ड्रग रैकेट: सीपीएस अविनाश से ईडी की पूछताछ में अहम खुलासा
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पंजाब में बहुचर्चित ड्रग रैकेट में इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट की ओर से की जा रही जांच का दायरा बढ़ना शुरू हो गया है। इसमें इन दिनों शिरोमणि अकाली दल के विधायक सीपीएस अविनाश चंद्र हैं। चौथी बार ईडी ने अविनाश चंद्र को बुलाकर 11 घंटे पूछताछ में कई अहम जानकारियां हासिल की है।
ईडी की जांच का दायरा जैसे जैसे बढ़ रहा है, वैसे ही सीपीएस अविनाश चंद्र की मुसीबतें भी बढ़ रही हैं। ईडी के सामने सबसे बड़ी चुनौती वह डायरी है, जिसमें अविनाश चंद्र का लेनदेन का जिक्र है और उनके नाम को किसी से मिलीभगत कर काटा गया है।
गोराया के कारोबारी चुन्नी लाल गाबा और उनके बेटे गुरमेज गाबा के यहां आयकर विभाग ने छापामारी की थी तो वहां से एक डायरी मिली थी। इसमें करोड़ों रुपये का लेनदेन का जिक्र किया गया था। इस डायरी को आयकर विभाग के अधिकारियों ने कब्जे में ले लिया था। गोराया के गाबा परिवार का नाम रिटायर डीएसपी व करोड़ों की तस्करी के आरोप में जेल में बंद जगदीश भोला ने भी लिया था।
ईडी ने जब भोला को तलब किया तो उसने अपने बयान में राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के अलावा पूर्व जेल मंत्री फिल्लौर के बेटे का नाम भी लिया था। ईडी ने अपनी जांच शुरू की तो वह बीच में अटक गई, क्योंकि आयकर विभाग के पास जो डायरी थी, वह उनका मुख्य सूत्रधार थी। आयकर विभाग के अधिकारी डायरी देने में आनाकानी करने लगे तो ईडी ने कोर्ट का रास्ता अख्तियार कर डायरी को हासिल कर लिया।
जांच एजेंसी
डायरी की जांच ईडी ने शुरू की तो उसमें करीब 60 बार पैसे का लेनदेन पंजाब के एक सीपीएस के साथ करने का जिक्र था, जिसमें होटल का भी जिक्र आया था। इसके अलावा एक डीएसपी के नाम का करीब 18 लाख रुपये के लेनदेन का जिक्र इसी डायरी में था। ईडी ने डायरी को अच्छी तरह से खंगाला तो उनको जांच का दायरा बढ़ाने की जरूरत महसूस हुई।
सीपीएस के नाम पर एक बार 67 लाख रुपये राशि एकमुश्त देने का जिक्र है, जिसके साथ ही होटल लिखा हुआ है। ईडी अब इस बात की जांच कर रही है क्या राशि होटल में अदा की गई थी या फिर यह राशि होटल बनाने के लिए सीपीएस को दी गई थी। डीएसपी को लाखों रुपये क्यों अदा किए गए, इसका जिक्र डायरी में नहीं मिल पाया है।
सीपीएस के नाम करीब 60 एंट्री थी, जिसमें उनके नाम पर करीब 1.5 करोड़ की राशि का जिक्र था। इन नामों को बाद में पैन से काटा भी गया है, लेकिन कई स्थानों पर इसको काटा नहीं जा सका है। ईडी ने फोरेंसिक रिपोर्ट से पता करवा लिया है कि यह जिन नामों को काटा गया है, वह सीपीएस अविनाश चंद्र के हैं।
अविनाश से पूछताछ में जांच अधिकारी ने ज्यादा फोकस डायरी पर ही रखा। उन तारीखों पर ही अधिक पूछताछ की, जिनको उनको ड्रग तस्करी के कारोबार में घिरे गाबा ने पैसे दिए थे। इसके अलावा उसके एनआरआई कनेक्शन पर भी विस्तार से पूछताछ की गई।
सीपीएस अविनाश चंद्र का एनआरआई कनेक्शन काफी गहरा है, यह बात किसी से छिपी नहीं है। ईडी के अधिकारी सीपीएस अविनाश चंद्र की बैंक खातों की ट्रांजेक्शन खंगाल रहे हैं। इसके अलावा उनकी जमीन जायदाद का पूरा ब्योरा जुटाया जा रहा है। जिस ढंग से ईडी ने अपनी जांच अचानक तेज कर दी है, उससे आने वाले दिनों में कई बातें सामने आनी तय है।