के वक्त दुजाना चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर राजबीर लांबा गांव गिरावड़ में पहुंचे। वहां युवाओं व गणमान्य व्यक्तियों से बातचीत की। युवाओं से पूछा गया कि वे धर्मपरिवर्तन जैसा कदम क्यों उठा रहे हैं। युवाओं ने अपनी मांगे उनके सामने रखी। अनुरोध किया कि वे ऐसा कदम न उठाएं। युवाओं ने चौकी प्रभारी को स्पष्ट कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के बाद उनके साथ बुरा किया जा रहा है। जो फैसला लिया वो सोच समझ कर लिया गया है। चौकी प्रभारी ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है। किसी से गलत नहीं किया जा रहा।