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Chandigarh News: आरएएमपी कार्यशाला में एमएसएमई को दी योजनाओं और गुणवत्ता मानकों की जानकारी
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया टेनेंट्स एसोसिएशन की ओर से स्थानीय निर्माताओं और एमएसएमई इकाइयों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से रेज़िंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (आरएएमपी) विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में चंडीगढ़ स्क्रू मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने भी सहभागिता निभाई। कार्यशाला में शहर की 100 से अधिक एमएसएमई इकाइयों के उद्योगपति और उद्यमी शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण और राष्ट्रगान के साथ हुई। एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह सैनी ने स्वागत संबोधन में उद्योग इकाइयों के लिए चलाई जा रही पहलों की जानकारी दी। उद्योग विभाग की पॉलिसी इम्प्लीमेंटेशन यूनिट की हेड विजयेता शर्मा ने आरएएमपी योजना के तहत उपलब्ध सरकारी नीतियों और वित्तीय सहायता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के जॉइंट डायरेक्टर अरविक दत्ता ने आईएसआई मार्क प्रमाणन प्रक्रिया और उसके लाभ बताए। इलेक्ट्रिकल विशेषज्ञ राकेश कुमार ने बिजली बिल कम करने के उपायों पर चर्चा की। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के सलाहकार जोगिंदर चाहल ने जेडईडी प्रमाणन के महत्व पर प्रकाश डाला।
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परमजीत सिंह ने एनर्जी ऑडिट के जरिए लागत बचत के उपाय बताए। इसके अलावा उद्योग विभाग की जसपिंदर कौर ने एमएसएमई अधिनियम के तहत विलंबित भुगतान से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी डॉ. एस.एस. तिवारी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। मंच संचालन हर्षदीप सिंह ने किया।
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कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण और राष्ट्रगान के साथ हुई। एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह सैनी ने स्वागत संबोधन में उद्योग इकाइयों के लिए चलाई जा रही पहलों की जानकारी दी। उद्योग विभाग की पॉलिसी इम्प्लीमेंटेशन यूनिट की हेड विजयेता शर्मा ने आरएएमपी योजना के तहत उपलब्ध सरकारी नीतियों और वित्तीय सहायता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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कार्यशाला में विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के जॉइंट डायरेक्टर अरविक दत्ता ने आईएसआई मार्क प्रमाणन प्रक्रिया और उसके लाभ बताए। इलेक्ट्रिकल विशेषज्ञ राकेश कुमार ने बिजली बिल कम करने के उपायों पर चर्चा की। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के सलाहकार जोगिंदर चाहल ने जेडईडी प्रमाणन के महत्व पर प्रकाश डाला।
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परमजीत सिंह ने एनर्जी ऑडिट के जरिए लागत बचत के उपाय बताए। इसके अलावा उद्योग विभाग की जसपिंदर कौर ने एमएसएमई अधिनियम के तहत विलंबित भुगतान से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी डॉ. एस.एस. तिवारी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। मंच संचालन हर्षदीप सिंह ने किया।