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चंडीगढ़ से अब अंतरराष्ट्रीय उड़ान: एमिरेट्स ने दिखाई रुचि, केंद्र से मंजूरी का इंतजार; बनेगा पाइंट ऑफ काॅल
Mon, 14 Jul 2025 04:16 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 14 Jul 2025 04:16 PM IST
सार
अगर चंडीगढ़ से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होती हैं तो पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड के लाखों यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।
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चंडीगढ़ एयरपोर्ट
- फोटो : संवाद/फाइल
विस्तार
चंडीगढ़ से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का सपना साकार हो सकता है क्योंकि यहां से एमिरेट्स एयरलाइंस की फ्लाइट्स उड़ाने के लिए यूटी प्रशासन ने फाइल आगे बढ़ा दी है।
यदि केंद्र से मंजूरी मिलती है तो चंडीगढ़ से कई देशों के लिए फ्लाइट्स शुरू हो सकती हैं। दिल्ली की उड़ानों को डी-सेंट्रलाइज करने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।
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सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार दिल्ली एयरपोर्ट के दबाव को कम करने के लिए उड़ानों को डी-सेंट्रलाइज करने की दिशा में विचार कर रही है। इसी क्रम में चंडीगढ़ को पॉइंट ऑफ कॉल का दर्जा देने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। यदि यह दर्जा मिल जाता है तो विदेशी एयरलाइंस को सीधे चंडीगढ़ से उड़ानें शुरू करने की अनुमति मिल सकेगी। हाल ही में देहरादून में हुई सिविल एविएशन कॉन्फ्रेंस में भी इस पर चर्चा हुई है।
प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र के अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया है कि चंडीगढ़ को पॉइंट ऑफ कॉल का दर्जा दिलाने के लिए नियमों में ढील दी जाएगी। बता दें कि पॉइंट ऑफ कॉल घोषित करने की मांग को लेकर सांसद मनीष तिवारी ने कुछ महीने पहले नई दिल्ली स्थित राजीव भवन में नागरिक उड्डयन मंत्री केआर नायडू से भी मुलाकात की थी।
मैं 2019 से चंडीगढ़ प्रशासन को कह रहा हूं कि एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल को आम जनता के लिए खोल देना चाहिए ताकि पंचकूला और चंडीगढ़ के लोगों को पूरा मोहाली घूम कर एयरपोर्ट न जाना पड़े। अब जाकर मुख्य सचिव ने केंद्र के सामने यह प्रस्ताव रखा है। उम्मीद है कि यह टर्मिनल खुलेगा तो लोगों को काफी राहत मिलेगी क्योंकि इसके रेनोवेशन पर करोड़ों खर्च हो रहे हैं तो इसका लाभ भी लोगों को मिलना चाहिए। - मनीष तिवारी, सांसद
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यदि केंद्र से मंजूरी मिलती है तो चंडीगढ़ से कई देशों के लिए फ्लाइट्स शुरू हो सकती हैं। दिल्ली की उड़ानों को डी-सेंट्रलाइज करने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।
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होगा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार
चंडीगढ़ से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार अब हो सकता है। एमिरेट्स एयरलाइंस की रुचि और प्रशासनिक सक्रियता के बीच अगर केंद्र सरकार से पॉइंट ऑफ कॉल की मंजूरी मिल जाती है तो चंडीगढ़ से दुबई समेत कई देशों के लिए सीधी उड़ान शुरू हो सकती हैं। प्रशासन की तरफ से इस संबंध में संबंधित मंत्रालय को लिखा जाएगा।
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सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार दिल्ली एयरपोर्ट के दबाव को कम करने के लिए उड़ानों को डी-सेंट्रलाइज करने की दिशा में विचार कर रही है। इसी क्रम में चंडीगढ़ को पॉइंट ऑफ कॉल का दर्जा देने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। यदि यह दर्जा मिल जाता है तो विदेशी एयरलाइंस को सीधे चंडीगढ़ से उड़ानें शुरू करने की अनुमति मिल सकेगी। हाल ही में देहरादून में हुई सिविल एविएशन कॉन्फ्रेंस में भी इस पर चर्चा हुई है।
प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र के अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया है कि चंडीगढ़ को पॉइंट ऑफ कॉल का दर्जा दिलाने के लिए नियमों में ढील दी जाएगी। बता दें कि पॉइंट ऑफ कॉल घोषित करने की मांग को लेकर सांसद मनीष तिवारी ने कुछ महीने पहले नई दिल्ली स्थित राजीव भवन में नागरिक उड्डयन मंत्री केआर नायडू से भी मुलाकात की थी।
चंडीगढ़ बन सकता है उत्तर भारत का नया एविएशन हब
अगर चंडीगढ़ से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होती हैं तो पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड के लाखों यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। इन राज्यों से बड़ी संख्या में यात्री दिल्ली एयरपोर्ट का रुख करते हैं, जिससे वहां हमेशा भीड़भाड़ और स्लॉट्स की दिक्कत बनी रहती है। न केवल लंबी दूरी तय करनी पड़ती है बल्कि अतिरिक्त समय, खर्च और ट्रैफिक का सामना भी करना पड़ता है। चंडीगढ़ से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने से इस दबाव में कमी आएगी। अगर प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है और उड़ानें शुरू होती हैं तो चंडीगढ़ उत्तरी भारत का एक प्रमुख एविएशन हब बन सकता है। इससे पर्यटन, कारोबार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।पुराने एयरपोर्ट के टर्मिनल को खोलने की मांग
पिछले कई साल से पुराने एयरपोर्ट के टर्मिनल को खोलने की मांग हो रही थी। अब प्रशासन ने भी इस संबंध में सक्रियता दिखाई है और केंद्र के समक्ष यह प्रस्ताव रखा है ताकि शहर के लोगों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए मोहाली स्थित एयरपोर्ट तक नहीं जाना पड़े। पिछले काफी समय से मोहाली एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए चंडीगढ़ से शॉर्ट रूट पर प्रशासन काम कर रहा था लेकिन कोई भी योजना सिरे नहीं चढ़ी। वर्तमान में इसका उपयोग संचार, नेविगेशन और निगरानी (सीएनएस) सुविधाओं, सिविल, वित्त, मानव संसाधन और एएआई के अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाता है। 2010 से 2014 के बीच पुराने टर्मिनल के रेनोवेशन पर कुल 43.86 करोड़ रुपये खर्च किए।मैं 2019 से चंडीगढ़ प्रशासन को कह रहा हूं कि एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल को आम जनता के लिए खोल देना चाहिए ताकि पंचकूला और चंडीगढ़ के लोगों को पूरा मोहाली घूम कर एयरपोर्ट न जाना पड़े। अब जाकर मुख्य सचिव ने केंद्र के सामने यह प्रस्ताव रखा है। उम्मीद है कि यह टर्मिनल खुलेगा तो लोगों को काफी राहत मिलेगी क्योंकि इसके रेनोवेशन पर करोड़ों खर्च हो रहे हैं तो इसका लाभ भी लोगों को मिलना चाहिए। - मनीष तिवारी, सांसद