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चंडीगढ़ में नई व्यवस्था: दो मई से एक क्लिक पर मिलेगी संपत्ति पर जुर्माना और बकाया की जानकारी, नहीं लेनी पड़ेगी एनओसी

Fri, 22 Apr 2022 11:36 AM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 22 Apr 2022 11:36 AM IST
सार

डीसी ने स्पष्ट किया कि इस सेवा के शुरू होने के बाद अगर व्यक्ति ने ऑनलाइन देखा और उसे किसी संपत्ति पर एस्टेट ऑफिस की तरफ से कोई बकाया राशि या जुर्माना नहीं दिखाया गया और अगर संपत्ति को खरीदने के बाद नोटिस आ जाता है तो इसमें लोगों की गलती नहीं मानी जाएगी।

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Information about fines on property will available on online in chandigarh
चंडीगढ़ एस्टेट आफिस। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें संपत्ति खरीदने के बाद जानकारी मिलती है कि उस पर पहले से कई तरह के नोटिस व जुर्माने की रकम बकाया है। इस समस्या को खत्म करने के लिए एस्टेट ऑफिस दो मई से एक नई सेवा शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन देख सकेगा कि उसकी संपत्ति पर कौन से नोटिस हैं और कितना जुर्माना बकाया है। इससे एनओसी की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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कैपिटल ऑफ पंजाब (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1952 में संशोधन के मुद्दे पर उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ बीते बुधवार को हुई डीसी की बैठक में संपत्ति से जुड़े कई मामले भी उठे थे। डीसी विनय प्रताप सिंह ने बताया कि दो मई से एस्टेट ऑफिस एक नई व्यवस्था शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत अब कोई भी व्यक्ति अपनी संपत्ति पर नियमों के दुरुपयोग और उल्लंघन से जुड़े नोटिस और जुर्माने की बकाया राशि को ऑनलाइन ही देख सकेगा। 

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संपत्ति खरीदने वालों को होगा फायदा

इससे उन लोगों को काफी लाभ होगा जो किसी संपत्ति को खरीदना चाहते हैं। डीसी ने कहा कि ये दस्तावेज होगा, जिसे लोग डाउनलोड कर फाइल के साथ लगा सकेंगे। डीसी ने स्पष्ट किया कि इस सेवा के शुरू होने के बाद अगर व्यक्ति ने ऑनलाइन देखा और उसे किसी संपत्ति पर एस्टेट ऑफिस की तरफ से कोई बकाया राशि या जुर्माना नहीं दिखाया गया और अगर संपत्ति को खरीदने के बाद नोटिस आ जाता है तो इसमें लोगों की गलती नहीं मानी जाएगी और एस्टेट ऑफिस व संबंधित विभाग के अधिकारी इसके जिम्मेदार होंगे। 

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एस्टेट ऑफिस की इस नई व्यवस्था का शहर के प्रॉपर्टी डीलर, उद्योगपति और व्यापारियों ने स्वागत किया है। बता दें कि वर्तमान में किसी भी संपत्ति पर बकाया राशि का पता करना बहुत कठिन काम है। संपत्ति की खरीद से पहले वकील को फाइल दिखाई जाती है, जो नोटिस व कोर्ट केस की जानकारी देते हैं लेकिन जुर्माने की कितनी राशि बकाया है, इसकी जानकारी नहीं मिल पाती। 

एक केस का हवाला देकर डीसी को कराया अवगत

बुधवार को हुई बैठक में प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन के प्रधान कमल गुप्ता ने एक केस का हवाला देते हुए डीसी को बताया कि सेक्टर-36 में एक 14 मरले की संपत्ति की सेल डीड कराने के बाद संपत्ति खरीदने वाले व्यक्ति को 1.3 करोड़ रुपये का नोटिस आ गया। संपत्ति खरीदने से पहले वकील की रिपोर्ट में यह बकाया राशि नहीं थी। मजबूरन व्यक्ति को 1.3 करोड़ रुपये जमा कराने पड़े। इसके लिए व्यक्ति ने संपत्ति बेच दी और वह गांव जाकर बस गया। उन्होंने सुझाव दिया कि भवनों के दुरुपयोग और उल्लंघन को सब-रजिस्ट्रार के साथ लिंक कर देना चाहिए। हालांकि इस पर डीसी ने कहा कि दो मई से वह सभी संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन कर रहे हैं, इससे सभी तरह की समस्याएं दूर हो जाएंगी।

लोगों से बातचीत 

पारदर्शिता काफी बढ़ जाएगी
डीसी ने कहा है कि दो मई से ऑनलाइन ही संपत्तियों पर बकाया को देख सकेंगे। यह व्यवस्था प्रॉपर्टी डीलर्स के लिए बड़ी राहत से कम नहीं। इस सेवा के शुरू होने के बाद पारदर्शिता काफी बढ़ जाएगी। अभी हमें पता नहीं चल पाता है। ऑनलाइन होने से सबके लिए आसानी हो जाएगी। - कमल गुप्ता, प्रधान, प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन 

प्रशासन का यह कदम स्वागत योग्य 
इससे एस्टेट ऑफिस में पारदर्शिता तो आएगी ही लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा। संपत्ति खरीदते समय लोगों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं, इस सेवा के शुरू होने से उनका समाधान हो जाएगा। खरीदार को पता होगा कि जो संपत्ति वो खरीद रहा है उस पर किस तरह का, और कितना बकाया बाकी है। प्रशासन का यह कदम स्वागत योग्य है। - पंकज खन्ना, अध्यक्ष, इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ चंडीगढ़



देखना होगा, कैसे लागू होता है
अगर ऑनलाइन संपत्तियों के बकाया की जानकारी मिल जाएगी तो इसका काफी फायदा होगा। हालांकि यह देखना होगा कि एस्टेट ऑफिस इसे किस तरह से लागू करेगा क्योंकि संपत्तियों से जुड़े कई मामले बेहद पेचीदा हैं। मुझे लगता है कि जिस तरह से अधिकारियों की तरफ से बताया जा रहा है, वो संभव नही है। - मुकेश गोयल, प्रॉपर्टी कंसल्टेंट, सेक्टर-44

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