{"_id":"63790f2d234f073769576b37","slug":"jalandhar-court-sentenced-terrorist-satinderjit-singh-mintu-to-life-imprisonment-in-35-year-old-murder-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"35 साल बाद न्याय: कारोबारी को घर में घुसकर गोलियों से भूनने वाले आतंकी को उम्रकैद, जालंधर कोर्ट ने सुनाई सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
35 साल बाद न्याय: कारोबारी को घर में घुसकर गोलियों से भूनने वाले आतंकी को उम्रकैद, जालंधर कोर्ट ने सुनाई सजा
Sat, 19 Nov 2022 10:45 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 19 Nov 2022 10:45 PM IST
सार
22 जनवरी 1987 को मॉडल टाउन के साथ लगते गुरु तेग बहादुर नगर स्थित मक्कड़ के घर पर आतंकी सतिंदरजीत सिंह और उसके तीन साथी हरदीप सिंह विक्की, हरविंदर सिंह और पलविंदर सिंह घुस आए। सभी हथियारों से लैस थे। घर में घुसते ही सभी ने फायरिंग शुरू कर दी।
विज्ञापन
court new
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जालंधर जिला एवं सत्र अदालत ने 35 साल पुराने कारोबारी सुरिंदर सिंह मक्कड़ की हत्या के मामले में लुधियाना के आतंकी सतिंदरजीत सिंह उर्फ मिंटू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सुरिंदर सिंह मक्कड़ पूर्व विधायक सरबजीत सिंह मक्कड़ के भाई थे। सुरिंदर सिंह की मिंटू ने अपने तीन साथियों के साथ गोलियां मारकर हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
पीड़ित पक्ष के एडवोकेट मनदीप सिंह सचदेवा ने बताया कि परिजनों को इंसाफ के लिए 35 साल तक इंतजार करना पड़ा है। हत्या में शामिल आतंकियों हरदीप सिंह विक्की, हरविंदर सिंह और पलविंदर सिंह पहले ही मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
22 जनवरी 1987 को मॉडल टाउन के साथ लगते गुरु तेग बहादुर नगर स्थित मक्कड़ के घर पर आतंकी सतिंदरजीत सिंह और उसके तीन साथी हरदीप सिंह विक्की, हरविंदर सिंह और पलविंदर सिंह घुस आए। सभी हथियारों से लैस थे। घर में घुसते ही सभी ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें नौकरानी और अन्य लोग तो बच गए, लेकिन सुरिंदर सिंह मक्कड़ का शरीर गोलियों से छलनी हो गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में घर की नौकरानी स्वर्ण कौर चश्मदीद गवाह थी। आतंकियों के घर की घंटी बजाने पर उसी ने दरवाजा खोला था। पुलिस थाना डिवीजन नंबर छह की पुलिस ने हत्या और हत्या का प्रयास का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
विज्ञापन
मिंटू वारदात के 18 साल बाद 22 जून 2005 को पकड़ा गया था। मिंटू के खिलाफ चालान भी पेश किया, लेकिन कुछ साल जेल में रहने के बाद मिंटू जमानत पर छूट गया। उसके बाद वह अदालत में पेश नहीं हुआ। अदालत ने मिंटू को अगस्त 2009 में भगोड़ा घोषित किया। इस बीच, 2013 में मिंटू को हेरोइन की खेप के साथ काबू किया। गिरफ्तारी के बाद केस का ट्रायल चला।