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समान कार्य के लिए समान वेतन देना अनिवार्य, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मामले में दिए आदेश
Sun, 24 May 2020 02:39 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 24 May 2020 02:39 PM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
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एक समान कार्य करने वाले दो कर्मचारियों के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता और उन्हें समान वेतन देना अनिवार्य है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए फार्मासिस्ट का वेतन दोबारा निर्धारित करने के आदेश दिए हैं। एक याचिका पर फार्मासिस्ट पंकज की ओर से कहा गया कि उसे हिसार में 10000 के वेतन पर रखा गया था।
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इसके बाद उसे नेशनल हेल्थ मिशन के तहत लाया गया और उसे 15000 प्रति माह का वेतन दिया जाने लगा। याचिकाकर्ता ने बताया कि उसे अनुबंध के आधार पर रखा गया था लेकिन उसके और नियमित कर्मचारियों के वेतन में जमीन आसमान का फर्क था। उसे वेतन के तौर पर 15000 दिए जाते थे, वहीं नियमित कर्मचारियों का वेतन 39000 था।
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याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए हाईकोर्ट को बताया कि इस प्रकार समान कार्य के लिए उसे व अन्य समकक्ष कर्मियों को आधा वेतन देना उसके व उसके जैसे अन्य कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर हरियाणा सरकार का पक्ष सुनने के बाद हरियाणा सरकार को याचिकाकर्ताओं का वेतन दोबारा निर्धारित करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका दाखिल करने के 38 माह पूर्व तक के वेतन पर ब्याज देने की भी हरियाणा सरकार को आदेश दिए हैं।