खुशखबरी: 18 माह बाद इंटरस्टेट बस सर्विस बहाल, जम्मू से चार और पठानकोट से चलीं दो सरकारी बसें
यात्रियों के लिए खुशखबरी है। 18 माह बाद इंटरस्टेट बस सर्विस बहाल हो गई है। मंगलवार को जम्मू से चार और पठानकोट से दो सरकारी बसें चलीं। 18 माह बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सशर्त बहाल की है इंटरस्टेट बस सर्विस। कोरोना के कारण गत वर्ष 18 मार्च को सर्विस बंद कर दी गई थी।
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कोरोना महामारी के कारण पिछले वर्ष 18 मार्च से बंद जम्मू-कश्मीर के लिए इंटरस्टेट बस सेवा 18 माह 10 दिन बाद सशर्त बहाल कर दी गई। मंगलवार को पहले दिन जम्मू-कश्मीर से 4 बसें पठानकोट पहुंचीं। जबकि, पठानकोट रोडवेज डिपो से 2 बसों को जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना किया गया। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि लोगों का रुझान बढ़ने पर बस सर्विस को बढ़ा दिया जाएगा। वहीं, जम्मू-कश्मीर के लिए बस सेवा शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। इसके अलावा, पठानकोट समेत पंजाब भर के कारोबारियों को भी राहत मिली है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इसके लिए कुछ शर्तें रखी हैं।
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पिछले साल 18 मार्च से बंद है सर्विस
बता दें कि 18 मार्च 2020 को कोरोना के चलते पूरे देश में इंटरस्टेट बस सेवा बंद कर दी गई थी। लेकिन लगातार मिल रही छूट के बाद हिमाचल, हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई राज्यों ने इंटरस्टेट बस सर्विस को शुरू कर दिया, लेकिन जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने डेढ़ वर्ष बाद इंटरस्टेट बस सर्विस शुरू की थी। हालांकि कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके लोगों को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 30 अगस्त को बिना टेस्ट के प्रवेश की इजाजत दी थी। जिसके बाद पठानकोट व आसपास के क्षेत्रों से जम्मू-कश्मीर में कारोबार करने वालों सहित देश के विभिन्न राज्यों से माता वैष्णो देवी व अन्य धार्मिक, पर्यटन स्थलों को जाने वालों को भी इससे काफी राहत मिली थी।
दोनों डोज का प्रमाण पत्र दिखाना अनिवार्य
जम्मू-कश्मीर स्टेट ट्रांसपोर्ट के पठानकोट ट्रैफिक मैनेजर तजिंदर सिंह का कहना है कि यात्रियों को टेस्ट से छूट के लिए दोनों डोज का प्रमाण पत्र दिखाना होगा। कंडक्टर और ड्राइवर को भी अपने साथ दोनों डोज का प्रमाण पत्र रखना होगा, जिन लोगों ने दोनों डोज नहीं लगवाई, उन्हें 72 घंटे के भीतर करवाए आरटीपीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। उन्होंने बताया कि पहले फेज में अमृतसर और पठानकोट के लिए 12 बसें चलाई गई हैं। जैसे-जैसे सवारियां बढ़ेंगी, वैसे-वैसे पुरानी सर्विस के अनुसार बसों को गंतव्य पर भेजा जाएगा।
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यात्री हुए खुश
जम्मू से आई पहली बस में सवार अवंतीपोरा के रहने वाले असलम भट्ट, माता वैष्णों देवी से यात्रा कर लौटे बिहार के छपरा निवासी नवनीत दुबे और हरियाणा के राजवीर ने बताया कि अब ट्रेन में रिजर्वेशन के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। बस का विकल्प खुला है। वहीं, पठानकोट रोडवेज डिपो के जनरल मैनेजर दर्शन सिंह ने बताया कि पठानकोट डिपो ने मंगलवार को दो बसें जम्मू के लिए भेजी हैं। जिन यात्रियों के पास दोनों डोज का सर्टिफिकेट होगा, उन्हीं को टिकट मिलेगा। जिन्होंने दोनों डोज नहीं लगवाई, उनकी टिकट लखनपुर की काटी जाएगी। वहां टेस्ट नेगेटिव आने के बाद ही रोडवेज की अन्य बस में भेजा जाएगा।