प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में विधायकों ने जताई अभय चौटाला में आस्था, पढ़ें किसने क्या कहा
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इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) की विधायक दल और प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में शामिल 13 विधायकों और दो सांसदों ने नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला के नेतृत्व में आस्था जताई है। सभी ने एक सुर में अजय चौटाला और उनके बेटों की आलोचना की और अभय के साथ खड़े रहने की बात कही। इस बैठक से अभय चौटाला ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि इनेलो पर उन्हीं का कब्जा रहेगा।
जिसने पार्टी छोड़ी उसका बुरा हश्र हुआ : दौलतपुरिया
सूत्रों अनुसार बैठक में सभी विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों को पूरे प्रकरण पर विचार रखने को कहा गया। फतेहाबाद के विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने कहा कि सात अक्तूबर की रैली में जो हुड़दंगबाजी हुई वह ओमप्रकाश चौटाला को चुनौती देने वाली थी। जो बाहर आए उन्होंने भी जो भाषा प्रयोग की वह ठेस पहुंचाने वाली है। इतिहास गवाह है कि उमा भारती, कुलदीप बिश्रोई, कल्याण सिंह ने जब जब पार्टी से बगावत की तो क्या हर्ष हुआ।
जहां ओपी चौटाला वहां हम : कंबोज
रानियां से विधायक रामचंद्र कंबोज ने कहा कि जहां ओमप्रकाश चौटाला वहां हम, जहां चश्मा, वहां हम। रतिया के विधायक रविंद्र बाल्याण ने कहा कि पार्टी में किसे रखना है और किसे नहीं यह अधिकार प्रधान का है। बरवाला के विधायक वेद नारंग ने कहा कि हम ओमप्रकाश चौटाला के आदेशों पर फूल चढ़ाएंगे।
जो चाचा को नहीं बर्दाश्त कर पाए वह जनता को कैसे बर्दाश्त करेंगे : रावत
हथीन के विधायक केहर सिंह रावत ने कहा कि ओमप्रकाश चौटाला और अजय सिंह के जेल जाने के बाद पार्टी को संभाला है। जो लोग चाचा को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे वह जनता को कैसे बर्दाश्त करेंगे। लोहारू के विधायक ओमप्रकाश ने कहा कि अभय सिंह ने उन्हें समझाने के लिए बहुत प्रयास किए, लेकिन अंतिम प्रयास जरूरी करना चाहिए। उन्होंने लक्ष्मण रेखा पार कर ली, लेकिन कोई भी परिवार के बारे में अशोभनीय बात नहीं कहेंगे।
पार्टी किसी की बपौती नहीं, कहने वाले भटक गए : राव बहादुर
फिरोजपुर झिरका के विधायक नसीब अहमद ने कहा कि 19 नवंबर को मेवात में बड़ा कार्यक्रम होगा। नलवा के विधायक रणबीर गंगवा ने कहा कि एमपी हमें दादा से प्यारा है क्या? छाती पर पत्थर रखकर फैसला लिया होगा। ओपी चौटाला जिस पर हाथ रखेंगे, हमें वही मान्य है। नूंह के विधायक जाकिर हुसैन ने कहा कि अभय और अशोक अरोड़ा की जोड़ी ने हिम्मत न हारकर कार्यकर्ताओं के लिए काम किया।
पार्टी का चुनाव सिंबल ओमप्रकाश चौटाला का है। नांगल के पूर्व विधायक राव बहादुर सिंह ने कहा कि कुछ लोग बोल रहे हैं कि यह पार्टी किसी की बपौती नहीं, वे भटक गए हैं। उन्हें एक महीने बाद पछताना पड़ेगा। जुलाना के विधायक परमिंद्र ढुल ने कहा कि हमें ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में काम करना है।
चौटाला बोलते थे तो हम अपनी खांसी रोक लेते थे : रोडी
प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए सांसद चरणजीत सिंह रोडी ने कहा कि जब ओमप्रकाश चौटाला बोलते थे तो हम अपनी खांसी रोक लेते थे। बुजुर्ग कानों से पगड़ी ऊपर उठा लेते थे, ताकि कानों में शब्द पड़ जाए। सात अक्तूबर की रैली में जो हुड़दंगबाजी हुई, उससे ठेस पहुंची। राज्यसभा सांसद आरके कश्यप ने कहा कि वे पार्टी के साथ दिल से हैं।
पार्टी के वरिष्ठ नेता रामपाल माजरा ने कहा कि अभय ने भजनलाल, बंसीलाल से टकराते हुए देखा है। महाभारत के अभिमन्यु को चक्रव्यूह में घुसने का पता था लेकिन बाहर निकलने का नहीं। अभय को चक्रव्यूह में घुसने और उसे तोड़ने का पूरा ज्ञान है। यदि सात अक्तूबर को गलती हो गई थी तो चौधरी साहब के समक्ष गलती मान लेनी चाहिए थी।
पार्टी बड़ी होती है : अरोड़ा
पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि ओमप्रकाश चौटाला ने वर्कर को परिवार से ऊपर माना है। बीते दिनों मैं चौटाला से मिलकर आया हूं, उनका संदेश है कि पार्टी बड़ी होती है, मिलजुल कर आगे बढ़ो। तुम चिंता मत करो, मैं चुनाव से पहले तुम्हारे बीच आ जाऊंगा।