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हरियाणा के युवाओं के लिए सरकार ने जारी किया बड़ा फरमान
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 06 Jun 2016 05:49 PM IST
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जाट आंदोलन
- फोटो : amar ujala
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हरियाणा के युवाओं के लिए सरकार ने जारी किया बड़ा फरमान दरअसल जाट आरक्षण आंदोलन में शामिल होने से युवाओं को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने नया पैंतरा अपनाया है। युवाओं से कहा जा रहा है कि अगर आंदोलन के दौरान उन पर केस दर्ज हुआ तो उनको पुलिस और फौज में नौकरी नहीं मिलेगी।
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युवाओं को बताया जा रहा है कि सरकार जल्द ही पुलिस विभाग में 10 हजार भर्तियां निकालने जा रही है। इस भर्ती के लिए केवल वही युवा आवेदन कर सकेंगे, जिन पर कोई मुकदमा नहीं होगा। इस तरह नौकरी के बहाने युवाओं को आंदोलन से दूर करने की रणनीति बनाई गई है। इसी के तहत आंदोलन में अग्रणी रहने वाले युवाओं की थानों में लिस्ट तैयार की जा रही है।
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जाट आरक्षण आंदोलन में पहले बुजुर्गों की भागीदारी ज्यादा रहती थी, लेकिन अब युवाओं ने कमान संभाल ली है। पिछली बार सांपला में शुरू हुए आंदोलन की अगुवाई युवाओं ने की थी। जबकि अन्य नेता आंदोलन के पक्ष में नहीं थे। जेल भरो आंदोलन भी युवा जाट नेताओं की ओर से चलाया गया था। जाट आरक्षण आंदोलन में युवाओं की भागीदारी को देखते हुए सरकार चिंतित है।
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डीजीपी केपी सिंह की ओर से सभी जिलों के एसपी को पत्र जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि वह युवाओं को साफ तौर पर बताएं कि पुलिस विभाग में जल्द सरकार 10 हजार भर्तियां निकालने जा रही है। उसका विज्ञापन जल्द जारी किया जाएगा। लेकिन इन भर्तियों के लिए वे युवा आवेदन नहीं कर सकेंगे, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।
फौज की भर्तियों के लिए भी वह युवा योग्य नहीं माने जाएंगे। ऐसे युवाओं की थानों में लिस्ट तैयार करने की बात कही जा रही है, जो जाट आरक्षण आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। जिनके खिलाफ पहले आरक्षण आंदोलन के दौरान मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।