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जेटली साहब अकसर कहते थे, मेरा जन्म चाहे दिल्ली में हुआ लेकिन दिल पंजाबी है
Sun, 25 Aug 2019 03:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सुरिंदर पाल, जालंधर
सुरिंदर पाल, जालंधर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 25 Aug 2019 03:27 AM IST
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अरुण जेटली
- फोटो : ANI
भाजपा के सोशल मीडिया के इंचार्ज रहे अमित तनेजा ने बताया कि अरुण जेटली जब भी आते तो पंजाब में भाजपा-अकाली वर्करों में गजब का जोश भर कर जाते थे। उनकी एक बात हमेशा सुनने को मिलती थी कि मेरा जन्म चाहे दिल्ली में हुआ हो, लेकिन दिल पंजाबी है।
पंजाबी लोगों के वह काफी कद्रदान थे। तनेजा ने कहा कि अकाली दल और भाजपा के बीच अगर प्यार का रिश्ता बना रहा तो वह जेटली साहब की बदौलत था। हमेशा कहते थे कि अकाली भाजपा गठजोड़ हिंदू सिख एकता का प्रतीक है।
तनेजा बताते हैं कि उनके कंधों पर सोशल मीडिया की जिम्मेदारी थी, चूंकि पंजाब में उनका काफी जनाधार है। 2017 के चुनाव में उनका इंटरव्यू लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करना था, तो उनके पास चला गया।
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इससे पहले कि वे पंजाब के मुद्दों पर उनको कुछ बताते, उनको हर मुद्दे के बारे में पूरे फैक्ट के साथ जानकारी थी। पंजाब में बेरोजगारी, अकाली भाजपा के करवाए गए विकास के आंकड़े, नेशनल हाईवे से लेकर स्टेट हाईवे का विकास, उनको सब बात पता थी।
उन्होंने तपाक से कहा कि पंजाब की एक एक खबर पर मैं पूरा संज्ञान भी लेता हूं और गहराई तक भी जाता हूं। भाजपा में किसको अध्यक्ष पद पर बैठाना है, किसको राज्यसभा भेजना है, पंजाब में किसको मंत्री बनाना है, हर बात जेटली साहब के पास बैठकर तय होती थी।
वह तो सीधा सीधा पंजाब मामलों में अड़ जाते थे। कई बार ऐसा मौका आया कि ऐसा लगा कि अकाली भाजपा के बीच खटास बढ़ गई है और गठबंधन टूट सकता है तो अचानक जेटली साहब कह देते कि हमारी राजनीतिक नहीं भाईचारक सांझ है। तनेजा बताते हैं कि उनका फैसला अंतिम होता था।
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पंजाबी लोगों के वह काफी कद्रदान थे। तनेजा ने कहा कि अकाली दल और भाजपा के बीच अगर प्यार का रिश्ता बना रहा तो वह जेटली साहब की बदौलत था। हमेशा कहते थे कि अकाली भाजपा गठजोड़ हिंदू सिख एकता का प्रतीक है।
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तनेजा बताते हैं कि उनके कंधों पर सोशल मीडिया की जिम्मेदारी थी, चूंकि पंजाब में उनका काफी जनाधार है। 2017 के चुनाव में उनका इंटरव्यू लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करना था, तो उनके पास चला गया।
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इससे पहले कि वे पंजाब के मुद्दों पर उनको कुछ बताते, उनको हर मुद्दे के बारे में पूरे फैक्ट के साथ जानकारी थी। पंजाब में बेरोजगारी, अकाली भाजपा के करवाए गए विकास के आंकड़े, नेशनल हाईवे से लेकर स्टेट हाईवे का विकास, उनको सब बात पता थी।
उन्होंने तपाक से कहा कि पंजाब की एक एक खबर पर मैं पूरा संज्ञान भी लेता हूं और गहराई तक भी जाता हूं। भाजपा में किसको अध्यक्ष पद पर बैठाना है, किसको राज्यसभा भेजना है, पंजाब में किसको मंत्री बनाना है, हर बात जेटली साहब के पास बैठकर तय होती थी।
वह तो सीधा सीधा पंजाब मामलों में अड़ जाते थे। कई बार ऐसा मौका आया कि ऐसा लगा कि अकाली भाजपा के बीच खटास बढ़ गई है और गठबंधन टूट सकता है तो अचानक जेटली साहब कह देते कि हमारी राजनीतिक नहीं भाईचारक सांझ है। तनेजा बताते हैं कि उनका फैसला अंतिम होता था।