जाट आंदोलन से सहमे पयर्टक, सैलानियों के मन में खौफ बरकरार
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हरियाणा में फरवरी महीने में हुए जाट आरक्षण आंदोलन से खौफजदा पर्यटक हिमाचल का रुख करने में कतरा रहे हैं। हरियाणा में पांच जून से दोबारा शुरू हुए जाट आंदोलन के बीच सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बावजूद पर्यटक घबरा रहे हैं। हिमाचल की ओर से जाने वाले सैलानियों के मन में यही सवाल उठ रहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम, सुरक्षा और कुछ देर के लिए रुकने के हालात हैं या नहीं।
सचिवालय में बनाए गए कंट्रोल रूम के आंकड़े इसके गवाह हैं कि एक दिन में ही लगभग 60 कॉले आईं, जिनमें अधिकतर कॉल शिमला, मनाली सहित हिमाचल प्रदेश के अन्य टूरिस्ट डेस्टिनेशन को लेकर थीं।
गुड़गांव से एयरफोर्स के एक अधिकारी ने फोन कर जानकारी मांगी है कि सड़क पर वाहनों के आवागमन की क्या स्थिति है। अगर परिवार के साथ कुछ देर के लिए रास्ते में रुकना चाहें तो कोई खतरा तो नहीं।
रोहतक में सर्वाधिक करीब 400 लोग एक जगह धरने में शामिल
सोमवार को स्टूडेंट्स के एक ग्रुप ने मनाली जाने के लिए फोन कर जानकारी मांगी कि क्या आज की तिथि में जानमाल सुरक्षित है। पुलिस कर्मियों ने उन्हें संतोषजनक जवाब देते हुए हालात के बारे में जानकारी दी। बताया कि राजमार्ग सहित तमाम जगहों पर आवागमन सामान्य है और किसी तरह के भय की बात नहीं है।
पल-पल की जानकारी हो रही अपडेट
चंडीगढ़ में बनाए गए कंट्रोल रूम के इंचार्ज ने बताया कि प्रदेश भर के 13 जिलों में धरनास्थल की पल-पल की स्थिति हर घंटे अपडेट की जा रही है। दोपहर दो बजे तक किसी भी जिले से हिंंसा की कोई खबर नहीं थी।
धरने के हालात
रोहतक में सर्वाधिक करीब 400 लोग एक जगह धरने में शामिल हुए, जबकि कई जिलों में दोपहर तक प्रदर्शन में शामिल होने वालों की संख्या 40 से 80 के बीच ही रही। अगर, कहीं ऐसी जरूरत हुई तो तत्काल संबंधित एसपी को इस बारे में इत्तला दी जा रही है, ताकि हालात को पूरी तरह नियंत्रित रखा जा सके।