हरियाणा विधानसभा में 'घोटालों' की गूंज, कुंडू बोले- साबित नहीं हुआ तो इस्तीफा दे घर चला जाऊंगा
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हरियाणा विधानसभा सत्र के चौथे दिन विभिन्न मुद्दों के साथ-साथ घोटालों की गूंज भी सदन में सुनाई दी। विधायकों ने जहां विभिन्न घोटालों से जुड़े मामलों को सदन में प्रमुखता से उठाया, वहीं सरकार से इन मामलों में उच्च स्तरीय जांच की मांग भी की। इसी दौरान हुई बहस में इनेलो के एकमात्र विधायक अभय चौटाला सदन में बोलने का कम समय देने का आरोप जड़ते हुए वाकआउट कर चले गए। जबकि उनके आरोपों को विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने सिरे से खारिज किया।
विधानसभा में सरकार को घोटालों के इस मामले में ‘अपने’ और ‘परायों’ दोनों के वार झेलने पड़े। सरकार के सहयोगी विधायक बलराज कुंडू ने सदन में शुगर मिलों में घोटाले का आरोप जड़ते हुए 3300 करोड़ के राजस्व नुकसान की आशंका व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों वे शुगर मिलों में चल रही धांधलियों का चिट्ठा सबूत समेत सीएम हरियाणा को उनके आवास पर जाकर देकर आए थे। सीएम ने उन्हें जांच के लिए आश्वस्त किया था।
कुंडू ने कहा कि ‘हमारे सीएम साहब बहुत ही ईमानदार हैं, लेकिन मैं चाहता हूं कि घोटाले की छीटों से उनका दामन बचा रहे, इसलिए सरकार इस शुगर मिल घोटाले की गंभीरता से जांच करवाएं। मैं सदन में कहता हूं जांच ईमानदार अफसरों की एसआईटी से करवाई जाए और यदि घोटाला साबित नहीं हुआ तो विधायक पद से इस्तीफा देकर मैं चुपचाप अपने घर चला जाऊंगा।’ इस पर सदन में बैठे सीएम ने उन्हें इस मामले को देखने का आश्वासन दिया।
विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में इतना बड़ा धान घोटाला हुआ है। विभाग के आला अफसर खुद अपनी जांच में इसे साबित भी कर चुके हैं। लेकिन मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि आखिरकार इस मामले में अभी तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई। विधायक अभय चौटाला ने भी धान घोटाले पर सरकार की घेराबंदी की।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इस घोटाले की आड़ में विभाग के कुछ अफसर राइस मिलरों का आर्थिक शोषण तक करने में लगे हुए हैं और सरकार इस घोटाले पर पर्दा डाल रही है। जबकि विभाग के एक आला अफसर ने खुद इस घोटाले की बात पर मुहर लगाई है।
विधायक किरण चौधरी ने भिवानी के अलवासियां गांव में सरकारी स्कूल के साथ लगती मंदिर की जमीन पर भू-माफियों के कब्जे के प्रयास का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के भिवानी से सांसद धर्मबीर ने इस संदर्भ में बाकायदा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले से अवगत करवाया है। इसमें उन्होंने कहा कि भूमाफिया इस जमीन पर कब्जा करना चाहते है और उसमें कुछ प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं।
किरण के अनुसार ये जमीन 200 करोड़ की है। सीएम को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए, क्योंकि उनके भाजपा सांसद खुद इस मामले को उठा रहे हैं। इस पर सीएम मनोहर लाल ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है। सरकार किसी भी जमीन का दुरुपयोग नहीं होने देगी। इस मामले को देखा जा रहा है।
उसके बाद अभया चौटाला ने सदन में किलोमीटर स्कीम का घोटाला उठा दिया। अभय ने कहा कि सरकार उन लोगों से बसें हायर करने जा रही है, जिनके खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो ने केस दर्जकर रखे हैं। जब निजी बसों को हायर करने की किलोमीटर स्कीम में भ्रष्टाचार का केस दर्ज हो चुका है, तो सरकार इस योजना को आगे क्यों बढ़ा रही है।
अभय जब लगातार बोलते जा रहे थे, तो डिप्टी स्पीकर ने उन्हें बहुत ज्यादा समय लेने पर कई बार टोका। इस पर अभय चौटाला डिप्टी स्पीकर से भी बहस करते रहे। उन्हें पर्याप्त समय न देने का आरोप लगाते रहे और फिर इसी बात पर सदन से वाकआउट कर गए।
इसी दौरान विधायक बलराज कुंडू ने रोहतक मेडिकल कॉलेज के वीसी को एक्सटेंशन देने के मामले में भी गड़बड़ियों का मामला उठाया। कुंडू ने कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ विजिलेंस गंभीर आरोपों में जांच कर रही है। उसे बार-बार एक्सटेंशन दी जा रही है और इस बार भी एक्सटेंशन देने की तैयारी है। सीएम महोदय, बताएं इस मामले में संज्ञान क्यों नहीं लिया जा रहा है।