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बेअंत सिंह हत्याकांड: तारा ने कबूला, मैंने दिलावर की बॉडी से बम का तार जोड़ा था
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 06 Dec 2017 09:24 AM IST
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जगतार सिंह तारा
- फोटो : File Photo
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पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह हत्याकांड में बुड़ैल जेल में जगतार सिंह तारा के खिलाफ चल रहे ट्रायल के दौरान सोमवार को तारा के सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान दर्ज किए गए।
तारा ने अदालत में दर्ज कराए बयान में कहा है कि उसने ही दिलावर की बॉडी पर लगाए बम की तार कनेक्ट की थी। वहीं, धमाकेसे पहले उसने इसकी कामयाबी के लिए अरदास भी की थी। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी। उसके शेष बयान उसी दिन दर्ज होंगे।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की कोर्ट में चल रहे ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष सीबीआई के सरकारी वकील की ओर से हत्याकांड को लेकर तारा से करीब 20 सवाल पूछे गए। इनके जवाब में तारा ने कहा कि 31 अगस्त 1995 को वह राजोआणा के साथ सीएम आवास यह पता करने गया था कि वह वहां हैं या नहीं। इसके बाद वह मोहाली गए और दिलावर सिंह को लेकर वापस सीएम आवास पहुंचे। यहां आकर तारा ने दिलावर की बॉडी पर लगे बम की तार कनेक्ट की। इसके बाद उन्होंने मिलकर अरदास की।
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तारा ने अदालत में दर्ज कराए बयान में कहा है कि उसने ही दिलावर की बॉडी पर लगाए बम की तार कनेक्ट की थी। वहीं, धमाकेसे पहले उसने इसकी कामयाबी के लिए अरदास भी की थी। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी। उसके शेष बयान उसी दिन दर्ज होंगे।
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की कोर्ट में चल रहे ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष सीबीआई के सरकारी वकील की ओर से हत्याकांड को लेकर तारा से करीब 20 सवाल पूछे गए। इनके जवाब में तारा ने कहा कि 31 अगस्त 1995 को वह राजोआणा के साथ सीएम आवास यह पता करने गया था कि वह वहां हैं या नहीं। इसके बाद वह मोहाली गए और दिलावर सिंह को लेकर वापस सीएम आवास पहुंचे। यहां आकर तारा ने दिलावर की बॉडी पर लगे बम की तार कनेक्ट की। इसके बाद उन्होंने मिलकर अरदास की।
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जगतार सिंह तारा
- फोटो : file photo
तारा के अनुसार दिलावर पंजाब सेक्रिटिएट गया और राजोआणा स्कूटर से उसके पीछे गया था। उसने कार हरियाणा सेक्रिटिएट के पास पार्क की और वह उस जगह को तुरंत छोड़कर वहां से चला गया। इसके बाद राजोआणा उससे चंद मिनट के लिए मिला और दोनों वहां से फरार हो गए। तारा ने चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए रात 9 बजे बस पकड़ी थी। वहां पहुंचने पर ही उसे पता चला कि बेअंत सिंह की मौत हो चुकी है।
31 अगस्त 1995 को पंजाब सिविल सचिवालय की बिल्डिंग के पास हुए बम ब्लास्ट में पंजाब के तत्कालीन सीएम बेअंत सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस ब्लास्ट में 17 अन्य लोगों की भी मौत हुई थी। केएलएफ के दिलावर सिंह जयसिंहवाला ने यह आत्मघाती हमला किया था।
इस हत्याकांड में दोषी पाए गए बलवंत सिंह राजोआणा के खिलाफ पटियाला जेल में 31 मार्च 2012 को फांसी देने के वारंट अदालत ने जारी किए थे। हालांकि, किन्हीं कारणों से केंद्र सरकार ने इस फैसले पर रोक लगा दी थी। जगतार सिंह तारा के खिलाफ केस का ट्रायल अंतिम चरण में चल रहा है।
31 अगस्त 1995 को पंजाब सिविल सचिवालय की बिल्डिंग के पास हुए बम ब्लास्ट में पंजाब के तत्कालीन सीएम बेअंत सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस ब्लास्ट में 17 अन्य लोगों की भी मौत हुई थी। केएलएफ के दिलावर सिंह जयसिंहवाला ने यह आत्मघाती हमला किया था।
इस हत्याकांड में दोषी पाए गए बलवंत सिंह राजोआणा के खिलाफ पटियाला जेल में 31 मार्च 2012 को फांसी देने के वारंट अदालत ने जारी किए थे। हालांकि, किन्हीं कारणों से केंद्र सरकार ने इस फैसले पर रोक लगा दी थी। जगतार सिंह तारा के खिलाफ केस का ट्रायल अंतिम चरण में चल रहा है।