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भारत के पहलवान कैसे बनेंगे दुनिया के 'सुल्तान', नर सिंह ने दिया गुरूमंत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Tue, 11 Oct 2016 01:49 AM IST
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नर सिंह का गुरूमंत्र
- फोटो : File Photo
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अंतरराष्ट्रीय पहलवान नरसिंह यादव ने बताया है कि पहलवानों को विश्वस्तरीय कुश्ती में दमखम दिखाने के लिए क्या करना चाहिए। वह पंजाब के अमृतसर पहुंचे थे। नरसिंह यादव ने कहा कि पंजाब की मिट्टी में कई पहलवानों का जन्म हुआ। नि: संदेह, आज भी पंजाब में पहलवानों की कमी नहीं है।
ये पहलवान देसी दांवपेंच से प्रतिद्वंद्वी को चित्त करने की क्षमता रखते हैं, लेकिन इन्हें आधुनिक तकनीक के साथ पहलवानी सिखाने की जरूरत है। पंजाब के पहलवान आज भी अखाड़े में ही प्रशिक्षण लेते हैं, जबकि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय अखाड़ों में मैट पर दंगल होता है।
पहलवान नरसिंह यादव गत दिवस गोलबाग स्थित कुश्ती स्टेडियम में आयोजित 'करतार सिंह बतरा मेमोरियल कुश्ती टूर्नामेंट' का शुभारंभ करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वाराणसी में जन्मे इस पहलवान ने कहा कि अखाड़े की मिट्टी से उपजे पहलवानों को विश्वस्तरीय कुश्ती में दमखम दिखाने के लिए तकनीक से जोड़ना अनिवार्य है।
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ये पहलवान देसी दांवपेंच से प्रतिद्वंद्वी को चित्त करने की क्षमता रखते हैं, लेकिन इन्हें आधुनिक तकनीक के साथ पहलवानी सिखाने की जरूरत है। पंजाब के पहलवान आज भी अखाड़े में ही प्रशिक्षण लेते हैं, जबकि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय अखाड़ों में मैट पर दंगल होता है।
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पहलवान नरसिंह यादव गत दिवस गोलबाग स्थित कुश्ती स्टेडियम में आयोजित 'करतार सिंह बतरा मेमोरियल कुश्ती टूर्नामेंट' का शुभारंभ करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वाराणसी में जन्मे इस पहलवान ने कहा कि अखाड़े की मिट्टी से उपजे पहलवानों को विश्वस्तरीय कुश्ती में दमखम दिखाने के लिए तकनीक से जोड़ना अनिवार्य है।
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'पहलवानों को मैट पर दांव-पेंच सिखाए जाएं'
नरसिंह यादव के लिए राहत भरी खबर
- फोटो : File Photo
परंपरागत कुश्ती मिट्टी में खेली जाती है, लेकिन राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की कुश्ती के लिए मैट वाले आधुनिक अखाड़ों पर खिलाड़ियों को उतरना पड़ता है। देश व प्रदेशों की सरकारें खिलाड़ियों को ऐसे अखाड़ों में प्रशिक्षण देने की व्यवस्था बनाएं। पहलवानों को मैट पर दांव-पेंच सिखाए जाएं, तभी देसी पहलवान विश्व का 'सुल्तान' बनेगा।
2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता नरसिंह यादव ने कहा कि नशे के कारण युवा वर्ग तबाह हो रहा है। युवाओं का झुकाव नशे की तरफ न हो, इसके लिए उन्हें खेलों में अधिक भाग लेना चाहिए। युवा देश के लिए कुछ करें, देश आपके लिए बहुत कुछ करेगा।
उन्होंने कहा कि नेशनल कैंपों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। खिलाड़ियों की डाइट में कई बार मिलावट की जाती है। इससे अक्सर डोपिंग जैसे मामले सामने आते हैं। यह कारस्तानी खिलाड़ियों का भविष्य तबाह कर सकती है।
2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता नरसिंह यादव ने कहा कि नशे के कारण युवा वर्ग तबाह हो रहा है। युवाओं का झुकाव नशे की तरफ न हो, इसके लिए उन्हें खेलों में अधिक भाग लेना चाहिए। युवा देश के लिए कुछ करें, देश आपके लिए बहुत कुछ करेगा।
उन्होंने कहा कि नेशनल कैंपों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। खिलाड़ियों की डाइट में कई बार मिलावट की जाती है। इससे अक्सर डोपिंग जैसे मामले सामने आते हैं। यह कारस्तानी खिलाड़ियों का भविष्य तबाह कर सकती है।