फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   International Sikh Youth Federation again active, increased concern of agencies

इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन फिर सक्रिय, एजेंसियों की बढ़ी चिंता

Wed, 07 Jun 2017 09:40 AM IST
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब) Updated Wed, 07 Jun 2017 09:40 AM IST
विज्ञापन
International Sikh Youth Federation again active, increased concern of agencies
- फोटो : Demo Pic
इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के तीन आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बाद आईबी समेत देश की अन्य खुफिया एजेंसियों के लिए नई चिंता पैदा हो गई है। इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन पर यूके ने 15 साल लगातार प्रतिबंध लगाकर रखा था, उस पर से बीते साल ही प्रतिबंध हटाया गया है। कनाडा में भी इस संगठन से प्रतिबंध हटाने के लिए जबरदस्त लाबिंग चल रही है। दो दिन पहले पंजाब में इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के तीन आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बाद से एजेंसियों ने दोबारा जांच शुरू कर दी है। 
विज्ञापन


दरअसल, इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन का प्र्रधान लखबीर सिंह रोडे पाकिस्तान में आईएसआई के संरक्षण में अपना ऑपरेशन चला रहा है। 1984 में संगठन ने यूरोप में अपने पैर पसारने शुरू किए और यूके में अपना संगठन तैयार किया। 1985 व 2001 में एयर इंडिया की उड़ानों में आतंकवादी घटना इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन की ओर से की गई थी। इसे देखकर 27 मार्च, 2001 को यूके ने इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन पर प्रतिबंध लगा दिया।
विज्ञापन


2002 में भारत में भी इस संगठन को आतंकवादी संगठन करार दिया गया और उस पर केंद्र सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया। 2006 में आईएसवाईएफ की ओर से पाकिस्तान से भारी मात्रा में आरडीएक्स व अन्य हथियार जालंधर से बरामद किए गए। इसमें इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के चीफ भाई लखबीर सिंह रोडे का भतीजा जसविंदर सिंह भी गिरफ्तार किया गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

यूके में 15 साल तक लगे प्रतिबंध को बीते साल ही हटाया गया

International Sikh Youth Federation again active, increased concern of agencies
terrorist - फोटो : Demo Photo
इसके बाद काफी समय तक इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन ने अपनी गतिविधियों को विराम लगा दिया और उसका स्थान बब्बर खालसा इंटरनेशनल व खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने ले लिया। आईएसआई ने पाक में ही बैठे बब्बर खालसा के चीफ वधावा सिंह व खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के चीफ रंजीत सिंह नीटा को तबाही की जिम्मेदारी दी।

इस बीच यूके में कई सिख संगठनों ने इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन से प्रतिबंध उठाने की मांग करनी शुरू कर दी। सिख फेडरेशन (यूके) के चेयरमैन अमरीक सिंह ने 2016 में प्रतिबंध के खिलाफ लॉर्ड्स में मतदान के बाद कहा था कि द सिख फेडरेशन (यूके) और सिख समुदाय ने बीते 15 सालों से हमेशा से बनाए रखा है कि एक संगठन के रूप में आईएसवाईएफ कभी भी आतंकवाद के साथ शामिल नहीं था। 2001 में अकेले ब्रिटेन में आईएसवाईएफ पर प्रतिबंध राजनीति से प्रेरित था। भारतीय अधिकारियों को खुश करने के साथ किया गया था। इसके बाद बीते साल यूके में इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन से प्रतिबंध हटा लिया गया था।

यूके में संगठन ने अपना नेटवर्क दोबारा नए सिरे से तैयार करना शुरू कर दिया है। खालिस्तानी विचारधारा से जुड़े कई कट्टरपंथियों ने संगठन को पूरा सहयोग देना शुरू कर दिया। अब दो दिन पहले पंजाब में इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के तीन आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बाद से एजेंसियों ने दोबारा होमवर्क शुरू कर दिया है। अभी तक जांच में पता चला है कि गुरदयाल सिंह और जगरूप सिंह को बीते साल पाकिस्तान में इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन की तरफ से ट्रेनिंग दी गई थी। एजेंसियों के आला अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अब टीमों को यूके में सक्रिय हो चुके इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन संगठन पर फोकस करने के लिए कहा गया है। यूके से भारी फंडिंग होने की भी आशंका है, जिसको लेकर जांच तेज की जा रही है। पंजाब में आईएसवाईएफ कहां कहां जाल बिछा चुका है, इसको भी ब्रेक करने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य शुरू कर दिया गया है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed