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हरियाणा में जाट आरक्षण पर अंतरिम रोक बरकरार, हाइकोर्ट में सुनवाई स्थगित

Tue, 14 Jun 2016 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़। Updated Tue, 14 Jun 2016 09:37 AM IST
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जसिया में जाट समाज का आरक्षण के लिए आंदोलन आठवें भी रहा जारी - फोटो : amar ujala
हरियाणा में जाटों को विशेष पिछड़ा वर्ग के रूप में आरक्षण दिए जाने के फैसले पर लगाई अंतरिम रोक बरकरार है। हाईकोर्ट में सुनवाई स्थगित हो गई। अब 17 जून को अगली सुनवाई होगी। 
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गौरतलब है कि 6 जून को हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने इस मामले में हरियाणा सरकार और प्रतिवादियों की दलीलें सुनने के बाद आरक्षण से रोक हटाने से इंकार करते हुए अगली सुनवाई 13 जून तय कर दी थी। जस्टिस दया चौधरी और जस्टिस अरुण पल्ली की वेकेशन बेंच के समक्ष हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट की पीआईएल बेंच द्वारा जाट आरक्षण पर लगाई गई रोक के खिलाफ अपनी अरजी दाखिल करते हुए रोक हटाने की मांग की। 
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हरियाणा सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वकील जगदीप धनखड़ पेश हुए। उन्होंने जाट आरक्षण पर लगाई गई रोक को तीन अहम कारणों से हटाए जाने की मांग की।

उन्होंने कोर्ट से कहा कि आरक्षण पर रोक लगा दिए जाने से प्रदेश में इन दिनों जारी विभिन्न विभागों की भर्ती प्रक्त्रिस्या और शिक्षण संस्थानों की प्रवेश की प्रक्त्रिस्या बाधित हो रही है। इससे उक्त छह जातियों के लिए आरक्षित सीटों पर आवेदन कर पाना असंभव हो गया है। 
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उल्लेखनीय है कि इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की ओर से दाखिल की गई अर्जी पर याचिकाकर्ता को नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई वोकेशन बेंच को सौंप दी थी।

प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया कि विधानसभा में बिल लाकर जाट आरक्षण के लिए कानून बनाया गया है। ऐसे में इसकी कानूनी वैधता को चुनौती नहीं दी जा सकती। इस पर याची पक्ष ने कहा की हरियाणा सरकार द्वारा दिया गया आरक्षण दबाव में लिया गया फैसला है। इस फैसले की कोई कानूनी वैधता नहीं है। 


उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने उस केसी गुप्ता आयोग की रिपोर्ट  को आधार बनाया है जिसे सुप्रीम कोर्ट पहले ही नकार चुका है।

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील की कि हरियाणा सरकार की अर्जी को खारिज करते हुए आरक्षण पर रोक बरकरार रखी जाए। इस पर हाईकोर्ट ने नियुक्ति और भर्ती प्रक्रिया के आधार पर आरक्षण से रोक हटाने की अपील खारिज करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में आरक्षण से रोक नहीं हटाई जा सकती।
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