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Chandigarh News: साई बाबा के दर्शन के लिए जाने पर मिलेगा बीमा का लाभ
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चंडीगढ़। साई बाबा के दर्शन के लिए घर से निकलते ही बीमा कवर का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। यह बीमा कवर पांच लाख रुपये का होगा। यह बीमा कवर मुफ्त है। बीमा कंपनी को ट्रस्ट प्रीमियम का भुगतान करता है। लेकिन इसका फायदा शिरडी साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट आधिकारिक वेबसाइट (sai.org.in) से ऑनलाइन बुकिंग करने वाले भक्तों को ही मिलेगा।
श्री साईबाबा संस्थान शिरडी के सीईओ गोरक्ष गाडिलकर ने शनिवार को सेक्टर-29 स्थित साई धाम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु अपने घर से शिरडी के लिए यात्रा करते हैं उन्हीं के लिए यह फायदा लागू है।
उन्होंने कहा कि उन भक्तों को चरणपादुका दर्शन करवाने के लिए आए हैं जो अब शिरडी जाने में असमर्थ हैं। यह यात्रा दिल्ली से 1 दिसंबर को शुरू हुई थी। साई बाबा की चरणपादुका 14 दिसंबर तक यहां रहेंगी। उसके बाद उत्तर प्रदेश के कानपुर जाएंगी, फिर शिरडी जाएंगी।
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उन्होंने बताया कि बाबा की चरणपादुकाएं गाड़ी में विशेष सुरक्षा में रहती हैं। पुरातत्व विभाग से मिलकर इनका रख-रखाव किया जाता है। ये चरणपादुकाएं चमड़े की बनी हैं। समाधि से पहले बाबा यही चरणपादुकाएं पहनते थे। बाबा की समाधि 1918 में हुई थी।
प्रेसवार्ता में शिरडी साई समाज के अध्यक्ष रमेश कालिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज गोयल, महासचिव मुनीष साथ रहे।
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श्री साईबाबा संस्थान शिरडी के सीईओ गोरक्ष गाडिलकर ने शनिवार को सेक्टर-29 स्थित साई धाम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु अपने घर से शिरडी के लिए यात्रा करते हैं उन्हीं के लिए यह फायदा लागू है।
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उन्होंने कहा कि उन भक्तों को चरणपादुका दर्शन करवाने के लिए आए हैं जो अब शिरडी जाने में असमर्थ हैं। यह यात्रा दिल्ली से 1 दिसंबर को शुरू हुई थी। साई बाबा की चरणपादुका 14 दिसंबर तक यहां रहेंगी। उसके बाद उत्तर प्रदेश के कानपुर जाएंगी, फिर शिरडी जाएंगी।
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उन्होंने बताया कि बाबा की चरणपादुकाएं गाड़ी में विशेष सुरक्षा में रहती हैं। पुरातत्व विभाग से मिलकर इनका रख-रखाव किया जाता है। ये चरणपादुकाएं चमड़े की बनी हैं। समाधि से पहले बाबा यही चरणपादुकाएं पहनते थे। बाबा की समाधि 1918 में हुई थी।
प्रेसवार्ता में शिरडी साई समाज के अध्यक्ष रमेश कालिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज गोयल, महासचिव मुनीष साथ रहे।