हरियाणा: ठेके खोलने को लेकर पड़ोसी राज्यों पर नजर, कारखानों में उत्पादन शुरू होगा, मगर बेचने पर रोक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में कोरोना संक्रमण के चलते बंद हुए शराब के ठेके दोबारा खोले जाने की तैयारी है। सरकार का इन शराब ठेकों को लेकर रुख नर्म होता दिख रहा है। सरकार का मानना है कि ऐसे समय में राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। पिछले दिनों हुई सर्वदलीय बैठक में भी इस बावत चर्चा हुई थी, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका।
बैठक में जजपा प्रदेश अध्यक्ष निशान सिंह ने यह मुद्दा रखा था। जिसमें कुछ लोगों ने राजस्व की बात कह कर इन ठेकों के खोलने के लिए कहा था। जबकि कुछ लोगों ने ठेकों को खोले जाने का विरोध किया था। बहरहाल अब इन शराब ठेकों को लेकर सरकार की नजर अब पड़ोसी राज्यों पर है। पड़ोसी राज्य यदि शराब ठेकों को खोलेंगे तो हरियाणा में भी यह ठेके खुलने तय है। जिसके पीछे कारण शराब की कालाबाजारी बताई जा रही है।
एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में हरियाणा के उप मुख्यमंत्री तथा आबकारी एवं कराधान मंत्री दुष्यंत चौटाला ने इस बात के संकेत दिए हैं कि यदि पड़ोसी राज्य ठेके खोलते हैं तो हरियाणा में भी खोलना मजबूरी हो जाएगी। हालांकि उन्होंने इस विषय में कोई अंतिम निर्णय होने से अभी इनकार किया है। दुष्यंत ने कहा कि हरियाणा में अवैध शराब बिकने के कुछ मामले सामने आए हैं।
एक केस कल रात को आया है। जिसमें यह पाया गया कि गैस सिलेंडर के परमिट पर शराब तस्करी हो रही है। ऐसे में हमें इस बात का डर है कि शराब डिस्टलरी से नहीं निकल रही है, ऐसी स्थिति में कोई व्यक्ति कहीं किसी जहरीली वस्तु का सेवन न कर बैठे।
मालूम हो कि सरकार की ओर से शराब ठेकेदारों को 20 फीसदी फीस जमा करने के लिए कहा गया था। ठेकेदारों ने फीस जमा करने से साफ मना कर दिया गया है। ठेकेदारों की दलील है कि जब दुकानें खुली नहीं और सप्लाई है नहीं तो फिर फीस किस बात की। हालांकि लॉकडाउन में शराब ठेके खोलने को लेकर सरकार में ही विरोधाभास दिखाई पड़ रहा है।
सरकार में बैठे कुछ लोग लॉकडाउन में भी ठेके खुलवाने की वकालत कर रहे हैं तो वही ग्रह मंत्री अनिल विज जैसे कई मंत्री विरोध कर रहे हैं। विज पहले भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं।
कारखानों में उत्पादन शुरू होगा, मगर बिक्री पर रोक
हरियाणा सरकार ने सभी जिलों में शराब कारखानों, बॉटलिंग प्लांट्स व ब्रेवरीज में उत्पादन शुरू करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि प्रदेश में भी शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर हरियाणा ने इस संदर्भ में सभी जिलों के डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन आयुक्तों को सर्कुलर जारी किया है।
सर्कुलर में कहा गया है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद इन उत्पादन इकाइयों पर एकदम भार न बढ़े और थोक व फुटकर विक्रेताओं को भी कोई दिक्कत न हो। जबकि नई आबकारी नीति के तहत थोक और फुटकर विक्रेताओं को लाइसेंस भी जारी होने हैं। इसलिए यह निर्णय लिया गया है।
सभी डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि कि वे स्थानीय प्रशासन से भी समन्वय स्थापित करें। ताकि जिलों में उत्पादन के साथ-साथ लॉकडाउन प्रोटोकॉल का भी पूरी तरह से पालन होता रहे।