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सवालों के घेरे में मुख्य चुनाव अधिकारी का कामकाज

Wed, 02 Apr 2014 12:03 PM IST
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, चंडीगढ़
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 02 Apr 2014 12:03 PM IST
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Into question the functioning of the Chief Electoral Officer

पंजाब में लोकसभा चुनाव के मौजूदा अभियान के बीच पहली बार राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के कामकाज पर अंगुली उठाई जा रही है। कांग्रेस ने सीईओ पर प्रदेश सरकार के प्रति नरम रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी अपनी शिकायतें सीधे केंद्रीय चुनाव आयोग को भेजनी शुरू कर दी है।

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इस बार देखने में आया है कि सीईओ द्वारा विभिन्न शिकायतों के निपटारे में सरकार से रिपोर्ट मांगने और रिपोर्ट लेकर चुनाव आयोग को भेज देने के ज्यादा कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। हालांकि कांग्रेस का भी कहना है कि पिछले चुनाव में सीईओ ने खुद कई मामलों की जांच करवाकर सख्त टिप्पणियों के साथ जांच रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी थीं।
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उस समय आयोग से भी तुरंत कार्रवाई की जा रही थी लेकिन इस बार अनेक शिकायतें तो प्रदेश कार्यालय में ही अटकीं हैं और जिन्हें चुनाव आयोग को भेजा गया है, उनमें भी कई मामलों में जवाब का इंतजार है।

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कार्रवाई नियमों के मुताबिक: सीईओ

Into question the functioning of the Chief Electoral Officer

कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि सीईओ वीके सिंह का अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार के प्रति रवैया नरम है। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कह चुके हैं कि सीईओ सरकार का पक्ष ले रहे हैं।

जबकि पीपीसीसी प्रवक्ता सुखपाल खैरा का कहना है कि सीईओ के इस रवैये की वजह से वह अब सीधे चुनाव आयोग तक पहुंच करने लगे हैं। लेकिन सीईओ वीके सिंह का कहना है कि उनकी तरफ से कार्रवाई नियमों के मुताबिक ही की जा रही है, क्योंकि शिकायतों पर कोई भी फैसला करने का अधिकार चुनाव आयोग को ही है।

शिकायतों की है लंबी फेहरिस्त

Into question the functioning of the Chief Electoral Officer

करीब दो दर्जन गंभीर किस्म की शिकायतें कांग्रेस की ओर से की गई हैं, जिनका सीधा संबंध सरकार और बड़े अधिकारियों से है। इनमें मुख्य हैं :-
- डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के तबादले की मांग
- डीजीपी सैनी और सीईओ वीके सिंह के बीच कथित गुप्त बैठक से संबंधित शिकायत
- मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की तस्वीरों वाले आटा-दाल स्कीम से संबंधित नीले कार्डों पर राशन का बंटना
- बठिंडा, फिरोजपुर, लुधियाना आदि के पुलिस अधिकारियों की शिकायत
- श्री आनंदपुर साहिब में होल्ला-मोहल्ला पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के भाषण का मामला
- खटकड़ कलां में शहीद भगत सिंह के शहीदी दिवस पर अकाली-भाजपा गठबंधन द्वारा सरकारी प्लेटफॉर्म इस्तेमाल किए जाने का मामला
- जिला पटियाला में उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल की एक रैली के दौरान कथित तौर पर शराब बंटने की शिकायत
- तलवंडी साबो विधानसभा सीट खाली होने के बावजूद वहां उप चुनाव न करवाए जाने की शिकायत
- विधायक बीबी जगीर कौर द्वारा विधानसभा क्षेत्र भुलत्थ में सांसद निधि से संबंधित प्रोजेक्टों के नींव पत्थर रखने का मामला
- उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल द्वारा एक लाख ट्यूबवेल कनेक्शन बांटे जाने के ऐलान से संबंधित शिकायत
- यूथ अकाली दल अध्यक्ष बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा अमृतसर से कांग्रेस उम्मीवार कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ की गई बयानबाजी का मामला
- मुख्यमंत्री बादल के फोटो वाले साइकिलों से संबंधित घटनाक्रम
- बठिंडा में के विभिन्न गुरुद्वारों, डिस्पेंसरियों में लगे नन्हीं छांव मुहिम के पोस्टर
- मंत्री आदेश प्रताप सिंह के खिलाफ आचार संहिता लागू होने के बाद पेंशनों के चेक बांटने से संबंधित शिकायत

इन मामलों में दिखाई सख्ती

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- जिला बठिंडा, फिरोजपुर और लुधियाना में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आई शिकायत पर पुलिस विभाग की ओर से दी गई क्लीन चिट पर चुनाव आयोग ने खूब खिंचाई की। आयोग ने स्पष्ट कहा कि रिपोर्ट संतोषजनक नहीं है तथा इस पर गृह विभाग के प्रमुख सचिव से रिपोर्ट मांगी जाए। अब गृह विभाग की रिपोर्ट फिर से चुनाव आयोग को भेजी गई है।
- डीसी पटियाला की ओर से सुखबीर बादल की रैली में कथित तौर पर शराब बांटे जाने से संबंधित भेजी गई रिपोर्ट में भी क्लीन चिट दी गई थी। इसे भी असंतोषजनक करार देते हुए वापस भेज दिया गया। अतिरिक्त सीईओ (शिकायतें) सुप्रीत सिंह गुलाटी के मुताबिक डीसी की रिपोर्ट दोबारा आ गई है और इसमें भी कहा गया है कि रैली में शराब बांटा जाना सिद्ध नहीं हुआ।
- नीले कार्डों पर छह महीने का इकट्ठा राशन बांटने पर चुनाव आयोग की रोक।
-ब ीबी जगीर कौर द्वारा लगाए गए नींव पत्थर हटाने का आयोग का आदेश।

लंबित मामले

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- श्री होला मोहल्ला पर बादल का भाषण। शिअद का कहना बादल ने राजनीतिक बातें प्रेस वार्ता के दौरान कीं, धार्मिक आयोजन में नहीं।
- मजीठिया की कैप्टन के खिलाफ बयानबाजी, हालांकि मजीठिया का कहना है कि उन्होंने कैप्टन के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया।
- सुखबीर की ट्यूबवेल कनेक्शनों से संबंधित घोषणा

अभी तक की क्लीन चिटें
- डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के तबादले का मामला
- डीजीपी सैनी और सीईओ वीके सिंह की बैठक
- आटा-दाल स्कीम में एक महीने का राशन बांटने की इजाजत
- मुख्यमंत्री बादल के फोटो वाले साइकिलों का मामला
- नन्हीं छांव मुहिम के पोस्टर
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