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Corona Commando: पिता की प्रेरणा से मिली ताकत और दो सगी बहनों ने फर्ज को दी प्राथमिकता
Fri, 08 May 2020 11:22 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 08 May 2020 11:22 AM IST
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कोरोना कमांडो दो सगी बहनें
- फोटो : अमर उजाला
देश सेवा हर नागरिक का पहला कर्तव्य होना चाहिए। बहुत कम लोगों को यह मौका मिलता है। देश सेवा में योगदान देकर अच्छा महसूस कर रही हूं। यह कहना है पीजीआई के कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल के आईसीयू में ड्यूटी करने वाली जसलीन का। जसलीन पंजाब के पटियाला की रहने वाली हैं।
जसलीन कौर और उनकी बहन हरलीन कौर पीजीआई के कोरोना पेशेंट वार्ड में ड्यूटी कर रही हैं। दोनों बहनें 3 महीने से घर नहीं गई हैं। दोनों बहनें हर सप्ताह घर जाती थीं। जसलीन कौर बताती हैं कि कोई बड़ा काम तो नहीं किया है, लेकिन ड्यूटी कर अपना फर्ज जरूर निभाया। दोनों बहनें इतने दिनों तक कभी अपने माता-पिता से दूर नहीं रही हैं। उन्हें बहुत याद करती हैं।
पिता हरविंदर सिंह की प्रेरणा से बढ़ी हिम्मत
जसलीन कौर ने बताया कि जब उनकी कोरोना पेशेंट के वार्ड में ड्यूटी लगी तो उनके मन में एक डर था। फिर उन्होंने पिता हरविंदर सिंह से फोन पर बात की। इसे लेकर उनके पिता बिल्कुल चिंतित नहीं हुए बल्कि अपनी बेटी को प्रेरणा देकर हिम्मत बढ़ाई। इससे उनका डर गायब हो गया। थोड़ा-बहुत जो डर था, वह मरीज से मिलने के बाद निकल गया।
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जसलीन ने बताया कि उन्होंने इस बारे में अपनी मां से जिक्र नहीं किया क्योंकि मां अपने बच्चों के लिए भावुक होती है। सात दिन ड्यूटी कर 14 दिन आइसोलेशन वार्ड में रहने के बाद उन्होंने अपनी मां को बताया, जिसके बाद मां ने भी अपनी बेटियों का हौसला बढ़ाया।
वीडियो कॉल पर मनाया पापा का जन्मदिन
जसलीन कौर ने बताया कि अपने माता-पिता को वह 3 महीने से याद कर रही हैं, क्योंकि दोनों बहनें पीजीआई में ड्यूटी कर रही हैं तो माता पिता को भी उनकी ज्यादा चिंता रहती है। उन्होंने बताया कि इस ड्यूटी के दौरान उनके पापा का जन्मदिन था, लेकिन वह घर नहीं जा पाई। उन्होंने वीडियो कॉल पर ही अपने पापा को जन्मदिन की बधाई दी। इसके बाद उन्होंने केक काटा। उन्होंने बताया कि पहली बार ऐसा हुआ कि वह अपने पिता के जन्मदिन पर मौजूद नहीं थी।
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जसलीन कौर और उनकी बहन हरलीन कौर पीजीआई के कोरोना पेशेंट वार्ड में ड्यूटी कर रही हैं। दोनों बहनें 3 महीने से घर नहीं गई हैं। दोनों बहनें हर सप्ताह घर जाती थीं। जसलीन कौर बताती हैं कि कोई बड़ा काम तो नहीं किया है, लेकिन ड्यूटी कर अपना फर्ज जरूर निभाया। दोनों बहनें इतने दिनों तक कभी अपने माता-पिता से दूर नहीं रही हैं। उन्हें बहुत याद करती हैं।
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पिता हरविंदर सिंह की प्रेरणा से बढ़ी हिम्मत
जसलीन कौर ने बताया कि जब उनकी कोरोना पेशेंट के वार्ड में ड्यूटी लगी तो उनके मन में एक डर था। फिर उन्होंने पिता हरविंदर सिंह से फोन पर बात की। इसे लेकर उनके पिता बिल्कुल चिंतित नहीं हुए बल्कि अपनी बेटी को प्रेरणा देकर हिम्मत बढ़ाई। इससे उनका डर गायब हो गया। थोड़ा-बहुत जो डर था, वह मरीज से मिलने के बाद निकल गया।
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जसलीन ने बताया कि उन्होंने इस बारे में अपनी मां से जिक्र नहीं किया क्योंकि मां अपने बच्चों के लिए भावुक होती है। सात दिन ड्यूटी कर 14 दिन आइसोलेशन वार्ड में रहने के बाद उन्होंने अपनी मां को बताया, जिसके बाद मां ने भी अपनी बेटियों का हौसला बढ़ाया।
वीडियो कॉल पर मनाया पापा का जन्मदिन
जसलीन कौर ने बताया कि अपने माता-पिता को वह 3 महीने से याद कर रही हैं, क्योंकि दोनों बहनें पीजीआई में ड्यूटी कर रही हैं तो माता पिता को भी उनकी ज्यादा चिंता रहती है। उन्होंने बताया कि इस ड्यूटी के दौरान उनके पापा का जन्मदिन था, लेकिन वह घर नहीं जा पाई। उन्होंने वीडियो कॉल पर ही अपने पापा को जन्मदिन की बधाई दी। इसके बाद उन्होंने केक काटा। उन्होंने बताया कि पहली बार ऐसा हुआ कि वह अपने पिता के जन्मदिन पर मौजूद नहीं थी।