फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Jagdish jhinda on HSGPC president, haryana news

नलवी नहीं, मैं हूं हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का अध्यक्ष: झींडा

Sun, 23 Apr 2017 09:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा) Updated Sun, 23 Apr 2017 09:26 AM IST
विज्ञापन
Jagdish jhinda on HSGPC president, haryana news
जगदीश सिंह झींडा
जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का अध्यक्ष आज भी मैं ही हूं। लगभग सभी कमेटी के सदस्यों का समर्थन आज भी मेरे साथ है। झींडा यहीं नहीं रुके और उन्होंने कहा कि दीदार सिंह नलवी भी उन्हीं के साथ है। जाहिर है कि पिछले दिनों कैथल में हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष दीदार सिंह नलवी को घोषित करने का मामला सुर्खियों में आया था। 
विज्ञापन


शुक्रवार को झींडा कुरुक्षेत्र के एक होटल में प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों से रूबरू हुए थे। इस दौरान उनके साथ प्रबंधक कमेटी का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। यह सवाल किये जाने पर झींडा ने कहा कि वह आज प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष के नाते नहीं, बल्कि उनके प्रति मीडिया को जो गुमराह करने की साजिश रची जा रही है, उसके बारे में बताने के लिए यहां पहुंचे हैं। झींडा ने बताया कि उनके ऊपर आरोप है कि उन्होंने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और एसजीपीसी प्रधान प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर से समझौता कर लिया है, जबकि यह आरोप सरासर गलत हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक सफर को देखते हुए वे श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर में पेश हुए थे। पंथ से निष्कासन माफ करवाने के लिए यह अनिवार्य था। उन्होंने कुछ विरोधियों द्वारा लगाए गए जा रहे तमाम आरोपों को सिरे से नकारते हुए स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने से पहले उन्होंने हरियाणा कमेटी की कार्यकारिणी और धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन सहित पार्टी के 11 जिलों के अध्यक्षों से विचार-विमर्श किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

बादल और एसजीपीसी प्रधान से नहीं हुआ कोई समझौता

Jagdish jhinda on HSGPC president, haryana news
जगदीश झींडा - फोटो : File Photo
यहां तक कि प्रसिद्ध गुरबाणी कथावाचक भाई साहिब भाई पिंदरपाल सिंह जी, बाबा राम सिंह सिंघड़ा (नानकसर वाले), बाबा सुखा सिंह करनाल (कार सेवा वाले) और बाबा चरण सिंह (कार सेवा वाले) सहित अन्य संत महापुरुषों से भी मंथन किया था।

उन्होंने बताया कि कमेटी के वरिष्ठ उपप्रधान ने मीडिया को गुमराह करके उनके खिलाफ बयानबाजी की है, जबकि श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने से पहले उन्होंने कमेटी के महासचिव जोगा सिंह यमुनानगर के माध्यम से उनसे संपर्क किया था और उन्होंने स्वयं भी श्री अकाल तख्त साहिब पर उपस्थित होने की हामी भरी थी। मगर अंतिम समय में उन्होंने अपना विचार बदल लिया और वे श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश नहीं हुए। झींडा ने कहा कि वे पहले भी श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित रहे हैं और भविष्य में भी श्री अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च मानते हुए सत्कार करेंगे।

राजनीतिक सफर शुरू करने बारे में पूछे प्रश्न के जवाब में अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने कमेटी से जुड़े 11 जिलाध्यक्षों से उनकी सहमति के प्रस्ताव मांगे हैं। प्रस्ताव मिलने के बाद वे 5 मैंबरी कमेटी बना कर अंतिम निर्णय लेंगे। इस मौके पर उनके साथ गुरनाम सिंह, अमीर सिंह मल्ली, मास्टर दर्शन सिंह, होशियार सिंह और साहिब भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed