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Chandigarh News: सदन में गूंजा बंद एमआरएफ केंद्र का मुद्दा, आयुक्त ने एमओएच को कहा- सब कुछ छोड़कर पहले इसे हल करें
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चंडीगढ़। नगर निगम की सदन की बैठक में मंगलवार को बंद पड़े एमआरएफ केंद्र का मुद्दा गूंजा। कांग्रेस की पार्षद तरुणा मेहता ने कहा कि 27 दिन से 3-बीआरडी का एमआरएफ केंद्र बंद है। उन्होंने आयुक्त से जवाब मांगा। इसके बाद अन्य पार्षदों ने भी चिंता जताई और कहा कि जब नगर निगम के अधिकारियों को मालूम है कि ट्रक के टायर खराब है तो उसे बदलने की व्यवस्था पहले ही क्यों नहीं की गई।
अमर उजाला ने सबसे पहले ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से यह बताया था कि 3-बीआरडी का एमआरएफ केंद्र पिछले 27 दिन से बंद है। वह भी सिर्फ इसलिए कि नगर निगम ने कचरे को एमआरएफ केंद्र से प्लांट तक ले जाने वाले ट्रकों के टायर नहीं बदले। सभी तीनों ट्रक के टायर फट गए, जिसकी वजह से प्लांट को बंद करना पड़ा। अन्य प्लांट भी बंद होने की कगार पर है क्योंकि उनके ट्रकों के टायर भी खराब है। नगर निगम के रवैये से परेशान होकर अन्य दोनों प्लांट में भी मंगलवार को गारबेज कलेक्टर्स ने हड़ताल कर दी और काम बंद कर दिया। पार्षद तरुणा मेहता के सवाल उठाने के बाद आयुक्त ने कहा कि एक-दो दिन में प्लांट खुल जाएंगे। हड़ताल भी शाम तक खुल गया है। पार्षद महेशइंद्र सिंह सिद्धू ने कहा कि सभी की एएमसी करनी चाहिए। इस पर मित्रा ने कहा कि वह काफी समय से कह रही हैं कि इंश्योरेंस और एएमसी के लिए विभाग के पास पहले से डाटा होना चाहिए और उनके खत्म होने से दो महीने पहले से ही इनका काम शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने एमओएच को आदेश दिए कि सब कुछ छोड़कर पहले इसको हल करें क्योंकि इससे बहुत काम प्रभावित होते हैं। पार्षद अंजू कात्याल ने भी कहा कि यह गंभीर मामला है। इसको जल्द सुलझाया जाना चाहिए। एमओएच ने सदन में जवाब दिया कि एक-दो दिन में टायर बदल दिए जाएंगे, जिसके बाद प्लांट को शुरू कर दिया जाएगा।
जीएसटी विभाग ने निगम के सभी खाते करवा दिए थे फ्रीज
नगर निगम की आयुक्त ने मंगलवार को बताया कि हाल ही में जीएसटी विभाग ने नगर निगम को 5 करोड़ का नोटिस भेजा था। इस पर नगर निगम की तरफ से आपत्ति भी जताई गई थी क्योंकि नगर निगम की उन सेवाओं पर भी जीएसटी लगा दी गई थी, जो जीएसटी के दायरे में नहीं आती हैं। इसे लेकर नगर निगम की तरफ से विभाग को कई पत्र भी भेजे गए थे। इस बीच जीएसटी विभाग ने सभी बैंकों को पत्र लिखकर नगर निगम के सभी खातों को फ्रीज करने के आदेश जारी कर दिए थे। जीएसटी विभाग के आदेश के खिलाफ नगर निगम ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया और हाईकोर्ट के दखल के बाद खातों को खुलवा लिया। आयुक्त ने कहा कि यह इंटर डिपार्टमेंटल मामले हैं। ऐसे विवाद चलते रहते हैं।
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अमर उजाला ने सबसे पहले ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से यह बताया था कि 3-बीआरडी का एमआरएफ केंद्र पिछले 27 दिन से बंद है। वह भी सिर्फ इसलिए कि नगर निगम ने कचरे को एमआरएफ केंद्र से प्लांट तक ले जाने वाले ट्रकों के टायर नहीं बदले। सभी तीनों ट्रक के टायर फट गए, जिसकी वजह से प्लांट को बंद करना पड़ा। अन्य प्लांट भी बंद होने की कगार पर है क्योंकि उनके ट्रकों के टायर भी खराब है। नगर निगम के रवैये से परेशान होकर अन्य दोनों प्लांट में भी मंगलवार को गारबेज कलेक्टर्स ने हड़ताल कर दी और काम बंद कर दिया। पार्षद तरुणा मेहता के सवाल उठाने के बाद आयुक्त ने कहा कि एक-दो दिन में प्लांट खुल जाएंगे। हड़ताल भी शाम तक खुल गया है। पार्षद महेशइंद्र सिंह सिद्धू ने कहा कि सभी की एएमसी करनी चाहिए। इस पर मित्रा ने कहा कि वह काफी समय से कह रही हैं कि इंश्योरेंस और एएमसी के लिए विभाग के पास पहले से डाटा होना चाहिए और उनके खत्म होने से दो महीने पहले से ही इनका काम शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने एमओएच को आदेश दिए कि सब कुछ छोड़कर पहले इसको हल करें क्योंकि इससे बहुत काम प्रभावित होते हैं। पार्षद अंजू कात्याल ने भी कहा कि यह गंभीर मामला है। इसको जल्द सुलझाया जाना चाहिए। एमओएच ने सदन में जवाब दिया कि एक-दो दिन में टायर बदल दिए जाएंगे, जिसके बाद प्लांट को शुरू कर दिया जाएगा।
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जीएसटी विभाग ने निगम के सभी खाते करवा दिए थे फ्रीज
नगर निगम की आयुक्त ने मंगलवार को बताया कि हाल ही में जीएसटी विभाग ने नगर निगम को 5 करोड़ का नोटिस भेजा था। इस पर नगर निगम की तरफ से आपत्ति भी जताई गई थी क्योंकि नगर निगम की उन सेवाओं पर भी जीएसटी लगा दी गई थी, जो जीएसटी के दायरे में नहीं आती हैं। इसे लेकर नगर निगम की तरफ से विभाग को कई पत्र भी भेजे गए थे। इस बीच जीएसटी विभाग ने सभी बैंकों को पत्र लिखकर नगर निगम के सभी खातों को फ्रीज करने के आदेश जारी कर दिए थे। जीएसटी विभाग के आदेश के खिलाफ नगर निगम ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया और हाईकोर्ट के दखल के बाद खातों को खुलवा लिया। आयुक्त ने कहा कि यह इंटर डिपार्टमेंटल मामले हैं। ऐसे विवाद चलते रहते हैं।
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