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पंजाब के आईजी एके पांडेय की गिरफ्तारी पर 30 मई तक अंतरिम रोक, ये है मामला
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 25 May 2017 09:15 AM IST
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आईजी एके पांडेय को राहत
- फोटो : Demo Pic
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जम्मू -कश्मीर से चंडीगढ़ जिला अदालत में ट्रांसफर हुए केस में आरोपी पूर्व आईजीपी के बेटे और वर्तमान में पंजाब पुलिस में बतौर आईजी पोस्टेड अजय कुमार पांडेय को बुधवार जिला अदालत से अंतरिम राहत मिल गई। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर फौरी तौर पर 30 मई तक रोक लगाने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने उनको 50 हजार रुपये के श्योरिटी बॉन्ड पर अंतरिम जमानत दी है। साथ ही उन्हें पुलिस जांच ज्वाइन करने के आदेश दिए हैं। वहीं पुलिस को इसकी रिपोर्ट तीन जुलाई को अदालत को सौंपने को कहा है।
ये है मामला
मामला जम्मू एवं कश्मीर से जुड़ा हुआ है। वहां पूर्व आईजी बीएल पांडेय के बेटे अजय कुमार पांडेय के खिलाफ 15 जुलाई 1990 में सोपोर जिले के पटान थाने में आरपीसी (रनबीर पैनल कोड) 364 और 344 के तहत केस दर्ज किया गया था। बीएल पांडेय पंजाब में आईजी रह चुके हैं। उनका यहां चंडीगढ़ में सेक्टर-24 में मकान है। अजय कुमार पांडेय भी वर्तमान में पंजाब पुलिस में आईजीपी (ह्यूमन राइट्स) के पद पर तैनात हैं।
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अजय कुमार ने केस को जम्मू एवं कश्मीर से चंडीगढ़ ट्रांसफर करने के लिए अपील की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 12 अगस्त 2011 को केस चंडीगढ़ जिला अदालत में ट्रांसफर कर दिया था। इसके बाद से केस यहां स्थानीय अदालत में चल रहा है। स्थानीय कोर्ट ने अजय कुमार को अदालत में पेश होने के लिए कई बार समन भेजे, लेकिन समन उन्हें सर्व ही नहीं हुए। इस पर अदालत से 24 मार्च 2017 को उनके वारंट ऑफ अरेस्ट जारी कर दिए।
इस पर आईजी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए एडीजे कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की। उनका कहना था कि वह पहले से मामले में जम्मू अदालत से जमानत पर हैं। ऐसे में उनकी यहां गिरफ्तारी का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने उनकी याचिका पर फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर 30 मई तक रोक लगाते हुए उन्हें पुलिस जांच ज्वाइन करने को कहा है। साथ ही पुलिस से रिपोर्ट तलब की है।
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अदालत ने उनको 50 हजार रुपये के श्योरिटी बॉन्ड पर अंतरिम जमानत दी है। साथ ही उन्हें पुलिस जांच ज्वाइन करने के आदेश दिए हैं। वहीं पुलिस को इसकी रिपोर्ट तीन जुलाई को अदालत को सौंपने को कहा है।
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ये है मामला
मामला जम्मू एवं कश्मीर से जुड़ा हुआ है। वहां पूर्व आईजी बीएल पांडेय के बेटे अजय कुमार पांडेय के खिलाफ 15 जुलाई 1990 में सोपोर जिले के पटान थाने में आरपीसी (रनबीर पैनल कोड) 364 और 344 के तहत केस दर्ज किया गया था। बीएल पांडेय पंजाब में आईजी रह चुके हैं। उनका यहां चंडीगढ़ में सेक्टर-24 में मकान है। अजय कुमार पांडेय भी वर्तमान में पंजाब पुलिस में आईजीपी (ह्यूमन राइट्स) के पद पर तैनात हैं।
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अजय कुमार ने केस को जम्मू एवं कश्मीर से चंडीगढ़ ट्रांसफर करने के लिए अपील की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 12 अगस्त 2011 को केस चंडीगढ़ जिला अदालत में ट्रांसफर कर दिया था। इसके बाद से केस यहां स्थानीय अदालत में चल रहा है। स्थानीय कोर्ट ने अजय कुमार को अदालत में पेश होने के लिए कई बार समन भेजे, लेकिन समन उन्हें सर्व ही नहीं हुए। इस पर अदालत से 24 मार्च 2017 को उनके वारंट ऑफ अरेस्ट जारी कर दिए।
इस पर आईजी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए एडीजे कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की। उनका कहना था कि वह पहले से मामले में जम्मू अदालत से जमानत पर हैं। ऐसे में उनकी यहां गिरफ्तारी का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने उनकी याचिका पर फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर 30 मई तक रोक लगाते हुए उन्हें पुलिस जांच ज्वाइन करने को कहा है। साथ ही पुलिस से रिपोर्ट तलब की है।