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चंडीगढ़ः रिश्वत लेने वाले आईटीओ राकेश जैन को चार साल कैद और जुर्माना, कोर्ट की टिप्पणी...

Fri, 14 Feb 2020 12:56 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 14 Feb 2020 12:56 PM IST
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ITO Rakesh Jain, who took bribe, imprisoned for four years, fined five lakh
प्रतीकात्मक तस्वीर
चंडीगढ़ सीबीआई अदालत ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार पूर्व इनकम टैक्स ऑफिसर (आईटीओ) राकेश जैन को चार साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर पांच लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। बता दें कि बुधवार को राकेश जैन को दोषी करार दिया गया था। अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 13 (1)(डी), 13 (2) के तहत सजा सुनाई है।
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फैसले के दौरान राकेश जैन ने अदालत से प्रार्थना की कि उसे पहले कभी सजा नहीं हुई है। उसके दो बेटे हैं। उनका एक बेटा सचिन जैन दिमागी बीमारी से जूझ रहा है। मेडिकल रिकॉर्ड के हिसाब से उसका पीजीआई में इलाज चल रहा है। यह बात कहते हुए दोषी ने अदालत से कम से कम सजा की मांग की, लेकिन अदालत ने कहा इस अपराध का उस समाज पर बुरा प्रभाव पड़ता है, जिस समाज में वह रहता है। भविष्य में यह राकेश जैन के खुद के लिए नुकसानदेह है। सजा समाज की सुरक्षा के लिए दी जाती है ताकि समाज में दोबारा इस तरह के अपराध को दोहराया न जाए।
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बता दें कि 2 फरवरी 2013 को सीबीआई ने सेक्टर-20 निवासी रियल एस्टेट और शराब कारोबारी अशोक अरोड़ा की शिकायत पर राकेश जैन को उनके घर से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। अरोड़ा ने सीबीआई को दी शिकायत में कहा था कि उन्हें आयकर विभाग की ओर से आईटी एक्ट 1961 की धारा 142 (2) के तहत नोटिस आया था। इसके बाद आईटीओ राकेश जैन की ओर से कॉल आई और 2011-12 के टैक्स को लेकर अपने ऑफिस बुलाया। वहां बातचीत में जैन ने उन्हें टैक्स नोटिस को सेटल करने के लिए 3.5 लाख रुपये रिश्वत की मांग की।
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बातचीत के बाद यह सौदा 2.5 लाख रुपये में तय हो गया। सीबीआई ने ट्रैप लगाकर जैन को उसके सेक्टर-22 स्थित घर से रिश्वत की पहली किश्त 50 हजार रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उनके घर से 23 लाख रुपये कैश समेत लाखों की गोल्ड ज्वैलरी भी मिली थी। इस मामले में राकेश जैन की मां कांता जैन को भी आरोपी बनाया गया था, लेकिन ट्रायल के दौरान मौत के कारण उनके खिलाफ कार्यवाही 2012 में रद्द कर दी गई थी। राकेश जैन और उनकी पत्नी सुनीता जैन के खिलाफ मनी लॉड्रिंग का अन्य केस जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चल रहा है।

जज की टिप्पणी
अदालत ने अपने आदेश में लिखा कि आरोपी ने रिश्वत लेने की नई तकनीक अपनाई। रिकॉर्ड के मुताबिक उसने शिकायतकर्ता से पैसे विंडो एसी के ऊपर रखवाए। दस्ताने पहनकर दोषी ने पैसे उठाए और पैसे अपनी मां, जोकि मौके पर मौजूद थी, उनके अंडरगारमेंट्स में छिपा दिए। सीबीआई ने रिश्वत के पैसे दोषी राकेश जैन की मां के अंडरगारमेंट्स से बरामद किए थे।


सीबीआई ने उनकी मां को मामले में आरोपी बनाया था, लेकिन ट्रायल के दौरान उनकी मौत होने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई रद्द कर दी गई थी। अदालत ने कहा कि ऐसे दोषियों के प्रति बिल्कुल नरमी नहीं बरती जाएगी। ऐसे दोषी को कम सजा देना उनको प्रोत्साहन देना होगा, जिसको बढ़ाने की अनुमति नहीं है।
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