चंडीगढ़ मेयर चुनाव: साइड में बुला लेना, जबरदस्ती कर लेना... जसवीर बंटी व भाजपा पार्षद की चैट वायरल
भाजपा पार्षद जसमनप्रीत सिंह ने कहा कि उन्हें उस दिन जसबीर बंटी का खुद मैसेज आया कि वह नामांकन वापस लेने के लिए नगर निगम आ रहे हैं। उन्होंने जगह भी बताई कि अभी कहां पहुंचे हैं। मैंने पूछा कि क्या मिल सकते हैं। बंटी ने कहा कि साइड में बुला लेना।
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बीते 16 जनवरी को मेयर चुनाव के लिए नामांकन वापसी के दौरान नगर निगम में हुए हंगामे पर सोमवार को एक बड़ा खुलासा हुआ। भाजपा पार्षद जसमनप्रीत सिंह ने अपने मोबाइल का स्क्रीनशॉट जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस के पार्षद जसबीर सिंह बंटी ने उन्हें खुद मैसेज कर निगम बुलाया था। उधर, बंटी का कहना है कि भाजपा पार्षद ने कुछ जरूरी बात करने के लिए कहा था, इसलिए उन्होंने लिखा कि साइड में बुला लेना।
16 जनवरी को हुए हंगामे का मुख्य कारण इसी चैट को बताया जा रहा है। दावा है कि इस बातचीत के बाद ही नगर निगम के पास भाजपा के सभी नेता पहुंचे और उन्होंने जसबीर बंटी को अपनी तरफ खींचने की कोशिश की और इसी वजह से निगम में हंगामा हो गया। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने बंटी को किडनैप करने की कोशिश की। तब से लेकर अब तक दोनों पार्टियों में आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
हंगामे के दौरान जसवीर बंटी के पिता भाग सिंह भी निगम पहुंचे थे और बेटे को खतरा होने की बात कही थी। वह बंटी को वापस ले जाना चाहते थे। कई घंटे तक निगम में हंगामा चला और रात करीब आठ बजे चंडीगढ़ पुलिस अपनी सुरक्षा में बंटी को घर छोड़ आई थी। कुछ ही मिनटों बाद बंटी ने एक वीडियो भी जारी किया था और कांग्रेस के साथ होने की बात कही थी। तब से बंटी कांग्रेस के ही साथ हैं। अब उनका कहना है कि चैट में कहीं भी भाजपा ज्वाइन करने की बात नहीं है।
कांग्रेस ने अपने फायदे के लिए पार्षद की दी बलि : जसमनप्रीत सिंह
भाजपा के पार्षद जसमनप्रीत सिंह ने कहा कि उन्हें उस दिन जसबीर बंटी का खुद मैसेज आया कि वह नामांकन वापस लेने के लिए नगर निगम आ रहे हैं। उन्होंने जगह भी बताई कि अभी कहां पहुंचे हैं। मैंने पूछा कि क्या मिल सकते हैं। बंटी ने कहा कि साइड में बुला लेना। जबरदस्ती कर लेना। जसमनप्रीत सिंह ने कहा कि इस बातचीत के बाद वह नगर निगम पहुंचे।
देखा कि वहां पंजाब सरकार के कई कमांडो, सीएम के ओएसडी, पंजाब के विधायक मौजूद थे। हैरानी हुई कि सिर्फ एक नामांकन वापस लेने के लिए इतना तामझाम क्यों किया गया? इसके बाद पार्टी के नेताओं को इसकी जानकारी दी। जसमनप्रीत सिंह ने कहा कि कांग्रेस-आप की तरफ से जो बयानबाजी की जा रही है कि भाजपा उनके पार्षद को किडनैप करने की कोशिश कर रही है, जो सरासर गलत है, बल्कि कांग्रेस के ही पार्षद ने खुद मैसेज किया था। जबरदस्ती शब्द का इस्तेमाल किया। इससे साफ पता चलता है कि बंटी पर कितना दबाव था। कांग्रेस ने अपने फायदे के लिए पार्षद का बलिदान दे दिया है।
मुझे बदनाम करने के लिए यह सब कर रही भाजपा: बंटी
वहीं, कांग्रेस पार्षद जसबीर बंटी ने कहा कि भाजपा पार्षद की तरफ से व्हाट्सएप की जो चैट वायरल की गई है, उसमें भाजपा ज्वाइन करने की कहीं कोई बात नहीं लिखी है। जसमनप्रीत सिंह ने उनसे कहा था कि वह कुछ बात करना चाहते हैं तो मैंने कहा था कि मैं आ रहा हूं, साइड में बुला लेना। बंटी ने कहा कि मेरे पास भी भाजपा ने पार्षद की चैट और ऑडियो मैसेज है, जिसमें उन्होंने कई तरह के प्रलोभन देने की कोशिश की है। अगर भाजपा में जाना ही होता तो कई मौके थे लेकिन मन में कभी ऐसा था ही नहीं।
मेरे पिता को भाजपा नेताओं ने फोन कर बुलाया था और दबाव डाला था। भाजपा यह सब मुझे बदनाम करने के लिए कर रही है लेकिन हम इससे डरने वाले नहीं हैं। कांग्रेस के सभी पार्षद पहले भी एक साथ थे और अभी भी एक साथ हैं। भाजपा की राजनीति इस बार उन्हें ही उल्टी पड़ेगी और वो हारेंगे।
जसवीर और जसमनप्रीत के बीच पंजाबी में हुई चैट के अंश
- जसबीर बंटी: आज आ रिहा एमसी दोबारा
- जसमनप्रीत सिंह: मैं हुणे निकल्या ओदरों। कितने बजे। कल्ला होड़ा कि कोई नाल होड़ा?
- जसबीर बंटी: पांच मिनट में। बतरा चौक
- जसमनप्रीत सिंह: बातचीत की कोई संभावना?
- जसबीर बंटी: बुला लेना साइड ते। जबरदस्ती कर लेना पर जल्दी