महिला दिवसः पढ़ें डेयरी चला रही कॉमर्स टॉपर की प्रेरणादायक कहानी, पांच भैंसों से शुरू किया था सफर
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आदमपुर की बेटी सुनीता बिश्नोई ने डेयरी फार्मेसी में अपने क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। सुनीता एफजीएम कॉलेज आदमपुर से बीकॉम व एमडीयू रोहतक से एमकॉम पास हैं। बीकॉम में सुनीता ने 68 प्रतिशत व एमकॉम में 63 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। वहीं सुनीता ने 12वीं कक्षा में कॉमर्स संकाय में 86 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। कॉमर्स की टॉपर छात्रा होते हुए सुनीता ने डेयरी फार्म खोलकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
सुनीता ने बताया कि उसके भाई सुनील ने पांच साल पहले किसी के साथ पार्टनरशिप में डेयरी की थी। जब डेयरी में फायदा होता नजर आया तो पार्टनर ने भविष्य में इकट्ठा कार्य करने से मना कर दिया। इससे मेरे भाई को बहुत निराशा हुई। सुनीता ने बताया कि उसने अपने भाई के चेहरे पर मुस्कान देखने के लिए अपनी स्वयं की डेयरी करने की योजना बनाई।
इसके लिए सुनीता व भाई सुनील ने एलएलआरयू हिसार से पशुपालन व मिल्क प्रोसेसिंग की ट्रेनिंग ली। दोनों भाई-बहनों ने मात्र पांच भैंसों से डेयरी शुरू की। आज इनकी डेयरी में 55 पशु हैं। इनमें दूध देने वाली 24 भैंस और 16 से ज्यादा गाय हैं। सुनीता बिश्नोई और भाई सुनील को लाला लाजपत राय विश्वविद्यालय की ओर से विशिष्ट उपलब्धि पुरस्कार मिल चुका है।
सुनीता बिश्नोई ने बताया कि हम सदलपुर गांव के रहने वाले हैं। डेयरी करने के लिए पांच साल पहले आदमपुर में किराये के मकान में रहने लगे थे। अब इनका खुद का मकान है। सुनीता बिश्नोई के पिता हुनमान बिश्नोई दो साल पहले तक किराये की गाड़ी पर ड्राइविंग करते थे। बेटी व बेटे की सफलता के बाद आज हनुमान बिश्नोई के पास खुद की पिकअप गाड़ी है। सुनीता बिश्नोई स्वयं पशुओं को दूध निकालती है और खेत में ट्रैक्टर चलाकर कार्य भी करती हैं।