पवित्र ग्रंथ की बेअदबी, झींडा के CM बादल पर गंभीर आरोप
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पवित्र ग्रंथ की बेअदबी पर पंजाब में बवाल को लेकर एचएसजीएमसी प्रमुख झींडा ने बादल परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा कहते हैं कि जब जब बादल परिवार की राजनीतिक जमीन खिसकने लगती है तो वे भड़काऊ हथकंडे अपनाने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब में यहां वहां हो रही श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाएं इसी तरह की सियासत का हिस्सा हैं। झींडा यहां गुरुद्वारा साहिब पातशाही छटी व नौंवी में सिखों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बादल पंजाब में फेल हो गए हैं। उनकी हरकतों से पंजाब का हर वर्ग नाराज हैं। लोगों का ध्यान असली मुद्दों से हटाने के लिए नापाक साजिशें रची जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि बादल लाशों की राजनीति करने का काफी अनुभव रखते हैं। उन्होंने कहा कि बादल इस घटिया सियासत से बाज आएं। सिख कौम अभी तक आतंकवाद के सियाह दौर के जख्मों से ही नहीं उबर पाई जब सिखों की पूरी की पूरी नौजवान पीढ़ी खतम हो गई थी। अगर दोबारा उस तरह के हालात पैदा हुए तो यह सिखों ही नहीं पूरे समाज के लिए बहुत खतरनाक होगा।
उन्होंने सिखों को आगाह किया कि जोश के साथ होश ना खोएं। बिना सोचे समझे सुनी सुनाई बातों पर ना भड़कें। समाज में भाईचारे का माहौल कायम रहना जरूरी है। बादल परिवार इस माहौल को छिन्न भिन्न करना चाहता है। सिखों का समझाकर बादलों के हाथ का खिलौना बनने से रोकना है।
मखौल बना दिया गया है अकाल तख्त का
झींडा ने कहा कि अकाल तख्त साहिब सिखों की सर्वोच्च संस्था है तथा महाराजा रणजीत सिंह के जमाने से ही अकाल तख्त इतना ताकतवर और श्रद्धा का केंद्र बन गया था कि यहां से जारी हुकमनामों को टाल देने की किसी में हैसियत नहीं होती थी।
उन्होंने कहा कि आज के जत्थेदारों ने हुकमनामों का मजाक बना दिया है। पहले सिख कौम की भावनाओं की परवाह ना करते हुए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को माफी देने का हुकमनामा जारी कर दिया और जब सिखों को भड़काने का मंसूबा पूरा हो गया तो माफीनामा वापिस लेने का दूसरा हुकमनामा जारी कर दिया।
झींडा ने कहा कि सौदा साध को माफ करना भी गलत था और अब माफीनामा वापिस लेना भी गलत है। झिंडा ने साफ शब्दों में कहा कि तख्तों के मौजूदा जत्थेदार प्रकाश सिंह बादल एंड फैमिली के निजी सेवकों सा व्यवहार कर रहे हैं जिससे श्री अकाल तख्त साहिब की तौहीन हो रही है।
पंजाब में लगाया जाए राष्ट्रपति शासन
बैठक में यह फैसला भी लिया गया कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के राष्ट्रपति व राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपकर पंजाब सरकार को बर्खास्त कर वहां राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करेगा।
कमेटी के सचिव जोगा सिंह ने कहा कि बादल जितने दिन पंजाब की सत्ता में बने रहेंगे सूबे का माहौल बिगड़ता चला जाएगा। इसके दुष्परिणाम हरियाणा के सिखों को भी भुगतने पड़ेंगे। पहले भी भुगते हैं।
संबंध विच्छेद का डाला प्रस्ताव
मीटिंग में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित करके ऐलान किया गया कि हरियाणा की सिख संगत बादल परिवार अथवा तख्तों के जत्थेदारों के साथ कोई संबंध नहीं रखेगी। अगर उनके हरियाणा में कोई कार्यक्रम होते हैं तो उनका विरोध किया जाएगा।
प्रस्ताव में कहा गया कि जत्थेदार सठिया गए हैं तथा कौम के फैसले लेने में सक्षम नहीं रहे हैं इसलिए सिख कौम जत्थेदारों के हुकम मानने से इनकार करती है।