गीता महोत्सव के मुरीद हुए लंदनवासी, फिर आने का दिया न्योता, धार्मिक भाईचारे की दिखी मिसाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लंदन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के समापन के उपरांत हरियाणा सरकार और केडीबी अधिकारियों सदस्यों सहित जीओ गीता के प्रतिनिधियों का करीब 170 सदस्यीय लोगों का प्रतिनिधिमंडल कई मीठी यादें लेकर भारत लौटा है।
आप लंदन बार बार आओ... यह निमंत्रण भी यूके की अनेक संस्थाओं ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को प्रेमपूर्वक दिया है। हालांकि लंदन में आयोजित उपरोक्त कार्यक्रम के दौरान अगला अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव नार्दन आयरलैंड और कनाडा में आयोजित करने के प्रस्ताव आ चुके हैं।
वहीं हिंदू कौंसिल ट्रस्ट यूके के चेयरमैन उमेश शर्मा और महासचिव अरुण ठाकुर ने अगला आयोजन भी लंदन में आयोजित करने की मांग के साथ स्वामी ज्ञानानंद महाराज के दिसंबर 2019 में कुरुक्षेत्र में होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का निमंत्रण स्वीकार करने के साथ यह वादा किया है कि लंदन से बड़ी संख्या में लोग कुरुक्षेत्र के इस आयोजन में भाग लेंगे।
उल्लेखनीय है कि लंदन की पार्लियामेंट के एटली हॉल, यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के लोगन हॉल और साउथ हॉल में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में दूसरे कई देशों के राजदूत, उच्चायुक्त, स्कालर और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए थे, जिनकी मौजूदगी में कुरुक्षेत्र के महत्व और गीता पर मंथन हुआ।
हिंदू-मुस्लिम, सिख और ईसाई भाइयों ने वितरित किया प्रसाद
यूके में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की सबसे बड़ी एक विशेषता यह भी दिखी की यहां इस आयोजन के दौरान प्रसाद वितरण में हिंदू ही नहीं, बल्कि सड़कों पर हिंदुओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मुस्लिम, सिख और ईसाई सामुदाय के लोग भी पूरी श्रद्धा के साथ खड़े नजर आए।
लंदन के इस गीता महोत्सव में यह नजारा देखते ही बन रहा था। इसके अलावा अन्य प्रबंधों में भी यह छाप दिखी। लोगन हॉल में कोआर्डिनेशन की व्यवस्था शरोन संभाली, जबकि पुष्प सज्जा मुस्लिम समुदाय की महिलाएं और पुरुष कर रहे थे। इसके अलावा लोगन हॉल में लगाई गई प्रदर्शनी भी लंदन में रह रहे सिख परिवार के लोगों ने ही तैयार की थी।
लंदन में ब्रह्मर्षि मिशन फहरा रहा है हिंदी भाषा की पताका
लंदन में सक्रिय ब्रह्मर्षि मिशन के बच्चों ने इस उत्सव में कई सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लिया। वहीं ब्रह्मर्षि मिशन की शिक्षिकाओं ने 54 साल से लंदन में रह रहीं उषा मारवाह का परिवार मूल रुप से लुधियाना का रहने वाला है। इसी तरह 40 साल से लंदन में रही रही शोभा भारद्वाज का परिवार मूल रुप से कालका और 35 साल से लंदन में रह रही पूनम मल्ली का परिवार पंजाब के होशियारपुर का है।
इन्होंने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वे तीनों ब्रह्मर्षि मिशन हेस्टन रोड साऊथ हॉल में निःशुल्क हिंदी पढ़ाते हैं। संस्था और उनकी चाहत यही है कि विदेश में बसने वाले भारतीय अपनी मातृभाषा से दूर ना हों।
पता लगा तो खुशी का ठिकाना नहीं रहाः पटेल
मूलरुप से गुजरात निवासी 80 वर्षीया उर्मिला बी पटेल का कहना है कि जब लंदन में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को यह पता लगा कि कुरुक्षेत्र और गीता पर आधारित एक प्रदर्शनी और महोत्सव लंदन में आयोजित किया जा रहा है, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
उनके साथ करीब 45 लोगों ने इस महोत्सव में ना केवल शिरकत की, बल्कि इस पूरे उत्सव का आनंद भी लिया। उर्मिला और भूपेंदर पाल ने कहा कि उन्हें खुशी है कि ब्रिटेन की पार्लियामेंट में उनका पवित्र ग्रंथ भी विराजमान होगा।
भारतीय परंपराओं से गहरा लगावः डॉ अनिको
हंगरी में स्थित सरस्वती फॉउंडेशन शिव शक्ति साथना केंद्र की स्कॉलर डा. अनिको गब्रियाला ने तीनों दिन के कार्यक्रम में भारतीय परंपरागत परिधान धारण कर इस उत्सव में भागीदारी की। डा.अनिको भारतीय संस्कृति के प्रति बेहद सम्मान रखतीं हैं। उन्होंने कहा कि वह लंदन में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयं को पाकर धन्य महसूस कर रही हैं और कुरुक्षेत्र के आयोजन में भी वह जरूर शिरकत करेंगी।
विपुल गोयल के प्रस्ताव पर विदेश में बनेंगे गीता के अंबेस्डर
हरियाणा के मंत्री विपुल गोयल ने मुख्यमंत्री की जगह लंदन के अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में शिरकत की थी, उन्होंने इस उत्सव में विदेश में गीता प्रचारिणी सभाएं गठित करने के सुझाव के साथ हरियाणा सरकार द्वारा हर संभव सहयोग देने की बात भी कही है।
इस महोत्सव में इस सुझाव पर लंदन में जल्द गीता प्रचारिणी सभा गठित करने की पुष्टि केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने की है। उन्होंने बताया कि अभी तक मारीशस और लंदन में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाए गये हैं, भविष्य में जहां भी यह महोत्सव होगा, वहां गीता के प्रचार के लिए कमेटी गठित की जाएगी।