चंडीगढ़ में जननी शिशु सुरक्षा योजना लागू: अब जच्चा-बच्चा को एक महीने तक पीजीआई में मिलेगा मुफ्त इलाज
इस योजना के तहत, गर्भवती महिलाओं को मुफ्त दवा एवं खाद्य पदार्थ, मुफ्त इलाज, जरूरत पड़ने पर मुफ्त खून दिया जाना, सामान्य प्रजनन के मामले में तीन दिनों एवं सी-सेक्शन के मामले में सात दिनों तक मुफ्त पोषाहार दिया जाता है।
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मातृ व शिशु मृत्यु दर पर नियंत्रण के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही जननी शिशु सुरक्षा योजना पीजीआई चंडीगढ़ में भी लागू कर दी गई है। पीजीआई प्रशासन ने 23 जून को इसे लागू करने का लिखित आदेश जारी कर दिया है। इसके बाद संस्थान में पंजीकृत गर्भवती महिलाओं व जन्म के बाद के एक महीने तक के नवजात शिशु को निशुल्क चिकित्सकीय सेवा प्रदान करने का निर्देश दिया गया है।
योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को रूटीन चेकअप से प्रसव और प्रसव के बाद घर जाने तक की सभी सेवाएं निशुल्क मिलेंगी। वहीं नवजात को जन्म के बाद अगले एक महीने तक होने वाली किसी भी प्रकार की परेशानी का इलाज भी निशुल्क किया जाएगा।
गौरतलब है कि रेफरल सेंटर होने के कारण पीजीआई में प्रति वर्ष हजारों की संख्या में गर्भवती महिलाएं भर्ती की जाती हैं। वहीं एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में भी सैकड़ों नवजात बच्चों का भर्ती कर इलाज होता है। केंद्र की इस योजना के संस्थान में लागू हो जाने से जरूरतमंदों को काफी राहत मिलेगी।
आप भी जान लें जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम
इस योजना के तहत, गर्भवती महिलाओं को मुफ्त दवा एवं खाद्य पदार्थ, मुफ्त इलाज, जरूरत पड़ने पर मुफ्त खून दिया जाना, सामान्य प्रजनन के मामले में तीन दिनों एवं सी-सेक्शन के मामले में सात दिनों तक मुफ्त पोषाहार दिया जाता है। इसमें घर से केंद्र जाने एवं वापसी के लिए मुफ्त यातायात सुविधा प्रदान की जाती है। इसी प्रकार की सुविधा सभी बीमार नवजात शिशुओं के लिए दी जाती है।
गर्भवती महिलाओं को मिलेगी ये सुविधा
- संस्थान में मुफ्त प्रजनन सुविधाएं (सीजेरियन ऑपरेशन समेत)
- गर्भवती महिलाओं को मुफ्त में दवाएं दी जाती हैं, इनमें आयरन फॉलिक अम्ल जैसे सप्लीमेंट भी मिलेगा
- गर्भवती महिलाओं को खून, पेशाब की जांच, अल्ट्रा-सोनोग्राफी जैसी अनिवार्य जांच भी मुफ्त कराई जाएगी
- सामान्य डिलीवरी होने पर तीन दिन और सीजेरियन डिलीवरी के मामले में सात दिनों तक मुफ्त पोषाहार दिया जाएगा
- आवश्यकता पड़ने पर मुफ्त खून भी दिया जाता है, ब्लड ट्रांसफ्यूजन शुल्क भी नहीं लगेगा
- घर से जाने और आने के लिए भी मुफ्त में वाहन सुविधा दी जाएगी
जन्म के 30 दिन तक नवजात को मिलेंगी ये सुविधाएं
- मुफ्त इलाज, दवाइयां, आवश्यक सामग्री, जांच सुविधाएं, खून, ट्रांसपोर्ट सेवाएं
पीजीआई में प्रसव का आंकड़ा- 2019-20
- कुल प्रसव- 2019 में 6056 और 2020 में 4177 बच्चों ने जन्म लिया
जननी शिशु सुरक्षा योजना पीजीआई में लागू कर दी गई है। योजना के अंतर्गत संस्थान में गर्भवती महिलाओं व जन्म के बाद एक महीने तक के नवजात को सभी चिकित्सकीय सुविधाएं निशुल्क मुहैया कराई जाएंगी। - कुमार गौरव, डीडीए व प्रवक्ता पीजीआई।