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Haryana: अशोक खेमका की याचिका का निपटारा, सरकार को केस चलाने की अनुमति से पहले देना होगा 10 दिन का नोटिस
Tue, 29 Nov 2022 07:50 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 29 Nov 2022 07:50 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए हरियाणा सरकार को आदेश दिया कि अगर खेमका के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दी तो उन्हें 10 दिन का नोटिस देना होगा ताकि वह अपने कानूनी अधिकार का उपयोग कर सकें। इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
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आईएएस अशोक खेमका
- फोटो : फाइल
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विस्तार
हरियाणा के चर्चित आईएएस अशोक खेमका पर पंचकूला में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में दर्ज एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया कि अगर खेमका के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दी गई तो उन्हें 10 दिन का नोटिस देना होगा।
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खेमका के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में पंचकूला के सेक्टर पांच थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। हरियाणा वेयरहाऊस कॉर्पोरेशन में मैनेजर के पद पर हुई भर्ती में घोटाले की बात उजागर हुई थी। इस मामले में कॉर्पोरेशन के एमडी संजीव वर्मा ने पंचकूला पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत को आधार बनाते हुए पंचकूला पुलिस ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में केस दर्ज किया था।
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इस मामले में खेमका का नाम सामने आया था क्योंकि भर्तियों के समय अशोक खेमका एमडी थे। इस मामले में एफआईआर को रद्द करने की अपील करते हुए खेमका ने हाईकोर्ट की शरण ली है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के तौर पर वर्तमान में खेमका अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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खेमका ने दलील दी कि वह प्रथम श्रेणी अधिकारी हैं और सेवा नियमों के तहत उन पर सीधे एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती। खेमका ने कहा कि उनके खिलाफ यह एफआईआर रंजिशन करवाई गई है। हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि अभी तक खेमका के खिलाफ केस चलाने की अनुमति सरकार ने नहीं दी है। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए हरियाणा सरकार को आदेश दिया कि अगर खेमका के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दी तो उन्हें 10 दिन का नोटिस देना होगा ताकि वह अपने कानूनी अधिकार का उपयोग कर सकें। इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।